देश ही नहीं विदेशों में भी भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को काफी धुमधाम से मनायी जाती है। हो भी क्यों ना...आखिर उनके प्यारे माखनचोर का जन्मदिन जो होता है। इस दिन को खास तरीके से मनाने और कृष्ण भक्ति के रंग में रंग जाने के लिए दूर-दूर से लोग मथुरा और वृंदावन पहुंचते हैं।

अगर आप भी इस साल जन्माष्टमी पर वृंदावन जाने वाले हैं या पहुंच चुके हैं, तो बांके बिहारी के मंदिर में दर्शन करने के बाद मथुरा-वृंदावन के आसपास इन जगहों पर घूम आएं। ये जगहें ज्यादा दूर नहीं हैं। मथुरा-वृंदावन से सिर्फ 150 किमी के दायरे में ही ये जगहें मौजूद हैं।
1. नंदगांव

पौराणिक मान्यता के अनुसार जब मथुरा के राजा कंस ने गोकुल को नष्ट कर दिया तो श्रीकृष्ण के पिता नंदबाबा ने नंद गांव को एक पहाड़ी पर बसाया था। इस गांव में वह अपने पूरे परिवार और बाकी सभी गांववालों के साथ आकर बसे थे। श्रीकृष्ण के भक्तों के लिए यह गांव काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। नंदगाव मथुरा जिले के प्रमुख शहर बरसाना (राधा रानी के गांव) के पास ही स्थित है। नंद गांव नंदीश्वर पहाड़ी पर बसा हुआ है। वृंदावन से इस गांव की दूरी सिर्फ 54 किमी की है।
2. गोवर्धन पर्वत

मथुरा घूमने के आने वाले लोगों को गोवर्धन पर्वत को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए। पौराणिक मान्यता के अनुसार जब भगवान इंद्र का कोप बरसाना और नंदगांव के निवासियों पर बरसा था, तब भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को ही अपनी छोटी ऊंगली पर उठाकर सबको शरण दी थी। इसके बाद से ही गोवर्धन पर्वत की पूजा करने का प्रचलन शुरू हुआ था। मथुरा-वृंदावन से गोवर्धन पर्वत की दूरी महज 22 किमी की है।
3. आगरा

इतने पास तक आए और दुनिया के 7वें आश्चर्य को बिना देखे लौट जाएं, ऐसा कैसे हो सकता है भला। अपनी वृंदावन की ट्रिप में अगर आप एक और शानदार जगह को शामिल करना चाहते हैं तो आगरा जा सकते हैं। मथुरा-वृंदावन से यह शहर सिर्फ 57 किमी दूर है। आगरा में आप ताजमहल के अलावा अंगूरी बाग, पंचमहल और आगरा का शानदार किला भी देख सकते हैं। यकिन मानिए ये जगहें आपको काफी पसंद आएंगी।
4. भरतपुर

राजस्थान का प्रमुख पर्यटन स्थल भरतपुर, जिसे राजस्थान का पूर्वी द्वार भी कहा जाता है। यह शहर राजस्थान के ब्रज क्षेत्र में स्थित है। अगर आपको राजस्थानी परंपराओं को करीब से जानने में रुची है, तो भरतपुर जरूर आए। यह शहर मथुरा-वृंदावन से महज 53 किमी दूर है। भरतपुर में घूमने के लिए केवलादव नेशनल पार्क, लोहागढ़ किला, गंगा मंदिर, लक्ष्मण मंदिर, भरतपुर पैलेस समेत कई और जगहें भी हैं।
5. अलवर

भानगढ़ के हॉन्टेड किले की कहानियां तो आपने जरूर सुनी होगी। अगर उस जगह को देखने की इच्छा भी रखते हैं तो राजस्थान के अलवर आ जाइए। इस जगह पर कई बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग भी हो चुकी है। अगर मथुरा-वृंदावन से आप अलवर आने की योजना बना रहे हैं तो भानगढ़ के भूतिया किला के अलावा, बाबा किला, पांडु पोल, मूसी महारानी की छतरी और मंदिरों को देखने के लिए जा सकते हैं। वृंदावन से अलवर की दूरी 118 किमी है।
6. नोएडा

जी20 शिखर सम्मेलन की वजह से इस समय दिल्ली के अधिकांश जगहों को बंद करके रखा गया है। इसलिए दिल्ली ना जाकर आ नोएडा जा सकते हैं। नोएडा में हर उम्र के लोगों के लिए कुछ ना कुछ मौजूद है। यहां इतिहासप्रेमियों के लिए कई म्यूजियम और ऐतिहासिक स्मारक है तो युवाओं के लिए एम्यूजमेंट पार्क, मॉल, क्लब और एडवेंचर पार्क हैं। नोएडा के डीएलएफ मॉल, द ग्रैंड वेनिस मॉल, स्नो वर्ल्ड और किडजानिया को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें। वृंदावन-मथुरा से इसकी दूरी 135 किमी है।



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