उत्तर भारत में दीवाली के दूसरे दिन जमघट मनाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इस दिन पतंग उड़ाना, मित्रों के साथ घूमना और घर पर विभिन्न खेलों के माध्यम से एन्जॉय करने की परंपरा है। इस साल दो दिन का जमघट पड़ेगा। लेकिन इससे पहले आपको मालूम होना चाहिए कि दीवाली कब है।
तो आइये लखनऊ के ज्योतिषाचार्य से जानते हैं दीवाली के सभी पर्वों से जुड़ी तिथियां।

लखनऊ विश्वविद्यालय के ज्योतिर्विज्ञान विभाग में प्रवक्ता डॉ. अनुज के शुक्ला ने नेटिवप्लैनेट से बातचीत में दीवाली के पांचों पर्वों की तिथियां विस्तार से बतायीं।
2024 में धनतेरस कब है?
दीपावली का पर्व 5 दिनों का होता है, जिसकी शुरुआत धनतेरस से होती है और भाई दूज को समापन होता है। तमाम लोग धनतेरस के दिन लक्ष्मी माता का आह्वाहन करते हैं तो कई लोग इस दिन दीये जलाकर भगवान के स्वागत की तैयारी करते हैं। डॉ. अनुज शुक्ल के अनुसार धनतेरस का पर्व हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है। 2024 में धनतेरस का पर्व दिन मंगलवार 29 अक्टूबर 2024 को मनाया जाएगा। त्रयोदशी तिथि सुबह 10:48 बजे से शुरू होगी जो अगले दिन दोपहर 1:15 बजे तक रहेगी।
2024 में छोटी दीवाली/नरक चतुर्दशी कब है?
हिन्दी पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि 30 अक्टूबर 2024 को दोपहर 1:16 मिनट से लगेगी जो कि अगले दिन दोपहर 3:52 बजे तक रहेगी। यानी कि 30 अक्टूबर को ही छोटी दीवाली अथवा नरक चतुर्दशी मनायी जायेगी। इस दिन तमाम घरों में एक दीया यम के नाम का जलाया जाता है, जिसका मुख दक्षिण दिशा में होता है।
2024 में दीवाली/लक्ष्मी पूजन कब है?
दीवाली पूजन अथवा लक्ष्मी पूजन अमावस्या की रात को किया जाता है। डॉ. शुक्ल के अनुसार इस वर्ष अमावस्या तिथि 31 अक्टूबर दोपहर 3:53 बजे से शुरू होगी और अगले दिन शाम 6:15 बजे तक रहेगी। चूकि लक्ष्मी पूजन शाम को ही होता है इसलिए दीवाली 31 अक्टूबर को मनायी जायेगी। 31 अक्टूबर को ही लक्ष्मी पूजन के मुहूर्त भी हैं। जो लोग 1 नवंबर को दीवाली मनाना चाहते हैं, उन्हें लक्ष्मी पूजन शाम 6:15 बजे के पहले कर लेना होगा, क्योंकि उसके बाद पड़वा यानी परेवा लग जायेगी।

2024 में गोवर्धन पूजा कब है?
इस वर्ष दीवाली अगले दिन शाम 6:15 बजे तक रहेगी, इसलिए प्रतिपदा के दिन गोवर्धन पूजा 1 नवंबर को नहीं की जा सकेगी। 2024 में गोवर्धन पूजा 2 नवंबर को होगी। पंचांग के अनुसार प्रतिपदा 2 नंवबर को रात्रि 8:21 बजे तक है। हालांकि गोवर्धन पूजा दोपहर में ही की जाती है।
2024 में भाई दूज कब है?
भाई दूज दीवाली का अंतिम पर्व होता है। इस दिन बहनें अपने भाईयों का तिलक करती हैं। डॉ. शुक्ल के अनुसार इस वर्ष भाई दूज 3 नवंबर को है। द्वितीय तिथि रात्रि 10:05 बजे तक रहेगी। इसलिए पूरे दिन किसी भी समय आप यह त्योहार मना सकते हैं।
जमघट दो दिन का कैसे?
दरअसल जमघट कोई त्योहार नहीं है। दीवाली के दूसरे दिन एक दूसरे से मिलने-मिलाने, पतंग उड़ाने, ताश, शतरंज, आदि खेल खेलने की परंपरा है। आम तौर पर यह परंपरा गोवर्धन पूजा के दिन की होती है, लेकिन चूंकि इस वर्ष दीवाली और गोवर्धन पूजा के बीच पूरा एक दिन है, तो लोग इसे भी जमघट में जोड़ लेंगे। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान में जमघट पर घरों में काफी रौनक रहती है। इस दिन जगह-जगह दोस्तों, रिश्तेदारों की चौघड़ी लग जाती है।



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