दिवाली का 5 दिवसीय त्योहार आज (29 अक्तूबर) को धनतेरस के साथ शुरू हो रहा है। हर तरफ पटाखों की गुंज सुनाई दे रही है। लेकिन इस बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से डराने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स में किये गये दावों की मानें तो पिछले 8 सालों में दिल्ली में सबसे ज्यादा खतरनाक स्तर पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पहुंच गया है।
इसकी प्रमुख वजह पराली जलाने के मामलों में आयी वृद्धि को माना जा रहा है। वहीं मौसम विभाग से जुड़े एक अधिकारी का दावा है कि दिल्ली में प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुंच जाने के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार है।

पिछले 8 सालों में सबसे ज्यादा AQI
मिली जानकारी के अनुसार अभी तक दिवाली का जश्न शुरू नहीं हुआ है, पटाखे अधिक मात्रा में जलाए भी नहीं जा रहे हैं। इसके बावजूद दिल्ली की हवा खतरनाक स्तर तक जहरीली हो चुकी है। बताया जाता है कि इस साल राजधानी दिल्ली की हवा पिछले 8 सालों में सबसे ज्यादा प्रदूषित हो गयी है। इससे पहले वर्ष 2016 में दिवाली से एक दिन पहले दिल्ली का AQI 400 के स्तर को पार कर गया था। मंगलवार की सुबह लगभग 8.30 बजे दिल्ली का AQI 323 दर्ज किया गया जो गंभीर स्तर का माना जाता है।
पाकिस्तान को ठहराया गया जिम्मेदार
मीडिया से बात करते हुए उत्तर प्रदेश नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी डीके गुप्ता ने वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में एक ही दिन में वायु की गुणवत्ता काफी ज्यादा खराब हो गयी है। इसके लिए पड़ोसी देश पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि पाकिस्तान में पराली जलाने की घटनाओं में काफी वृद्धि हुई है और धुआं सीमा पार से दिल्ली पहुंच रहा है, जिस कारण यहां की वायु गंभीर रूप से प्रदूषित हो रही है। वहीं पाकिस्तान में भी इस वक्त प्रदूषण की मात्रा अत्यधिक गंभीर की सीमा से काफी ज्यादा बढ़ चुकी है। बताया जाता है कि सीमा से लगभग 25 किमी दूर लाहौर में सोमवार को AQI 500 को पार कर गया था।
पड़ोसी राज्यों में बढ़ी पराली जलाने की घटनाएं
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले कुछ समय में दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से जुड़े काफी मामले सामने आ रहे हैं। पराली जलाने के सबसे ज्यादा मामले पंजाब से आए हैं। यहां 1749 मामले सामने आ चुके हैं। इसके बाद हरियाणा से जहां 689 मामले, उत्तर प्रदेश 849 मामले, राजस्थान में 442 मामले सामने आ चुके हैं। किसानों द्वारा अपने खेतों में लगातार पराली जलाने की वजह से दिल्ली की हवा प्रदूषित हो रही है और दिल्ली समेत पूरा एनसीआर गैस चेंबर में तब्दील हो गया है। इसके साथ ही लोगों को सांस लेने से संबंधित परेशानियां भी हो रही हैं।

कहां कितना है AQI?
| इलाका | AQI |
| मुंडका | 338 |
| वजीरपुर | 309 |
| पंजाबी बाग | 289 |
| द्वारका सेक्टर-8 | 269 |
| रोहिणी | 291 |
| आरके पुर | 297 |
| जहांगीरपुर | 306 |
| मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम | 309 |
| सोनिया विहार | 313 |
NGT ने दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजा
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा उठाए गये कदमों को लेकर जवाब तलब की है। NGT का कहना है कि वाहनों से होने वाला प्रदूषण वायु प्रदूषण का प्रमुख कारक है। वहीं AIIMS के डॉक्टरों का मानना है कि आम दिनों की तुलना में दिल्ली में सांस से संबंधित बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गयी है। सांस की बीमारियों से जुझते मरीजों की संख्या में करीब 30 से 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है।



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