दिल्ली में गुलाबी सर्दी ने दस्तक दे दी है। सुबह और रात के वक्त हल्की-हल्की ठंड लगने लगी है। दुर्गा पूजा भी खत्म हो चुका है और दीवाली तक दिल्ली का मौसम काफी सुहावना भी बन जाता है। लेकिन सर्दियों के शुरू होने के साथ ही दिल्ली की मुसीबतें भी बढ़ने लगती हैं। सर्दियों के शुरुआत होते ही दिल्ली की हवा में जहर घुलने लगती है।
नतीजा यह हुआ कि दिल्ली सरकार ने अब वह फैसला लिया है, जिससे दिल्लीवासी मायूस हो गये हैं। लेकिन अगर दिल्ली की सेहत को ध्यान में रखना है तो कड़े कदम उठाने ही पड़ेंगे।

पिछले दिनों दशहरा और विजयादशमी के मौके पर दिल्ली में जगह-जगह रावण का पुतला जलाया गया और इस दौरान जमकर आतिशबाजी भी हुई। शनिवार को दिल्ली में औसत वायु की गुणवत्ता (AQI) जो 155 पर था, रविवार को 224 के पार पहुंच गया। इसे खराब हवा की श्रेणी में रखा जाता है।
इसके साथ ही पिछले दिनों दिल्ली में पराली जलाने की शिकायतें भी आयी थी। सर्दियों के मौसम में राष्ट्रीय राजधानी में हवा की रफ्तार भी धीमी पड़ जाती है, जिस वजह से हवा की गुणवत्ता लगातार खराब श्रेणी में पहुंच जाती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए दिल्ली की आतिशी सरकार ने इस साल पटाखों पर पूर्ण रूप से बैन लगाने का फैसला लिया है।
जनसत्ता की एक रिपोर्ट में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के हवाले से बताया गया कि इस साल पटाखों पर बैन को सख्ती से लागू किया जाएगा जिसके लिए दिल्ली पुलिस, डीपीसीसी और राजस्व विभाग को सख्त हिदायतें दी गयी है। बताया जाता है कि दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रण में रखने और उसे बढ़ने से रोकने के लिए पटाखों की खरीद-बिक्री, भंडारण, ऑनलाइन बिक्री आदि पर 1 जनवरी तक पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। इसके साथ रेस्तरां और होटलों में कोयला और लकड़ी जलाने पर भी रोक लगायी गयी है, ताकि वहां से भी धुआं न फैलने पाए।

बता दें, पिछले साल 6 अक्तूबर को दिल्ली में वायु प्रदूषण 200 AQI का आंकड़ा पार कर गया था। लेकिन इस साल 6 दिन बाद यानी 13 अक्तूबर को यह स्थिति बनी। इसका मतलब है कि दिल्ली वालों को पिछले साल के मुकाबले 6 दिन अधिक शुद्ध हवा मिली।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आम नागरिकों को जो निर्देश दिये वो निम्न हैं :
- कार, बाइक, स्कूटर आदि वाहनों के इंजन दुरुस्त रखें। वाहनों के टायरों में हवा का सही दबाव बनाए रखें।
- वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) को अपडेट रखें।
- रेड सिग्नल पर गाड़ी का इंजन बंद कर दें।
- खुली जगहों पर न तो कचड़ा फेंके और न फेंके हुए कचड़े में आग लगाएं।
- 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल के वाहन न चलाएं।
- होटल, रेस्तरां में खुले में तंदूर या कोयला का चुल्हा जलाना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है।
बता दें, रविवार को पुलिस ने दिल्ली के कई इलाकों से 1300 किलो से अधिक अवैध पटाखों को जब्त किया और इस मामले में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार भी किया गया है।



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