नोएडा से आगरा को जोड़ने लगभग 165 किमी लंबी यमुना एक्सप्रेसवे को दिल्ली-आगरा हाईवे से जोड़ दिया जाएगा। इसे उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ परिषद की परियोजना के तहत जोड़ने का फैसला लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली-आगरा हाईवे से यमुना एक्सप्रेसवे के जुड़ जाने से इस क्षेत्र से होकर आने-जाने वाले लोगों को बहुत फायदा होने वाला है।
बताया जाता है कि एक्सप्रेसवे को हाईवे से जोड़ने के लिए एक 15 किमी लंबी सड़क बनायी जाएगी। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) जल्द ही इस सड़क का निर्माण शुरू करने के लिए भूमि अधिग्रहण का काम शुरू करने वाली है।

कहां पर यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी दिल्ली-आगरा हाईवे?
Times Now की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली-आगरा हाईवे से यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए एक 15 किमी लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा। यह सड़क 6 लेन चौड़ी होगी। यह सड़क यमुना एक्सप्रेसवे के 101 किमी से निकलेगी जो दिल्ली-आगरा हाईवे से जाकर जुड़ जाएगी।
6 लेन चौड़ी यह सड़क यमुना एक्सप्रेसवे को दिल्ली-आगरा हाईवे से मथुरा के छोटे से गांव जैत के पास जोड़ेगी। बताया जाता है कि नई सड़क जैत से शुरू होगी जो वृंदावन के पास रामताल से होकर गुजरेगी। इसके बाद यमुना नदी को पार कर एक्सप्रेसवे से जाकर जुड़ जाएगी।
कितनी होगी लागत?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार यह सड़क उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ परिषद की ₹1,645 करोड़ परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना में वृंदावन के जुगल घाट से जहांगीरपुर तक यमुना नदी पर एक ब्रिज का निर्माण भी किया जाएगा।
इसके अलावा 3000 गाड़ियों को खड़ी कर पाने की क्षमता वाले एक मल्टी-लेवल पार्किंग का निर्माण किया जाएगा, जहां शहर के बाहर से आने वाले पर्यटक अपनी गाड़ियां खड़ी करेंगे। इसके बाद छोटी गाड़ियां किराए पर लेकर शहर में घूमने निकल सकेंगे। इससे वृंदावन जैसे धार्मिक शहरों में ट्रैफिक जाम की परेशानियां कम होगी।
क्या होगा इससे फायदा?
दिल्ली-आगरा हाईवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली सड़क को बनाने से सबसे ज्यादा फायदा वृंदावन जाने वाले तीर्थ यात्रियों को होगा। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले पर्यटक व तीर्थ यात्री बिना ज्यादा ट्रैफिक और जाम को झेले सीधे वृंदावन में प्रवेश कर सकेंगे।
इसके अलावा इस लिंक रोड का फायदा पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार और दूसरे राज्यों से आगरा होकर मथुरा और वृंदावन तक आने-जाने वाले पर्यटकों को भी होगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस परियोजना को पूरा होने में लगभग 3 सालों का समय लग सकता है।
दूसरी तरफ राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ₹150 करोड़ अयोध्या और वाराणसी की तरह वृंदावन में भी एक कॉरिडोर के निर्माण के लिए आवंटित किया है। इस कॉरिडोर से होकर श्रद्धालु बांके बिहारी मंदिर तक आसानी आ-जा सकेंगे।



Click it and Unblock the Notifications















