नोएडा में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने साइलेंट ज़ोन (Silent Zone) के लिए नया 'नो हॉन्किंग' (No Honking) नियम लागू किया है। अगर कोई भी वाहन चालक इस नियम का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उस पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया जाएगा।
इस नए ट्रैफिक नियम को विशेष रूप से अस्पताल और स्कूल जैसे साइलेंट ज़ोन के आसपास लागू किया गया है ताकि यहां पढ़ाई या फिर इलाज के भर्ती होने वाले मरीजों को कोई दिक्कत या तकलीफ न हो।

नोएडा की ट्रैफिक पुलिस द्वारा लागू किये गये इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण से मुकाबला करना है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि तेज आवाज का स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। खास तौर पर जिन मरीजों का इलाज चल रहा हो। इसके साथ छात्र स्कूल में पढ़ाई करते समय भी शांत माहौल की जरूरत होती है।
तेज आवाज से न सिर्फ तनाव बढ़ता है बल्कि इससे ध्यान भंग भी होता है। हालांकि ट्रैफिक का यह नियम लागू होगा, यह तय हो चुका है लेकिन इसे कम से लागू किया जाएगा, इस बारे में अभी तक तैयारी चल रही है। बताया जाता है कि जल्द ही इसकी घोषणा भी कर दी जाएगी।
कितना होगा जुर्माना?
अगर कोई भी वाहन चालक साइलेंट ज़ोन में तेज हॉर्न बजाता हुआ या किसी भी तरह से ध्वनि प्रदूषण फैलाता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ भारी जुर्माना लगाया जाएगा। बताया जाता है कि अगर कोई व्यक्ति पहली बार नियमों का उल्लंघन करता हुआ पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ ₹1000 और अगर यह गलती फिर से दोहरायी जाती है तब दोषी पर ₹2000 का जुर्माना लगाया जा सकता है।
ट्रैफिक के इस नए नियम को लागू करने को लेकर नोएडा में जगह-जगह पर बैनर आदि के माध्यम से लोगों जागरुक करने की कोशिशें की जा रही हैं। न सिर्फ पोस्टर और बैनर के माध्यम से इस नए नियम बल्कि साइलेंट ज़ोन के बारे में भी लोगों को बताया जा रहा है।
हालांकि कुछ लोगों ने स्कूलों या अस्पतालों (जो साइलेंट ज़ोन) के आसपास अवैध पार्किंग या पार्किंग की सही जगह नहीं होने की वजह से इन नियमों का उल्लंघन होने की आशंका जतायी है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि कई जगहों पर पार्किंग की सही जगह उपलब्ध नहीं होने की वजह से एंबुलेंस या स्कूल बस आदि को जहां-तहां खड़ी कर दी जाती है। इससे सड़क जाम होने लगता है और अधिक हॉर्न बजाने की जरूरत होती है।



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