सुन्दरता सिर्फ फूलों में ही नहीं बसती बल्कि कांटे भी खूबसूरत होते हैं। इसी बात को साबित करता है कैक्टस गार्डन। दिल्ली का दूसरा और दिल्ली नगर निगम का पहला कैक्टस गार्डन तैयार किया जा रहा है। केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के साथ मिलकर शाहदरा इलाके में इस कैक्टस गार्डन को बनाने का फैसला लिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दिल्ली के इस कैक्टस गार्डन को 50.48 लाख रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार इस गार्डन को दिल्ली आईपी एक्सटेंशन में देशबंधु अपार्टमेंट के पास 1.45 एकड़ के क्षेत्र में तैयार किया जा रहा है। गार्डन में आपको एक या दो नहीं बल्कि कम से कम 15-20 अलग-अलग प्रजातियों के कैक्टस के पौधे देखने को मिलेंगे। दिल्ली नगर निगम के एक अधिकारी के अनुसार गार्डन में न सिर्फ तापमान बल्कि पानी के सिस्टम को भी कंट्रोल किया जाएगा। संभावना है कि इस साल सितंबर तक यह गार्डन पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।
कौन-कौन सी प्रजातियों के होंगे कैक्टस

कैक्टस गार्डन में कम से कम 15 प्रजातियों के लगभग 1320 कैक्टस के पौधे लगाए जाएंगे। इनमें 550 पौधे ग्राफ्टेड आर्डिनरी हेलियो कैक्टस के, 200 पौधे कलर्ड ग्राफ्टेड आर्डिनरी हेलियो कैक्टस, 20 पौधे फेरलो कैक्टस के, 50 पौधे मेलो कैक्टस विद कैप और 500 पौधे कैक्टस ऑन रूट के होंगे। पार्क में अगर इन कांटों की सुन्दरता को निहारना हो या इन कांटेदार खूबसूरत पौधों के बीच कुछ देर समय बिताना चाहते हैं तो उसके लिए लगभग 10 बेंचों की व्यवस्था भी होगी।

कैक्टस गार्डन का मतलब यहां सूखा या बंजर जमीन नहीं बल्कि हरियाली भी होगी। दरअसल, इस पार्क में 10X10 मीटर की उच्च तकनीक वाली पॉली हाउस बनायी जा रही है। पॉली हाउस तापमान व जल नियंत्रण प्रणाली से लैस होगा। इसके साथ ही पार्क की हरियाली में कोई कमी न आए, इसे सुनिश्चित करने के लिए घास के लॉन भी विकसित किये जा रहे हैं। इसके साथ ही यहां पौधों की झाड़ियां भी होंगी, जो हरियाली को कई गुना बढ़ा देगी। पार्क में विभिन्न प्रकार के पेड़ लगाए जाएंगे, जो छाया देने के साथ-साथ मौसम को ठंडा रखने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस पार्क की सुन्दरता को बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के रॉक आर्ट और प्लांट गैलरी तैयार की जाएगी जिसमें ऐसे पौधों को रखा जाएगा जो सूखे वातावरण में अच्छी तरह से जीवित रह पाते हैं।



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