अयोध्या की रामजन्म भूमि पर तैयार हो रहा मंदिर धीरे-धीरे आकार ले रहा है। पिछले कुछ समय से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस विशाल मंदिर के निर्माण की तस्वीरे शेयर कर रही थी। लेकिन हाल ही में उन्होंने मंदिर के अंदर की शानदार नक्काशी की तस्वीरें शेयर की है। हम दावे के साथ कह सकते हैं कि मंदिर खुल जाने के बाद इन नक्काशियों को देखकर यहां आने वाला हर तीर्थ यात्री के मुंह से बस 'वाह..!' ही निकलेगा।

अयोध्या के राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में होगी। लेकिन क्या आप जानते हैं, उद्घाटन समारोह में पीएम मोदी के अलावा भी कई स्पेशल अतिथि शामिल होने वाले हैं, जिनकी लिस्ट काफी लंबी है।
राम मंदिर तीन मंजिला होगी, जिसके पहले तल के गर्भगृह में राम लला की मूर्ति स्थापित की जाएगी। मंदिर के दूसरे तल में राम दरबार होगा। मंदिर निर्माण कमेटी के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र के मुताबिक पहले तल का निर्माण कार्य दिसंबर 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा। 22 जनवरी 2024 को होने वाले रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह में प्रधानमंत्री मोदी बतौर यजमान शामिल होंगे।
इसके लिए उन्होंने औपचारिक रूप से न्यौता दिया जा चुका है, जिसे उन्होंने स्वीकार भी कर लिया है। 22 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान श्रीराम के नये विग्रह को स्थापित किया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा की पूजा वाराणसी के लक्ष्मीकांत दीक्षित संपन्न करवाएंगे।
प्राण प्रतिष्ठा का समय
राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पूजा 22 जनवरी 2024 को दोपहर 12.30 बजे शुरू होगी। मिली जानकारी के अनुसार उस समय मृगशिरा नक्षत्र रहेगा, जिस वजह से रामलला की मूर्ति को गर्भगृह में स्थापित करने का यह सर्वोत्तम मुहूर्त होगा। लक्ष्मीकांत दीक्षित के अनुसार सभी मंगल कार्य नक्षत्रों को देखकर ही किया जाता है। भगवान राम का जन्म रामनवमी के दिन दोपहर में और भगवान का वराह अवतार भी दोपहर के समय ही हुआ था।

दावा किया जा रहा है कि अगर रामलला की मूर्ति इस शुभ मुहूर्त में मंदिर में स्थापित होती है, तो राम मंदिर अनंतकाल तक चिरस्थायी बना रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा इस समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत, देशभर के 4000 संत-महात्मा और लगभग 2500 प्रतिष्ठित व्यक्तित्व भी उपस्थित होंगे, जिनमें वैज्ञानिक, कलाकार, परमवीर चक्र से सम्मानित परिवारों के सदस्य, शहीदों के परिवार के सदस्य आदि शामिल होंगे। मिली जानकारी के अनुसार मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा की पूजा 16 जनवरी से शुरू हो जाएगी। प्रधानमंत्री द्वारा पूजा करने के बाद 22 जनवरी से आमंत्रित मेहमानों रामलला के दर्शन होंगे।
बताया जाता है कि रामलला मंदिर परिसर में सीमित स्थान है। इसलिए रामलला के दर्शन के लिए आमंत्रितों को करीब 3 घंटे का इंतजार भी करना पड़ सकता है। इसलिए मंदिर प्रबंधन का अनुरोध है कि वयोवृद्ध उद्घाटन कार्यक्रम संपन्न होने के बाद ही राम लला के दर्शन के लिए आएं।
कब से शुरू हुआ था निर्माण कार्य

बता दें, इस ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 5 अगस्त 2020 को शिलान्यास के बाद शुरू हुआ था। राम मंदिर को इस तरीके से तैयार किया जा रहा है कि यह विश्व के सभी धार्मिक स्थानों का मिश्रण बन सकें। जिन शालीग्राम शिलाओं से श्रीराम और माता की मूर्ति तैयार होगी, उन्हें नेपाल के गंडकी नदी से लाया गया। मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में देश की 155 पवित्र नदियों के पानी का इस्तेमाल किया गया था। उसी के तर्ज पर प्राणप्रतिष्ठा के समय दुनिया भर की पवित्र नदियों के पानी से रामलला का अभिषेक करने की तैयारी की गयी है।
मंदिर के निर्माण के लिए लंबे समय तक चले आंदोलन के दौरान देशभर से जमा की गयी करीब 2 लाख से अधिक ईंटों का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा मंदिर में लगायी गयी हर एक ईंट पर श्रीराम का नाम अंकित है। इस मंदिर में श्रीलंका के सीता अम्मन मंदिर से पत्थर को भी लगाया गया है। मंदिर के दरवाजों और चौखट के लिए महाराष्ट्र से सागौन की लकड़ियां खास तौर पर मंगाई गयी हैं। ऐसी ही कई अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल राम मंदिर के निर्माण में किया गया है, जो रामभक्तों की आस्था से जुड़ा हुआ है।



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