आर्किड के खिले हुए फूल, बर्फ से ढंकी पहाड़ों की चमचमाती चोटी, खूबसूरत वादियां, जंगल के पत्तों की सरगोशियां, तंग जगहों से पानी का घुमावदार बहाव, बौद्ध साधुओं के भजन की पावन ध्वनि और उनका अतिथि-सत्कार। कुछ ये नज़ारा है नार्थ ईस्ट में बसे खूबसूरत राज्य अरुणाचल प्रदेश का। अरुणाचल प्रदेश भारत का वो राज्य है जो अपनी सुंदरता से पर्यटन के दीवानों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है। आज अपने इस आर्टिकल में हम आपको अवगत कराने जा रहे हैं इसी खूबसूरत अरुणाचल प्रदेश के एक बेहद सुन्दर शहर बोमडिला से।
समुद्र तल से 8000 फीट की ऊँचाई पर स्थित एक छोटा सा शहर बोमडिला अरुणाचल प्रदेश के सबसे अधिक मनोरम स्थानों में से एक है। विशाल पूर्वी हिमालय पर्वतमाला के प्राकृतिक परिवेश के बीच बसा बोमडिला यहाँ आने वालों के लिए एक आनंदमयी शांत शहर है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता के अलावा बोमडिला बौद्ध मठों के लिए भी जाना जाता है। बहुत सारे ट्रेकिंग ट्रेल्स होने के कारण यह शहर रोमांचकारियों को आकर्षित करता हैं।
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यदि बात पर्यटन की हो तो एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में बोमडिला बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। बोमडिला से पर्यटक बर्फ से ढकी चोटियों के साथ हिमालय के आकर्षक क्षेत्र को देख सकते हैं। इसके अलावा इस शहर में कुछ बौद्ध मठ अथवा गोम्पा हैं जहाँ यात्री घूमने के लिए जा सकते हैं। तो आइये जानें कि अपनी बोमडिला यात्रा पर क्या क्या अवश्य देखना चाइये आपको।
भालुकपोंग
भालुकपोंग शहर बोमडिला से लगभग 100कि.मी. दूर है। समुद्रतल से 213 मी. ऊपर स्थित इस शहर से पर्यटक प्रकृति का सुंदर नज़ारा देख सकते हैं। यहाँ तक आप तेजपुर शहर से भी पहुँच सकते हैं जो केवल 52कि.मी. दूर है। इतिहास के अनुसार भालुकपोंग पर स्थानीय शासक शासन करते थे जिन्हें 'आका' कहा जाता था। अधिकतर 'आका' जनजाति से संबंधित भालुकपोंग के स्थानीय लोग जनवरी में 'नयेथी डाव' नामक वार्षिक उत्सव मनाते हैं। प्रकृतिक सुंदरता के अलावा भालुकपोंग शहर पर्यटकों के लिए मनोरंजक गतिविधियाँ भी प्रदान करता है। कामेंग नदी के किनारे स्थित होने के कारण मछली पकड़ना और रिवर राफ्टिंग प्रमुख गतिविधियाँ हैं।
ईगलनेस्ट वन्यजीव अभयारण्य
पूर्वोत्तर में सेसा आर्किड अभयारण्य के साथ स्थित ईगलनेस्ट वन्यजीव अभयारण्य भी पश्चिमी कामेंग जि़ले में हिमालय की जलहटी में एक संरक्षित क्षेत्र है। भारतीय सेना की रेड ईगल डिवीज़न को 1950 के दशक के दौरान इस क्षेत्र में तैनात किया गया था, इसलिए इसका नाम ईगलनेस्ट रखा गया। इस अभयारण्य के पूर्व में कामेंग नदी है। ईगलनेस्ट वन्यजीव अभयारण्य में पक्षी प्रजातियों की विशाल विविधता के कारण यह दर्शकों के लिए एक प्रसिद्ध बर्ड साइट है। आपको बता दें कि एक प्रमुख बर्डिंग साइट के रूप में ईगलनेस्ट वन्यजीव अभयारण्य में 454 प्रजातियाँ हैं।

फोटो कर्टसी - Stefan van Bremen
बोमडिला के गोम्पा
गोंडसे गेडन रैबगयेल लिंग मठ जहाँ बौद्ध लामा और भिक्षु रहते हैं, जी.आर.एल मठ के नाम से भी प्रसिद्ध है। इसे महायान बौद्ध धर्म की लामाई आस्था का प्रमुख केंद्र भी माना जाता है। जी.आर.एल मठ अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमी कामेंग जि़ले में स्थित है और इसे 1965-66 में त्सोना गोंटसे रिनपोछे के 12वें अवतार द्वारा बनवाया गया था। मुख्य गोम्पा की तीन डिवीज़नें हैं- लोअर गोम्पा, मध्य गोम्पा और ऊपरी गोम्पा। ऊपरी गोम्पा को मुख्य मठ माना जाता है। लोअर गोम्पा तिब्बती वास्तुकला की समृद्धि को दर्शाते हुए मुख्य बाज़ार के अंत में स्थित है।
सेसा आर्किड अभयारण्य
बोमडिला के प्रमुख्य आकर्षणों में से एक सेसा आर्किड अभयारण्य, भालुकपोंग में हिमालय की तलहटी में स्थित एक 100 कि.मी का संरक्षित क्षेत्र है। यह दक्षिण पश्चिम में ईगलनेस्ट वन्यजीव अभयारण्य से जुड़ा हुआ है। पर्यावरण और वन विभाग द्वारा ट्रैकिंग मार्ग बनाए जाने के कारण यह जगह एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बन गई है जहाँ पर्यटक आर्किड्स का प्राकृतिक रूप देख सकते हैं। सेसा अभयारण्य में शानदार पहाड़ी क्षेत्र और घाटियाँ रोमांचकारी पर्यटकों को आमंत्रण देती हैं।

फोटो कर्टसी - Peggy2012CREATIVELENZ
कामेंग हाथी रिज़र्व
कामेंग हाथी रिज़र्व अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमी कामेंग और पूर्वी कामेंग जि़लों में हिमालय की तलहटी में स्थित है। यह रिज़र्व इस क्षेत्र में मौजूद बड़े एशियाई हाथियों की आबादी का प्रबंधन करने के लिए 19जून, 2009 को बनाया गया था। कामेंग रिज़र्व पूर्व में पापुम नदी से शुरु होकर अरुणाचल प्रदेश और भूटान की सीमा तक फैला हुआ है। सेसा आर्किड अभयारण्य, ईगलनेस्ट वन्यजीव अभयारण्य, पाखुई टाइगर रिज़र्व और खैलोंग वन प्रभाग के अंतर्गत आरक्षित वन इस हाथी रिज़र्व का एक हिस्सा हैं। ज्ञात हो कि कामेंग हाथी रिज़र्व उष्णकटिबंधीय अर्धसदाबहार बागान है।

फोटो कर्टसी - Tambako The Jaguar
कैसे जाएं बोमडिला
सड़क मार्ग से बोमडिला तेजपुर से लगभग से 80कि.मी. और तवांग से 160 कि.मी. दूर है। यदि आप कार से यात्रा करने के इच्छुक नहीं हैं तो आप बोमडिला तक पहुँचने के लिए बस सेवाएं ले सकते हैं।



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