राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक ओर जहां खतरनाक प्रदूषण की वजह से परेशान है वहीं दूसरी ओर दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या भी गंभीर बनती जा रही है। लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए दो बड़ी परियोजनाओं के तहत आनंद विहार अप्सरा बार्डर फ्लाईओवर और पंजाबी बाग फ्लाईओवर का निर्माण किया गया।
दोनों फ्लाईओवर का निर्माण पूरा हो चुका है और गाड़ियां भी इससे होकर आवाजाही तो कर रही हैं लेकिन आधिकारिक रूप से इनका अभी तक उद्घाटन नहीं किया गया है। ऐसे में आशंका जतायी जा रही है कि अगर आधिकारिक रूप से इन दोनों फ्लाईओवर का उद्घाटन नहीं किया जाता है तो किसी भी दिन इन पर यातायात को अवरुद्ध भी कर दिया जा सकता है।

इन दोनों फ्लाईओवर के शुरू नहीं होने की वजह से आम जनता को काफी दिक्कतें भी हो रही है क्योंकि उद्घाटन से पहले ही रास्तों को डायवर्ट कर दिया गया है। पर क्यों इन दोनों फ्लाईओवर का उद्घाटन नहीं किया जा रहा है? क्या है बाधा?
पंजाबी बाग हो या आनंद विहार, दिल्ली के दोनों इलाके भी काफी ज्यादा भीड़भाड़ वाले क्षेत्र हैं। News18 की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पंजाबी बाग में 1054 मीटर (1.54 किमी) लंबा फ्लाईओवर बनाया गया है, जो रोहिणी, पीतमपुरा और शालीमार बाग से रिंग रोड होकर वेस्ट दिल्ली या नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली जाने वाले लोगों के लिए है। इस फ्लाईओर पर आधिकारिक रूप से ट्रैफिक शुरू हो जाने के बाद धौला कुआं से आजादपुर मंडी तक रिंग रोड पर करीब 17 किमी का हिस्सा सिग्नल फ्री कर दिया जाएगा।
इस फ्लाईओवर को बनाने में पंजाबी बाग क्लब के पास मौजूद 500 मीटर लंबे और 2 लेन वाले फ्लाईओवर को भी तोड़ दिया गया था। इस फ्लाईओवर के निर्माण का काम सितंबर 2022 में शुरू हुआ था और अब यह पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। लेकिन अभी तक इसका उद्घाटन नहीं हो सका है। क्यों?

दूसरी ओर मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार आनंद विहार बस अड्डे से अप्सरा बार्डर गाजीपुर रोड तक लगभग 6.5 किमी के क्षेत्र में लगभग 1.7 किमी लंबा फ्लाईओवर बनकर तैयार हो चुका है। यह फ्लाईओवर भी पूरी तरह से सिग्नल फ्री है लेकिन इसे भी अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है। बताया जाता है कि इस फ्लाईओवर के शुरू होने के बाद विवेक विहार और सूर्य नगर क्रॉसिंग के दोनों सिग्नलों को बंद कर दिया जाएगा।
उम्मीद की जा रही है कि इस फ्लाईओवर के शुरू हो जाने से लगभग डेढ़ लाख वाहनों को फायदा होगा। बताया जाता है कि इस फ्लाईओवर के बन जाने से अप्सरा बॉर्डर से एनएच-24 पर पड़ने वाले गाजीपुर चौक तक के क्षेत्र को भी सिग्नल फ्री कर दिया जाएगा। लेकिन यह फ्लाईओवर भी आधिकारिक रूप से उद्घाटन की बाट जोह रहा है। ऐसा क्यों?
अमर उजाला की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इन दोनों फ्लाईओवरों का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा करवाया गया है और इन फ्लाईओवर पर ट्रायल के तौर पर अभी यातायात का संचालन किया जा रहा है। पर अब तक क्यों नहीं हो सका है उद्घाटन? मीडिया रिपोर्ट में किये गये दावों को अगर सच मानें तो इन दोनों फ्लाईओवर के उद्घाटन में सबसे बड़ी बाधा पेड़ हैं।
दरअसल, दावा किया जा रहा है कि इन दोनों फ्लाईओवर के रास्ते में कई पेड़ थे, जिन्हें वन विभाग हटाने में देरी कर रहा था। हालांकि बाद में सभी पेड़ों को वहां से हटा दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट में PWD के अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि जल्द ही इन दोनों फ्लाईओवर के आधिकारिक रूप से उद्घाटन की फाइल राज्य सरकार के पास भेजी जाएगी। संभावना जतायी जा रही है कि दिल्ली विधानसभा चुनावों के पहले इन फ्लाईओवरों का आधिकारिक रूप से उद्घाटन कर दिया जा सकता है।



Click it and Unblock the Notifications














