22 जनवरी को अयोध्या के राम जन्म भूमि मंदिर का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया था। 23 जनवरी से आम नागरिकों के लिए राम मंदिर के द्वार खोल दिये गये। उद्घाटन के बाद से ही श्रद्धालुओं का जन सैलाब रामलला के दर्शन करने के लिए उमड़ रहा है।
इस वजह से आखिरकार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को राम मंदिर में प्रवेश करने के नये नियम बनाने पड़े हैं। इन नियमों को खासतौर पर श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ही बनाएं गये हैं। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार अयोध्या के राम मंदिर में हर रोज दर्शन करने औसतन 1 से 1.5 लाख दर्शनार्थी पहुंच रहे हैं।
जानते हैं राम मंदिर में प्रवेश करने के कौन से नये नियम हुए लागू -
कब खुलेंगे राम मंदिर के दरवाजे
भक्तों के लिए सुबह 6.30 बजे से ही राम मंदिर के कपाट खोल दिये जाएंगे। भक्त रात को 9.30 बजे तक दर्शन करने के लिए मंदिर परिसर में प्रवेश कर सकते हैं। हां, रात को 9.30 बजे के बाद राम मंदिर परिसर में दर्शन करने के लिए किसी भी भक्त को दर्शन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। राम मंदिर में दर्शन करने के लिए देश और विदेश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को खासतौर पर ध्यान में रखा गया है।
मंदिर परिसर में प्रवेश करने से लेकर गर्भगृह में रामलला के दर्शन करने तक की पूरी प्रक्रिया को काफी सरल और सुगम रखने का दावा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र कर रही है। बताया जाता है कि आमतौर पर दर्शनार्थियों को 60 से 75 मिनट के अंदर ही रामलला के दर्शन हो जाते हैं।
क्या न लेकर जाएं मंदिर
अगर अपने सामानों को लॉकर में रखने और उन्हें फिर से वापस लेने की इस पूरी प्रक्रिया में अपना समय नहीं गंवाना चाहते हैं तो कुछ सामान लेकर मंदिर परिसर के अंदर प्रवेश न करें। जिन सामानों को लेकर मंदिर में प्रवेश न करने की सलाह तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट दे रहा है, उनमें मोबाइल, जूते-चप्पल, पर्स आदि सामान शामिल हैं। इसके साथ ही राम मंदिर में फूल-माला या प्रसाद आदि लेकर जाना भी मना है।
कैसे करेंगे प्रवेश
रामलला के दिव्य दर्शन करते समय अपने ठीक बगल में किसी सेलीब्रिटी को पाते हैं, तो चौंक मत जाइएगा। क्योंकि राम मंदिर में शुल्क लेकर दर्शन या किसी भी विशेष पास की मदद से दर्शन करने की कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए सभी भक्तों को सामान्य तरीके से ही रामलला के दर्शन करने होंगे। दर्शन करने के लिए प्रवेश पत्र लेना जरूरी है, जो पूरी तरह से निःशुल्क है।
यह प्रवेश पत्र श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। इस प्रवेश पत्र को प्राप्त करने के लिए इसमें दर्शनार्थी का नाम, आयु, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और शहर के नाम जैसे व्यक्तिगत जानकारियां भरनी पड़ती है। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति पैसे लेकर रामलला के जल्दी दर्शन करवा देने का दावा करता है, तो वह धोखाधड़ी कर रहा है।
अगर कोई श्रद्धालु राम मंदिर में सुबह 4 बजे होने वाली मंगला आरती, 6.15 बजे श्रृंगार आरती और रात को 10 बजे होने वाली शयन आरती में शामिल होना चाहता है, तो उसके लिए प्रवेश पत्र लेना होगा। अन्य किसी भी आरती में शामिल होने के लिए प्रवेश पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। मंदिर में वृद्धों और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर उपलब्ध है।
यह व्हील चेयर केवल श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर के लिये है। इस व्हील चेयर का इस्तेमाल अयोध्या शहर या किसी दूसरे मंदिर में जाने के लिए नहीं किया जा सकेगा। दिव्यांग दर्शनार्थियों के लिए यह व्हील चेयर निःशुल्क ही उपलब्ध है। हां, व्हील चेयर ले जाने वाले व्यक्ति को पारिश्रमिक देने की जरुरत होगी।



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