पिछले कुछ दिनों से राजधानी दिल्ली में बढ़े प्रदूषण की वजह से लोगों की सांसे अब फूलने लगी है। सुबह का समय पूरी दिल्ली स्मॉग में लिपटी दिखाई देती है। AQI के खतरनाक स्तर पर पहुंच जाने की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कतें तो हो ही रही हैं, साथ ही लोगों की आंखों में जलन जैसी समस्याएं भी लगातार बनी हुई है। शुक्रवार को राजधानी दिल्ली समेत NCR क्षेत्र का AQI बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है।
दिवाली की रात को जले पटाखों के धुएं से फैले प्रदूषण से अभी दिल्ली वाले उभर भी नहीं पाए थे कि अब छठ पूजा के फोड़े गये पटाखों की वजह से दिल्ली की हवा को और भी जहरीली बन गयी है।

लगातार खतरनाक बना हुआ है AQI
दिल्ली-NCR में वायु की गुणवत्ता का मानक स्तर लगातार खराब बना हुआ है। दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को दिल्ली का औसत AQI 377 रहा, जबकि एक दिन पहले का औसत AQI 352 था। इसके साथ ही सबसे ज्यादा चिंता का कारण दिल्ली के वो इलाके बन गये हैं, जिनका AQI शाम 6 बजे के बाद 400 के पार पहुंच जाता है।
दिल्ली के ऐसे 16 इलाके हैं, जहां शाम के बाद AQI 400 के पार पहुंच जा रहा है। इनमें आनंद विहार, अशोक विहार, बवाना, मुंडका, जहांगीरपुरी, वजीरपुर, ओखला फेज 2, पंजाबी बाग, रोहिणी, सोनिया विहार, पटपड़गंज आदि शामिल हैं।
नोएडा का AQI 696 पर पहुंचा
मीडिया रिपोर्ट्स में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के हवाले से बताया गया है कि शुक्रवार की सुबह NCR क्षेत्र के नोएडा सेक्टर-1 का AQI 696 पर पहुंच गया है। वहीं दिल्ली के आनंद विहार का AQI 427 रहा।

कहां-कितना रहा AQI
| इलाका | AQI |
| नोएडा सेक्टर -1 | 696 |
| आनंद विहार | 427 |
| ITI शारदा | 359 |
| ओखला दिल्ली | 342 |
| वजीरपुर | 340 |
| मेजर ध्यानचंद स्टेडियम | 327 |
गुड़गांव में करवायी गयी कृत्रिम बारिश
दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण के स्तर को लेकर एक तरफ जहां पर्यावरणविद चिंता जाहिर कर रहे हैं और क्लाउड सिडिंग के जरिए कृत्रिम बारिश करवाने के बारे में विचार किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर गुड़गांव के सेक्टर-82 में स्थित डीएलएफ परिसर में कृत्रिम बारिश करवायी गयी।
उम्मीद जतायी जा रही है कि इससे वायु प्रदूषण के स्तर में थोड़ी कमी आ सकती है। बता दें, क्लाउड सिडिंग के जरिए होने वाली बारिश की बूंदें सामान्य बारिश की बूंदों से थोड़ी मोटी होती है, जो अपने साथ हवा में तैर रहे धूल के महीन कणों को जमीन पर लेकर आती है। इससे हवा की गुणवत्ता में सुधार की संभावना बनती दिखाई देती है।
दिल्ली में ड्रोन से नियंत्रित होगा प्रदूषण
दिवाली के बाद से दिल्ली में बढ़े प्रदूषण के स्तर पर नियंत्रित करने के लिए अब मिस्ट स्प्रे ड्रोन का इस्तेमाल करने की योजना बनायी गयी है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली सरकार 3 मिस्ट स्प्रे ड्रोन किराए पर लेने जा रही है। ये ड्रोन से पानी का छिड़काव करने के लिए 13 प्रदूषित स्थलों को चिह्नित किया गया है। इससे धूल-कण नीचे बैठ जाएंगे और पार्टिकुलेट मैटर (PM) की मात्रा को कम करने में मदद मिलती है।
नवभारत लाइव की एक रिपोर्ट में दिल्ली के पर्यावरण विभाग के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में 15 दिनों तक परीक्षण के तौर पर ड्रोन से पानी का छिड़काव किया जाएगा, जिसके लिए एक वेंडर को नियुक्त किया जाएगा। अगर यह प्रयोग सफल रहा और परिणाम संतोषजनक हुए तो ड्रोन की संख्या और अवधि को बढ़ाया जाएगा।



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