गणेश चतुर्थी की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। दिल्ली हो या मुंबई हर जगह गणपति बाप्पा के जयकारों के साथ प्रतिमाएं पंडालों में पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। इस साल दिल्ली में ही मिलने वाले है 'लालबाग चा राजा' के दर्शन।
जी हां, मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग चा राजा, जिनका दर्शन करने के लिए कई बार 24 से 48 घंटों तक का लाइन लग जाता है, के दर्शन आप दिल्ली में ही कर सकेंगे। पर दिल्ली में कहां मिलेंगे मुंबई के 'लालबाग चा राजा' के दर्शन?

दिल्ली-एनसीआर में होंगे लालबाग चा राजा के दर्शन
दिल्ली में आयोजित होने वाले गणेश महोत्सव में मिलेंगे लालबाग चा राजा के दर्शन। इस बात की घोषणा सांसद मनोज तिवारी ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान की। उन्होंने बताया कि देशभर से लोग गणेशोत्सव के दौरान खासतौर पर लालबाग चा राजा के दर्शन करने के लिए ही मुंबई आते हैं।
इससे पहले साल 2015 में भी हम दिल्ली में लालबाग चा राजा को लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि हम दिल्ली और एनसीआर के सभी लोगों से इस महोत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। इस महोत्सव के बारे में सांसद ने बताया कि 7 से 16 सितंबर तक गणेश महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।

शानदार होगा पंडाल
सांसद मनोज तिवारी ने इस महोत्सव के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि गणेश महोत्सव का पंडाल करीब 6,00,000 वर्ग फीट के क्षेत्र में तैयार किया जाएगा, जिसका फर्श लकड़ी का होगा। इसमें एक बार में लगभग 5,00,000 लोग खड़े हो सकेंगे। इस मौके पर उपस्थित लालबाग चा राजा ट्रस्ट के चेयरमैन राकेश बिंदल ने बताया कि इस महोत्सव में विशाल झुले समेत और भी कई आकर्षण होंगे।
यहां शाम के वक्त सांस्कृतिक और संगीत कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनका श्रद्धालु आनंद उठा सकेंगे। उन्होंने इस महोत्सव में 1,00,000 से 5,00,000 श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना व्यक्त की है। अगर आप भी यहां लालबाग के राजा के दर्शन करने जाने की योजना बना रहे हैं, तो दिल्ली के स्ट्रीट फूड के स्टॉल्स पर चाट और दूसरे व्यंजनों का स्वाद चखना मत भूलिएगा।

कहां होगा गणेश महोत्सव
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में आयोजित होने वाला गणेश महोत्सव DDA ग्राउंड, संत निरंकारी समागम, बुरारी में 7 से 16 सितंबर तक आयोजित होने वाला है। पंडाल को मेट्रो स्टेशन के पास ही बनाया गया है, जिससे दर्शनार्थियों को यहां पहुंचने में ज्यादा परेशानी न हो। जिस तरह मुंबई में लालबाग चा राजा की मूर्ति तैयार की गयी है, ठीक उसी तरह की भगवान गणेश की मूर्ति भी यहां स्थापित की जाएगी।
सिर्फ इतना ही नहीं, भगवान गणेश की इस प्रतिमा का निर्माण इको-फ्रेंडली तरीके से किया गया है, जिसे पंडाल के पास विशेष रूप से बनाए गये गड्ढे में ही विसर्जित किया जाएगा। मूर्ति को रंगने के लिए भी इको-फ्रेंडली रंगों का ही इस्तेमाल किया गया है, ताकि रसायनीक रंगों की वजह से पानी प्रदूषित न हो।



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