कांवड़ यात्रा 22 जुलाई से शुरू हुई है, जो 2 अगस्त तक चलेगी। इस दौरान दिल्ली, नोएडा आदि क्षेत्रों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार के लिए पैदल कांवड़ यात्रा शुरू करते हैं। इस साल 15-20 लाख श्रद्धालुओं के कांवड़ यात्रा पर जाने की उम्मीद है। तीर्थयात्रियों की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली और नोएडा की ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है, जिसमें खास तौर पर वाहन चालकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गयी है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे बंद
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर यातायात में महत्वपूर्ण बदलाव किए गये हैं। 22 जुलाई से 2 अगस्त तक एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह प्रतिबंध 5 अगस्त को सुबह 8 बजे तक जारी रहेगा। इस कदम का उद्देश्य कांवड़ियों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाना और तीर्थयात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
कई रास्तों को किया गया डाइवर्ट
- रास्ते में कई जगहों पर डायवर्जन भी किए जाएंगे। तुलसी निकेतन, आनंद विहार, सीमापुरी से गाजियाबाद की ओर जाने वाले वाहनों को चौधरी चरण सिंह मार्ग से यूपी गेट और एनएच-9 की ओर मोड़ा जाएगा। तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने और भीड़भाड़ को रोकने के लिए ये डायवर्जन बहुत महत्वपूर्ण हैं।
- हरिद्वार, अमरोहा, मुरादाबाद और लखनऊ की ओर जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग सुझाए गए हैं। इन क्षेत्रों से यातायात को एनएच-9 और डासना और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जैसे अन्य प्रमुख चौराहों से डायवर्ट किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि नियमित यात्रियों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
- बागपत से दिल्ली की ओर आने वाले वाहनों को ट्रोनिका सिटी या सोनिया विहार की ओर मोड़ दिया जाएगा।
- हापुड़ और बुलंदशहर की ओर से गाजियाबाद की ओर जाने वाले वाहनों को एनएच-9 की ओर मोड़ दिया जाएगा।
- गौर ग्रीन, खोड़ा, कालापत्थर, सेक्टर 62, छिझरसी और कानावानी से इंदिरापुरम वाया एनएच-9 से ट्रकों के प्रवेश को प्रतिबंधित किया गया है।
- किसी भी ट्रक को गंगानहर पत्री कांवड़ रोड, पाइपलाइन रोड, एनएच - 34 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है।

कांवड़ अस्थायी शिविर और सुविधाएं
कांवड़ यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एनएच-9 और डीएमई के किनारे अस्थायी शिविर बनाए गये हैं। इन शिविरों में आराम करने की जगह और चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब तक कांवड़ शिविर बनाने के 214 आवेदनों में से 116 शिविर बनाए जा चुके हैं।
नोएडा ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी
- भारी वाहनों को मोहन नगर से एनएच-24 की तरफ मोड़ दिया जाएगा।
- HTV को वजिराबाद वाया भोपुरा या अप्सरा बॉर्डर होकर जीटी रोड की तरफ जाने की अनुमति नहीं है।
- HTV (सिटी बसों को छोड़कर) को जीटी रोड से शाहदरा और वजिराबाद रोड की ओर जाने की अनुमति नहीं है।
- आउटर रिंग रोड पर जीटी कर्नाल रोड से HTV को सीधी एनएच-24 की ओर मोड़ दिया जाएगा।



Click it and Unblock the Notifications














