एक शहर को दूसरे से जोड़ने और उनके बीच की दूरी को कम करने के लिए देशभर में इस वक्त कई एक्सप्रेसवे (Expressway) का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से अधिकांश एक्सप्रेसवे का निर्माण नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा किया जा रहा है। इसी क्रम में पंजाब के दो प्रमुख शहरों चंडीगढ़ और बठिंडा के बीच की दूरी को कम करने के लिए एक नए एक्सप्रेसवे को बनाने का प्रस्ताव NHAI ने दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार इस एक्सप्रेसवे के बनने से इन दोनों शहरों के बीच की दूरी करीब 50 किमी तक कम हो जाएगी।

नई नहीं है परियोजना
दैनिक जागरण की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इस परियोजना पर काम पिछले 3 सालों से चल रहा है। इसे काफी पहले ही शुरू किया जाना था, लेकिन तब किसी कारणवश यह शुरू नहीं हो पाया था। अब इसे शुरू करने की फिर से तैयारियां चल रही हैं। 6 लेन चौड़ी इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से चंडीगढ़ और बठिंडा के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी।
अभी दोनों शहरों के बीच की दूरी करीब 225 किमी है, जबकि इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से चंडीगढ़ से बठिंडा तक की दूरी मात्र 175 किमी ही रह जाएगा। बताया जाता है कि NHAI की इस नई परियोजना के तहत बरनाला से मोहाली आईटी सिटी के बीच एक अलग से सड़क बनायी जाएगी। यह सड़क बरनाला से मलेरकोटला-सरहिंद-मोहाली तक बनेगी। इस सड़क निर्माण फिलहाल सरहिंद-मोहाली रोड पर किया जा रहा है।
क्या होगा रूट?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ से बठिंडा के बीच इस एक्सप्रेसवे का निर्माण बतौर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे किया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे को भारतमाला परियोजना के तहत बनाया जाएगा। बठिंडा को यह एक्सप्रेसवे मलेरकोटला, खन्ना बायपास, सरहिंद, मोहाली होते हुए चंडीगढ़ से जोड़ेगा।
यह सड़क लुधियाना से अजमेर के बीच बनने वाले इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी जुड़ेगी। इस सड़क के बन जाने से बठिंडा, मुक्तसर, अबोहर के अलावा राजस्थान से बठिंडा के रास्ते चंडीगढ़ तक आने वाले लोगों के लिए काफी सुविधा होगी।

बता दें, वर्तमान में बठिंडा से चंडीगढ़ जाने वाले लोगों को बरनाला, संगरुर, पटियाला होकर जाना पड़ता है। लोग अगर अपनी गाड़ी से भी आवाजाही करते हैं, तब भी उन्हें कम से कम ₹4000 का पेट्रोल या डिजल भरवाना पड़ जाता है। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से लोगों को बठिंडा से चंडीगढ़ तक जाने के लिए संगरुर और पटियाला जाने की जरूरत नहीं होगी। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि एक्सप्रेसवे की वजह से इन दोनों शहरों के बीच की दूरी लगभग 50 किमी तक कम हो जाएगी।
इससे बठिंडा-चंडीगढ़-बठिंडा के बीच आने-जाने में कुल दूरी भी 100 किमी घट जाएगी। इससे इन दोनों शहरों के बीच आने-जाने में लगने वाला समय तो कम लगेगा ही, साथ इसका सबसे बड़ा फायदा यह भी होगा कि गाड़ी के ईंधन में ₹500-₹600 तक खर्च कम होगा। इसके साथ ही ट्रैफिक का बहाव भी कम होने की संभावना जतायी जा रही है।



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