अयोध्या के राम मंदिर में रामलला अथवा बालक राम की स्थापना के बाद इस साल दूसरा राम नवमी का उत्सव मनाया जाएगा। इसकी तैयारियां पूरे जोर-शोर से की जा रही हैं। राम मंदिर परिसर को फूलों से सजाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसके साथ ही दोपहर के ठीक 12 बजे जब राम लला का प्राकट्य उत्सव मनाया जाएगा, ठीक उस समय...
विशेष तकनीक की मदद से भगवान सूर्य की किरणें रामलला के मस्तक को चूमेंगी और उनका सूर्य तिलक करेगी। इसके साथ ही राम मंदिर के बाकी बचे हुए निर्माण कार्य को भी तेजी से पूरा करने का काम भी चल रहा है। मीडिया से बात करते हुए राम मंदिर के वास्तुकार चंद्रकात सोमपुरा ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी है।

राम मंदिर का निर्माण मात्र 5% बाकी
दैनिक जागरण की मीडिया रिपोर्ट में चंद्रकांत सोमपुरा के हवाले से बताया गया है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि में बन रहे मंदिर का निर्माण कार्य अब मात्र 5% ही बाकी है। वहीं मंदिर के मुख्य शिखर का निर्माण भी लगभग 80% पूरा हो चुका है। सोमपुरा के मुताबिक राम मंदिर का उद्घाटन जनवरी 2024 को किया गया था।
उसके बाद से लगभग डेढ़ साल का वक्त बीत चुका है और इतने समय के दौरान दूसरी और तीसरी मंजिल, गुंबद और मंदिर के बाकी हिस्सों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। मंदिर के मुख्य शिखर का जितना निर्माण बाकी है उसे अगले डेढ़ महीने में पूरा कर लिया जाएगा।
कब बनकर पूरा तैयार होगा राम मंदिर?
सोमपुरा ने उम्मीद जतायी है कि जून के पहले सप्ताह तक राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद जून के महीने में ही श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर के दूसरे तल में राम दरबार की स्थापना और सम्पूर्ण राम मंदिर की स्थापना का शुभ मुहूर्त तय कर सकेगा। बताया जाता है कि मंदिर परिसर में विष्णु पंचायत मंदिर, कॉरिडोर में शिव, गणेश व अंबाजी के मंदिर भी स्थापित होंगे।
मंदिर के दूसरे तल में स्थापित होगा राम दरबार
मीडिया से बात करते हुए सोमपुरा ने बताया कि राम मंदिर के दूसरे तल में राम दरबार को स्थापित किया जाएगा, भगवान राम अपने चारों भाईयों संग स्थापित होंगे। यहां स्थापित होने वाली हर मूर्ति का आकार 4 से 5 फीट के बीच में होगा। राम दरबार में भगवान राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, माता जानकी और परम भक्त हनुमान की सफेद संगमरमर से बनी मूर्तियां स्थापित होंगी।
इन मूर्तियों को अभी जयपुर में तराशा जा रहा है। बताया जाता है कि 15 अप्रैल तक ये मूर्तियां अयोध्या पहुंच जाएंगी। राम दरबार को देखकर बिल्कुल ऐसा ही लगेगा मानो राजा राम अपने चारों भाई, महारानी सीता और परम भक्त हनुमान के साथ विराजमान हैं।

450 स्तंभों पर उकेरी जा रही हैं 16 मूर्तियां
मीडिया से बात करते हुए चंद्रकांत सोमपुरा ने बताया कि राम मंदिर के दूसरे तल में जिस राम दरबार का निर्माण किया जा रहा है, उसमें बंसीपहाड़पुर के पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है जबकि फर्श के निर्माण मकराना संगमरमर से किया जाएगा।
राम दरबार में लगभग 450 स्तंभों का निर्माण किया जाएगा और हर एक स्तंभ में 16 अलग-अलग दिशाओं में देवी-देवाताओं की मूर्तियां उकेरी जाएंगी। यानी 450*16, लगभग 7200 मूर्तियां राम दरबार में उकेरी जाएंगी। राम दरबार का निर्माण ठीक उसी तरह से किया जा रहा है जैसा शिव शास्त्र में उल्लेख किया गया है।
प्रथम तल (रामलला के मंदिर) से दूसरे तल (राम दरबार) में आने-जाने के लिए 14 से 16 फुट चौड़ी सीढ़ियां बनायी गयी हैं। इसके अलावा दिव्यांगों के आने-जाने के लिए लिफ्ट की व्यवस्था भी की गयी है। राम मंदिर के तीसरे तल में कोई मूर्ति स्थापित नहीं होगी। सोमनाथ मंदिर की तरह यह राम मंदिर का अंतिम मंजिल होगा, जहां श्रद्धालु नहीं जा सकेंगे।



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