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पांच वजहें जो आपको उत्तर प्रदेश के गढ़मुक्तेश्वर आने के लिए करेंगी मजबूर

भारत का उत्तर प्रदेश राज्य अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। यहां की प्राचीन धरोहरों, पौराणिक नगरों और अतीत से जुड़ी स्मारकों को देखने के लिए सालाना करोड़ों की तादाद में पर्यटकों का आगमन होता है। भारत का एक बहुत बड़ा प्राचीन इतिहास इस भूमि पर संचित है। इतिहास पर नजर डालें तो पता चलता है, कि यहां मुगल शासकों का प्रभुत्व काफी लंबे समय तक रहा है।

यहां एक बड़ी संख्या में मुगलकालीन संरचनाएं मौजूद हैं। आगरा, इलाहाबाद, लखनऊ, मुगलसराय, फतेहपुर सीकरी आदि राज्य के कुछ प्रसिद्ध ऐतिहासिक शहर हैं, जहां मुगलों की छाप साफ देखी जा सकती है। उत्तर प्रदेश काफी लंबे समय से इतिहास और कला संस्कृति में दिलचस्पी रखने वालों का पसंदीदा स्थल रहा है।

राज्य के प्रसिद्ध शहरों से अलग यहां कुछ ऐसे भी स्थल मौजूद हैं, जो ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से काफी ज्यादा महत्व रखते हैं। हापुड़ जिले का गढ़मुक्तेश्वर कुछ ऐसा ही स्थल है, जो कई मायनों में आपकी यात्रा के लिए खास हो सकता है। इस लेख में जानिए उन पांच कारणों के बारे में जो आपको गढ़मुक्तेश्वर आने के लिए करेंगे मजबूर।

इतिहास करता है आकर्षित

इतिहास करता है आकर्षित

PC- Ramanarayanadatta astri

गढ़मुक्तेश्वर एक ऐतिहासिक स्थल है, जहां की यात्रा आपको अतीत की ओर ले जाएगी। भागवत पुराण और महाभारत में गढ़मुक्तेश्वर एक प्राचीन स्थल के रूप में उल्लेखित है। माना जाता है कि इस स्थल का इतिहास कई हजार साल पुराना है। अतीत से जुड़े कुछ साक्ष्यों की मानें तो यह पांडवों की राजधानी हस्तिनापुर का ही एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। अगर आप एक इतिहास प्रेमी हैं, और भारत के अज्ञात प्राचीन स्थलों की सैर करने में दिलचस्पी रखते हैं, तो यहां जरूर आएं। यह नगर, हस्तिनापुर से मात्र 55 कि.मी की दूरी पर स्थित है।

सती से जुड़ा स्थल

सती से जुड़ा स्थल

यह स्थल ऐतिहासिक और पौराणिक दोनों रूपों में महत्वपूर्ण माना जाता है। गढ़मुक्तेश्वर में कुछ ऐसी भी अद्भुत जगहें हैं, जिनके विषय में शायद आपको भी पता न हो। इस स्थल पर अस्सी (80) सती स्तंभ मौजूद हैं, जो उस सती को समर्पित हैं। माना जाता है कि सती ने विधवा होते ही अपना देहत्याग कर लिया था। भारतीय पौराणिक इतिहास में सती से जुड़ी कई कथाएं प्रचलित हैं। जिनका जिक्र एक पतिव्रता स्त्री के रूप में किया जाता है।

अद्भुत मंदिरों की भूमि

अद्भुत मंदिरों की भूमि

गढ़मुक्तेश्वर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दोनों रूपों में महत्व रखता है। आप यहां कई आकर्षक मंदिरों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कर सकते हैं। यहां के धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए वर्ष भर श्रद्धालुओं का आगमन लगा रहता है। आप यहां के प्रसिद्ध मुक्तेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन कर सकते हैं, जिसके नाम पर शहर का नाम गढ़मुक्तेश्वर पड़ा। इसके अलावा आप यहां के लोकप्रिय मंदिरों में गंगा मंदिर, वेदांत मंदिर और हनुमान मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं।

आत्मिक और मानसिक शांति के लिए आप यहां जरूर आएं । मंदिरों के अलावा आप यहां गयास-उद-दीन बलबन द्वारा निर्मित मस्जिद को भी देख सकते हैं। जिसपर इसके बनने की तारीख(1283 ईस्वी) भी लिखी हुई है।

गंगा घाट

गंगा घाट

गढ़मुक्तेश्वर, भारत की पवित्र नदी गंगा के तट पर बसा है। नगर यात्रा के दौरान आप दैवीय नदी गंगा के दर्शन कर सकते हैं। आत्मिक और मानसिक शांति के लिए गंगा के घाटों से उपयुक्त स्थल और कोई हो ही नहीं सकता है। यहां का सूर्योदय और सूर्यास्त देखने लायक होता है। अच्छा होगा आप यहां सुबह या शाम के वक्त गंगा दर्शन करें। पारिवारिक भ्रमण के लिए यह एक आदर्श स्थल है। आप चाहें तो पवित्र नदी गंगा में स्नान का सौभाग्य भी प्राप्त कर सकते हैं। ध्यान रहे, सुरक्षित जगह पर ही स्नान करें।

नगरीय जीवन

नगरीय जीवन

PC-Tanmay Tarun

शहरों से अलग अगर आपने अभी तक छोटे नगरों और ग्रामीण जीवन को करीब से नहीं देखा है, तो गढ़मुक्तेश्वर में आकर यह मौका जरूर प्राप्त करें। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के अलावा यहां का नगरीय परिवेश भी पर्यटकों को काफी ज्यादा प्रभावित करता है। स्थानीय लोगों के माध्यम से आप यहां की कला, लोक-संस्कृति को समझ सकते हैं। अपनी यात्रा के दौरान यहां के पारंपरिक व्यंजनों को चखना न भूलें। ये थे वे पांच कारण जिनके लिए आपको गढ़मुक्तेश्वर की सैर जरूर करनी चाहिए।

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