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उत्तराखंड के कुछ ऐसे ऐडवेंचर प्लेस जिनके बारे में जानने के बाद आप खुद को रोक नहीं पाएंगे

अगर आप किसी ऐसी जगह जाने की सोच रहे हैं,जहां ढेर सारा फन भी हो शांति भी हो साथ में एडवेंचर तो इन सबका तड़का मिलेगा सिर्फ उत्तराखंड में।

By Goldi

जी हां, अगर आप किसी ऐसी जगह जाने की सोच रहे हैं,जहां ढेर सारा फन भी हो शांति भी हो साथ में एडवेंचर तो इन सबका तड़का मिलेगा सिर्फ उत्तराखंड में। उत्तराखंड में आ खुद को प्रकृति के करीब महसूस करेंगे..तो आइये बिना देरी किये जानते हैं उत्तराखंड के बेहद खूबसूरत रोमांचक जगहों के बारे में....

राफ्टिंग,ऋषिकेश

राफ्टिंग,ऋषिकेश

ऋषिकेश गंगा नदी के किनारे स्थित है और वाटर राफ्टिंग के लिए बहुत ही बेस्ट जगह है। यहां एक गाइड होता है जो आपकी हेल्प करता है, तो जिन्हें तैरना नहीं आता है उनके लिए भी सेफ होता है। यहां जाने का सबसे सही समय मार्च से मई का होता है।PC: MihaV

स्कीइंग, औली

स्कीइंग, औली

औली एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है जो पूरी दुनिया में स्कीइंग के लिए प्रसिद्ध है। यह खूबसूरत जगह समुद्रतल से 2800मी. ऊपर स्थित है। यह जगह ओक धार वाली ढलानों और सब्ज़ शंकुधारी जंगलों के लिए जानी जाती है। यात्री इन ढलानों से गुज़रने पर सेब के बाग और हरेभरे देवदार के पेड़ देख सकते हैं।PC: Anuj Kumar Garg

केबल कार, मसूरी

केबल कार, मसूरी

पहाड़ियों की रानी मसूरी उत्तराखंड की शान में से एक है, जो अपनी सुंदरता के लिए विश्व विख्यात है। यहाँ केबल कार की सवारी का अपना अलग ही मज़ा है। गन हिल से माल रोड तक यह उड़नखटोला उड़ता है। जिस पर बैठकर नीचे का दृश्य बेहद लुभावना दिखाई देता है। इस उड़नखटोले की अपनी रोमांचक सवारी है। इसके जैसे आनंद शायद ही आप कहीं उठा पाओ।PC:Mohithdotnet

बाइकिंग, गढ़वाल

बाइकिंग, गढ़वाल

बर्फ से ढंकी चोटियों से होकर बाइकिंग करना सांसों को थाम देने वाला होता है और इसके लिए बहुत ज्यादा साहस और बहादुरी की जरूरत होती है। उत्तराखंड स्थित गढ़वाल न सिर्फ बाइकर्स के लिए स्वर्ग के समान है, बल्कि यह देश के हर हिस्से से बड़ी संख्या में फोटोग्राफरों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है। गढ़वाल में माउंटेन बाइकिंग के लिए कम से कम 12-16 दिन चाहिए होते हैं। साथ ही बाइकर्स को यहां के तापमान से भी सावधान रहना पड़ता है, जो 30 डिसे से 10 डिसे के बीच रहता है।

ट्रैकिंग,उत्तराखंड

ट्रैकिंग,उत्तराखंड

ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों, वादियों से घिरा प्रकृति का मनोरम दृश्य लोगों के मन में एक अलग एहसास जगाता है। जहाँ नज़र घुमाओ वहीं प्रकृति की खूबसूरती एक नए नज़रिये से देखने को मिलती है। इन्हीं खूबसूरती के बीच कितना मज़ेदार होगा एक ट्रेकिंग वाला सफर, है ना? हर साल यहां लाखो की तादाद में ट्रेकर्स ट्रैकिंग करने के लिए पहुंचते हैं। उत्तराखंड में ट्रेकिंग करने के लिए बेहद खूबसूरत ट्रेक है,जिनमे हर की दून ट्रेक,केदारताल ट्रेक,रुद्रनाथ ट्रेक,गोमुख ट्रेक,रूपकुंड ट्रेक आदि।PC:Kushaal

हाथी की सवारी,जीप सफारी, जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क

हाथी की सवारी,जीप सफारी, जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क

कॉर्बेट नेशनल पार्क वन्य जीव प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग है,भारत जंगली बाघों की सबसे अधिक आबादी के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्द है और जिम कॉर्बेट पार्क लगभग 160 बाघों का आवास है। आप यहां टाइगर के अलावा बाघ, चीता, हाथी, हिरण, साम्बर, पाढ़ा, बार्किंग हिरन, स्लोथ भालू, जंगली सूअर, घूरल, लंगूर और रेसस बंदर आदि को भी देख सकते हैं।इस पार्क में लगभग 600 प्रजातियों के रंगबिरंगे पक्षी रहते है जिनमें मोर, तीतर, कबूतर, उल्लू, हॉर्नबिल, बार्बिट, चक्रवाक, मैना, मैगपाई, मिनिवेट, तीतर, चिड़िया, टिट, नॉटहैच, वागटेल, सनबर्ड, बंटिंग, ओरियल, किंगफिशर, ड्रोंगो, कबूतर, कठफोडवा, बतख, चैती, गिद्ध, सारस, जलकाग, बाज़, बुलबुल और फ्लायकेचर शामिल हैं। इसके अलावा यात्री यहाँ 51 प्रकार की झाडियाँ, 30 प्रकार के बाँस और लगभग 110 प्रकार के विभिन्न वृक्ष देख सकते हैं।
PC: wikimedia.org

 बंजी जम्पिंग,ऋषिकेश

बंजी जम्पिंग,ऋषिकेश

ऋषिकेश सिर्फ गंगा, या फिर राफ्टिंग के लिए ही नहीं बल्कि बंजी जम्पिंग जैसे एडवेंचर स्पोर्टस के लिए भी फेमस है। यहां बंजी जम्पिंग आप बारह महीने कर सकते है।

कैसे पहुंचे उत्तराखंड

कैसे पहुंचे उत्तराखंड

वायु मार्ग से
राज्य का सबसे महत्वपूर्ण हवाई अड्‌डा देहरादून में जॉली ग्रांट एयरपोर्ट है। यहां से दिल्ली के लिए नियमित उड़ानें हैं। इसके अलावा कुमाऊं क्षेत्र में पंतनगर एयरपोर्ट है, जहां घरेलू विमान सेवाएं उपलब्ध हैं।

रेल मार्ग से
राज्य में सिर्फ 345 किमी. रेलवे ट्रैक है। नैनीताल से 35 किमी. दूर काठगोदाम रेलवे स्टेशन है, जो उत्तर-पूर्वी रेलवे का करीब-करीब अंतिम स्टेशन है। यह नैनीताल को देहरादून, दिल्ली और हावड़ा से जोड़ता है। राज्य के पंतनगर, लालकुआं और हलद्वानी में भी रेल सुविधा उपलब्ध है। देहरादून और हरिद्वार राज्य के दो प्रमुख स्टेशन हैं, जो देश के अधिकतर शहरों और हिस्से से जुड़े हुए हैं। ऋषिकेश, रामनगर और कोटद्वार में भी रेल सुविधा उपलब्ध है।PC: :Chakumar

 कैसे पहुंचे उत्तराखंड

कैसे पहुंचे उत्तराखंड

बस मार्ग से
राज्य में सड़कों का जाल अच्छी तरह फैला हुआ है। यहां 28,508 किमी. सड़कों का जाल है। इसमें से 1,328 किमी. सड़क नेशनल हाइवे और 1,543 किमी. स्टेट हाइवे के अंतर्गत आता है। सड़क मार्ग के लिए उत्तराखंड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन बसें चलाता है। निजी ऑपरेटर भी बस, टैक्सी जैसी सुविधाएं देते हैं। राज्य के हर प्रमुख स्थान तक सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है।PC: Ramakrishna Reddy Y

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