9 जून को नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनजर राजधानी दिल्ली को अगले कुछ दिनों के लिए हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दिल कर दिया गया है। प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में कई देशों के प्रतिनिधिमंडल समेत SAARC देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होने वाले हैं।
जमीन से लेकर आसमान तक दिल्ली की सुरक्षा को अभेद्य बनाया गया है। राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा व्यवस्था को भी चाक चौबंद किया गया है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने एक आदेश जारी करते हुए दिल्ली को दो दिनों के लिए नो फ्लाइंग जोन घोषित किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनजर शपथ ग्रहण समारोह की सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपीजी, राष्ट्रपति के सुरक्षा गार्ड, आईटीबीपी, दिल्ली पुलिस, खुफिया विभाग की टीमें, अर्द्ध सैनिक बल के जवान, एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो और एनडीआरएफ की टीमें मौजूद रहेंगी।
बताया जाता है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए घुसपैठ चेतावनी प्रणाली और फेस आइडेंटिफिकेशन की AI तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। खुफिया जगहों व ऊंची इमारतों पर स्नाइपर्स की तैनाती की जाएगी। G-20 सम्मेलन के दौरान जिस स्तर की सुरक्षा प्रणाली को अपनाया गया था, इस शपथ ग्रहण समारोह में भी उसे ही अपनाया जाने वाला है।
इसी वजह से 9 और 10 जून को दिल्ली को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने अपने आदेश में कहा कि सीआरपीसी की धारा 144 द्वारा उन्हें प्राप्त शक्ति का प्रयोग करते हुए शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनजर दिल्ली के हवाई क्षेत्र में 9 व 10 जून को उड़ान निषेध किया गया है। इसका उल्लंघन करना भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंडनीय अपराध होगा।
मीडिया रिपोर्ट्स में किये गये दावों के मुताबिक शपथ ग्रहण समारोह में लगभग 9000 मेहमान शामिल होने वाले हैं। बताया जाता है कि शपथ ग्रहण समारोह को ध्यान में रखकर शहर के लीला, ताज, आईटीसी मौर्या, क्लेरिजेस और ओबेरॉय जैसे 5 और 7 स्टार होटल्स को सुरक्षा के घेरे में ले लिया गया है।

किन चीजों पर लगी रोक?
- पैरा ग्लाइडर
- पैरा-मोटर
- हैंग ग्लाइडर
- UAV और UAS
- माइक्रोलाइट विमान
- दूर से संचालित विमान
- हॉट एयर बलून
- छोटे आकार के विमान
- विमानों से पैरा जंपिंग
- क्वॉडकॉप्टर



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