महाकुंभ मेले से पहले उत्तर प्रदेश में पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बढ़ाने की ओर उत्तर प्रदेश सरकार अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। राज्य सरकार खासतौर पर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नयी और रोमांचक योजनाओं को शुरू कर रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रयागराज में मिनी क्रूज बोट सेवा को शुरू करने की तैयारी कर रही है।
वहीं दूसरी ओर अयोध्या और वाराणसी में भी इलेक्ट्रिक बोच चलाने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाएगी। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि अब उत्तर प्रदेश के इन तीनों धार्मिक शहरों में पर्यटकों का जल-भ्रमण का अनुभव पहले के मुकाबले अब हाईटेक और मजेदार होने वाला है।

प्रयागराज में मिनी क्रूज सेवाएं
केंद्रीय पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने हाल ही में मीडिया को दिये एक बयान में बताया कि भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन निगम को पिछले महीने ही अयोध्या और काशी के लिए कैटामरान और प्रयागराज के लिए इलेक्ट्रिक बोट हैंडओवर किया है। उन्होंने बताया कि प्रयागराज में दो मिनी क्रूज बोट को उतारा जा रहा है, जिसमें हर एक बोट में 30-30 पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था होगी।
इसके अलावा 6 मोटर बोट भी संगम में उतारी जाएंगी, जिसमें हर बोट में 6 पर्यटक बैठ सकेंगे। इस बोटों के अलावा दो रेस्क्यू बोट भी होंगी। बताया जाता है कि बारिश का मौसम खत्म होने के बाद ही इनका नियमित रूप से संचालन किया जाएगा।
काशी की गंगा में उतरेगी कैटामरान
बताया जाता है कि वाराणसी में गंगा नदी में चलाने के लिए 1 इलेक्ट्रिक बोट (कैटामरान) को उतारा जाएगा। इस बोट का संचालन गंगा नदी में संत रविदास घाट से किया जाएगा। एक इलेक्ट्रिक बोट में करीब 50 पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था होगी। यह बोट पूरी तरह से एयर कंडिशन होगी। पर्यटक गंगा नदी की ठंडी-ठंडी हवाओं का आनंद उठाते हुए सूर्यास्त का लुत्फ उठा सकेंगे। इसके साथ ही गंगा आरती और वाराणसी के घाटों के शानदार नजारों को भी उपभोग कर सकेंगे।

अयोध्या की सरयू नदी में उतरेगी इलेक्ट्रिक बोट
अयोध्या की सरयू नदी में में 3 इलेक्ट्रिक बोट (कैटामरान) उतारने की योजना बनायी गयी है। इसमें से एक बोट में 50 पर्यटक बैठ सकेंगे और यह पूरी तरह से एयर कंडिशन होगी। गर्मी के मौसम में जब उमस वाली गर्मी से पर्यटक परेशान होते हैं और अपनी ट्रिप को एंजॉय नहीं कर पाते हैं, तब एसी बोट की सवारी उन्हें निश्चित रूप से राहत पहुंचाएगी।
जबकि दो अन्य बोट में 30-30 पर्यटकों के बैठने की क्षमता होगी और दोनों बोट ही नॉन-एसी होंगे। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इन दोनों बोट का संचालन सौर ऊर्जा से किया जाएगा। इन दोनों बोट की डॉकिंग, चार्जिंग से संबंधित सभी व्यवस्थाएं घाटों पर ही की जाएंगी।



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