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वाराणसी की यात्रा में करना न भूलें ये सारी चीजें!

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वाराणसी भारत के सबसे पवित्र शहरों में से एक,अपने धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की वजह से सबसे अद्वितीय स्थल है। जहाँ भक्तगण पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ गंगा नदी में डुबकी लगा अपने पापों का अंत करने आते हैं, वहीं सैलानी इस क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति का पूर्ण अनुभव करने आते हैं।

[वाराणसी से जुड़ी दिलचस्प बातें!]

अगर आप इस समय इस पावन नगरी की सैर पर हैं तो चलिए हम आपको कुछ ऐसी ज़रूरी चीजों के बारे में बताते हैं, जिन्हें आप इस यात्रा के दौरान करना न भूलें।

Varanasi

सूर्यास्त के समय नौका विहार
Image Courtesy: 
nopaspoc 

गंगा नदी में सूर्यास्त के समय नौका विहार

वाराणसी में सूर्यास्त के समय गंगा नदी पर नौका विहार के मज़े लेना वाराणसी में सबसे दिलचस्प और आकर्षक क्रियाओं में से एक है। सबसे अच्छा अनुभव होगा दशाश्वमेध घाट पर नौका की सवारी का मज़ा लेना। अगर आप कभी मॉनसून के समय में(जुलाई से सितम्बर) में वाराणसी की यात्रा कर रहे हैं तो एक बार वहां के पर्यटन मंत्रालय से ज़रूर चेक कर लें कि उस समय नौका विहार की सुविधा उपलब्ध है या नहीं, क्यूंकि कभी-कभी यहाँ सुरक्षा का ख्याल रखते हुए इस मौसम में नौका विहार की क्रिया को बंद कर दिया जाता है।

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गंगा नदी में डुबकी
Image Courtesy: jose pereira

नदी में डुबकी लगा पापों को धोएं

ऐसा माना जाता है कि गंगा नदी के पवित्र जल में डुबकी लगाने से हमारे सारे पाप धुल जाते हैं। वाराणसी की यात्रा पर वहां के घाटों में गंगा नदी में नहाकर तरोताज़ा, नया और शुद्ध महसूस करिये।

[दशाश्वमेध घाट; यहीं पर देव ब्रह्मा ने अश्वमेध यज्ञ किया था!]

घाटों की सैर करिये

यहाँ कई सारे घाट हैं जो उच्च आध्यात्मिक मूल्य लिए सदियों से कई परम्पराओं को अपने में समेटे हुए हैं। यहाँ के इन घाटों की सैर करिये और यहाँ के शुद्ध भक्ति और विश्वास के चारों ओर घूमने वाले जीवन का दिव्य अनुभव करिये। यहाँ स्थित हर घाट की अपनी एक महत्ता है। अगर अस्सी घाट पवित्र स्नान करने के लिए जाना जाता है तो मणिकर्णिका घाट अंतिम संस्कार करने के लिए। यहाँ ऐसा भी माना जाता है कि तुलसी घाट में स्नान करने से कुष्ठ रोग ठीक होता है।

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स्थानीय नाई की दुकान
Image Courtesy:  R. M. Calamar 

स्थानीय नाई से बाल कटवाइए

यहाँ आप रास्तों में ही लोगों को बाल कटवाते और दाढ़ी बनवाते हुए पाएंगे। इन्हीं स्थानीय नाइयों से बाल कटवाइए जो आपको सैलून से बहुत सस्ता पड़ेगा और इसके साथ ही साथ आपको मालिश और सर की मालिश का भी एक अलग और सुखद अनुभव मिलेगा, वो भी बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के।

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स्थानीय बाज़ार
Image Courtesy: 
Ekabhishek  

स्थानीय बाज़ारों में खरीददारी

इस धार्मिक स्थल में कुछ अच्छे शॉपिंग मार्केट भी हैं, जहाँ आप स्थानीय बाज़ार में खरीदारी का पूरा अनुभव उठा सकते हैं। यहाँ की कुछ प्रसिद्द शॉपिंग गलियां हैं, विश्वनाथ गली, लहुराबीर, दशाश्वमेध गली और ठठेरी बाज़ार। यहाँ गोडौलिया, लहुराबीर और चौक, बनारसी सिल्क साड़ियों के लिए जाने जाते हैं, तो ठठेरी बाज़ार पेंटिंग्स और अन्य कला और आभूषणों के कार्यों के लिए।

इन सबके अलावा वाराणसी दिवाली, धन्तेरस जैसे त्योहारों में यात्रा करने के लिए सबसे अच्छी जगह है। यहाँ के सारे रास्ते, गलियां और मंदिर दीयों से जगमगाते रहते हैं। फूलों से सजे और दिव्य भजनों की गुंजार एक अलग ही वाराणसी का अनुभव आपको कराते हैं। तो इस दिवाली वाराणसी की पवित्र यात्रा की योजना बनाइये और इस भव्य समारोह का हिस्सा बनिए।

वाराणसी पहुँचें कैसे?

अपने महत्वपूर्ण सुझाव व अनुभव नीचे व्यक्त करें।

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