अगर आपने भारत की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस से कभी सफर किया है तो आपको पता होगा कि वंदे भारत एक्सप्रेस में प्रत्येक यात्री को 1 लीटर रेल नीर की बोतल मुफ्त में दी जाती है। लेकिन अब जल्द ही भारतीय रेलवे इस नियम में बदलाव लाने वाली है।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अब वंदे भारत एक्सप्रेस में प्रत्येक यात्री को 1 लीटर नहीं बल्कि 500 मिली (ML) पानी की बोतल ही दी जाएगी। लेकिन अचानक गर्मी के मौसम में यात्री सुविधाओं में बदलाव करते हुए भारतीय रेलवे ने पानी में कटौती करने का फैसला क्यों ले लिया!

आइए जानते हैं -
मीडिया रिपोर्ट्स में किये गये दावे के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर के दौरान हर एक यात्री को पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर (PDW) रेल नीर की 1 लीटर की बोतल उपलब्ध करवायी जाती थी। लेकिन अब यात्रियों को 500 मिली वाली रेल नीर की बोतल दी जाएगी।
हां, अगर कोई यात्री इसके बाद फिर से पानी की मांग करता है तो उसे 500 मिली की अतिरिक्त बोतल भी जरूर मुहैया करवायी जाएगी, जिसके लिए उससे कोई अतिरिक्त रूपया नहीं लिया जाएगा। लेकिन सोचने वाली बात है कि भारतीय रेलवे ने इस भीषण गर्मी में अचानक पीने के पानी में कटौती करने का फैसला क्यों लिया?
दरअसल, भारतीय रेलवे ने यह फैसला पानी की बर्बादी को रोकने के लिए लिया है। रेलवे ने महसूस किया है कि ज्यादातर लोग सफर के दौरान 1 लीटर पानी की बोतल ले तो लेते हैं, लेकिन सफर पूरा होने तक वे उसे खत्म नहीं कर पाते हैं। इसलिए बोतल में काफी पानी यूं ही छोड़कर वे अपने गंतव्य पर पहुंचने के बाद ट्रेन से उतर जाते हैं।

इस कारण काफी पानी यूं ही बस बर्बाद हो जाता है। पानी की बर्बादी को रोकने के लिए ही भारतीय रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस में रेल नीर की छोटी यानी 500 मिली वाली बोतल यात्रियों को मुहैया करवाने की योजना बनायी है। जो यात्री पहले दी गयी 500 मिली पानी की बोतल को खत्म कर लेगा, मांग करने पर उसे दूसरी 500 मिली रेल नीर की बोतल मुफ्त में फिर से मुहैया करवायी जाएगी।
शताब्दी में पहले से ही किया जा चुका है लागू
वंदे भारत एक्सप्रेस में 500 मिली की बोतल देने का नियम लागू करने से पहले ही शताब्दी एक्सप्रेस में यह नियम लागू किया जा चुका है। शताब्दी एक्सप्रेस का ट्रैवल टाइम भी कम होता है। ऐसे में यात्री 1 लीटर पानी को बोतल खत्म नहीं कर पाते हैं। इसलिए इस ट्रेन के यात्रियों द्वारा भी काफी पानी बर्बाद होता रहता है। हालांकि शताब्दी की तुलना में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का ट्रैवल टाइम ज्यादा होता है।

ऐसे में शायद वंदे भारत एक्सप्रेस के यात्रियों का 500 मिली रेल नीर की बोतल से काम न चल सके। लेकिन एसी की ठंड में लगातार बैठे रहने की वजह से यात्रियों को प्यास भी कम ही लगती है और काफी यात्री ऐसे भी होते हैं, जो सफर के दौरान ज्यादा पानी पीना पसंद नहीं करते हैं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए ही भारतीय रेलवे ने रेल नीर की 1 लीटर की बोतल के बजाए यात्रियों को 500 मिली की बोतल देने का फैसला लिया है।



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