इस बार अयोध्या की राम नवमी बेहद खास होने वाली है। लंबे अर्से बाद जन्म भूमि पर विराजमान रामलला के जन्मोत्सव को लेकर मंदिर प्रशासन और अयोध्यावासियों के साथ-साथ दुनियाभर में फैले रामभक्तों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद इस साल पहली बार अयोध्या में राम नवमी मनायी जाएगी।
उम्मीद की जा रही है कि राम नवमी के समय अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्तों की भीड़ पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी। संभावना है कि राम नवमी के समय अयोध्या में लगभग 50 लाख श्रद्धालु पहुंचेंगे। इसे लेकर राम मंदिर प्रबंधन के साथ-साथ राज्य सरकार और अयोध्या की प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी है।

अयोध्या में राम नवमी पर तैयारियों से संबंधित जो जानकारियां छनछनकर सामने आ रही हैं, उनके अनुसार...
3 दिनों तक 24 घंटे खुला रहेगा रामलला का द्वार
प्राण प्रतिष्ठा के बाद से हर रोज राम मंदिर में लगभग 2 लाख श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। विशेष पर्व-त्योहारों या खास दिनों पर कभी-कभी यह संख्या 4 से 5 लाख पर भी पहुंच जाती है। ऐसे में राम नवमी के दिन कितनी भारी संख्या में श्रद्धालु अपने रामलला का दर्शन करने आने वाले हैं, इसका अंदाजा लगाना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए राम नवमी से 2 दिन पहले से ही मंदिर को 24 घंटे खुला रखने का फैसला लिया गया है।
यानी 15, 16 और 17 अप्रैल को 24 घंटे रामलला के द्वार खुले रहेंगे। केवल श्रृंगार और भोग के लिए गर्भगृह को बंद किया जाएगा। यदि आवश्यकता हुई तो 18 अप्रैल यानी राम नवमी के अगले दिन भी 24 घंटे के लिए राम मंदिर को खोल दिया जा सकता है। ऐसा इसलिए किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर सकें।

जमीन, आसमान और पानी पर रखी जाएगी नज़र
राम नवमी के समय भारी संख्या में अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए इस समय सुरक्षा व्यवस्था पर राज्य प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के सारे प्रबंध किये जाएंगे। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय सरयू नदी में 4 मोटर बोट तैनात किये गये थे।
लेकिन राम नवमी के समय मोक्ष की इच्छा से देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु सरयू नदी में डुबकी लगा सकते हैं। इसलिए उस समय सरयू नदी में 6 और फाइबर मोटर बोट्स चलाने का फैसला लिया गया है। अगर जरुरत हुई तो मोटर बोट्स की संख्या को बढ़ाया जा सकता है। नदी में बैरिकेडिंग करवायी जाएगी, जिसे कोई पार नहीं कर सकेगा।

हाल ही में राम नवमी की तैयारियों को लेक डीजीपी प्रशांत कुमार और मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र अयोध्या पहुंचे। वहां उन्होंने स्थानीय अफसरों की तैयार योजनाओं पर मंथन किया। बैठक के बाद डीएम नीतिश कुमार ने कहा कि हमुमानगढ़ में व्यापक व्यवस्थाएं की गयी हैं।
उन्होंने बताया कि ट्रैफिक रूट डायवर्जन कहां होंगे, राम मंदिर से सुग्रीव किला तक बैरिकेडिंग, सरयू नदी में बैरिकेडिंग आदि का निर्धारण श्रद्धालुओं की संख्या पर होगी जिसके बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।



Click it and Unblock the Notifications














