दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार (25 मार्च) का दिन न सिर्फ हंगामेदार रहा बल्कि काफी महत्वपूर्ण भी रहा। इस दिन दिल्ली में बनी भाजपा की नई सरकार की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहला बजट रखा। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली के परिवहन क्षेत्रों में सुधार के लिए लगभग ₹12,952 करोड़ आवंटित किये हैं।
इसमें सार्वजनिक परिवहन के लिए दिल्ली में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली की बसों में महिलाओं को मिलने वाली पिंक टिकट की महत्वपूर्ण सुविधा को लेकर भी रेखा गुप्ता ने बड़ी घोषणा की है।

नहीं मिलेगी पिंक टिकट
बजट सत्र में अपने भाषण के दौरान रेखा गुप्ता ने कहा कि अब दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की बसों में महिलाओं को मिलने वाली पिंक टिकट, जिसकी मदद से महिलाएं DTC की बसों में मुफ्त सफर कर सकती थी, को नहीं जारी किया जाएगा। पर अचानक यह घोषणा क्यों की गयी?
DTC की बसों में महिलाओं के लिए पिंक टिकट की सुविधा को साल 2019 में दिल्ली के तत्कालिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार ने लॉन्च किया था। कहा गया था कि इस टिकट की मदद से महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी आवाजाही को आसान बनाया जाएगा। लेकिन बाद में इस योजना पर भ्रष्टाचार का आरोप लगने लगा।
लगे भ्रष्टाचार के आरोप
आरोप लगाया गया कि DTC की बसों में बस कंडक्टर महिलाओं को पिंक टिकट देने में आनाकानी कर रहे हैं। कुछ कंडक्टरों ने यह भी आरोप लगाया कि या तो महिलाएं ऑनलाइन टिकट खरीदें या फिर बिना टिकट बस में यात्रा न करें। कई बार महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि पिंक टिकट लेने पर बस के ड्राइवर और कंडक्टर निर्धारित स्टॉपेज पर बस नहीं रोकते हैं।
साथ ही इन आरोपों का राजनीतिकरण भी हुआ और कहा जाने लगा कि तत्कालिन विरोधी पार्टी (भाजपा) महिलाओं से उनकी मुफ्त में यात्रा करने की सुविधा को छिन रही है। हालांकि भाजपा की ओर से लगातार इन आरोपों का खंडन किया गया।
जारी होगा डिजिटल ट्रैवल कार्ड
बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा करते हुए कहा कि DTC की बसों में महिलाओं को पिंक टिकट नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसकी जगह पर अब महिलाओं के लिए नया डिजिटल ट्रैवल कार्ड जारी किया जाएगा, जो काफी हद तक मेट्रो कार्ड की तरह ही काम करेगा।
इससे पारदर्शिता को बनाए रखने में मदद मिलेगी और पिंक कार्ड से जुड़े सभी तरह के आरोपों व भ्रष्टाचारों को भी खत्म किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि पिंक टिकट की तरह ही महिलाएं सार्वजनिक बसों में किसी भी समय इन डिजिटल टिकट की मदद से मुफ्त में घूम सकेंगी। इन डिजिटल कार्ड को पूरे सिस्टम के साथ डिजिटल तरीके से ही जोड़ दिया जाएगा।
इसके साथ ही रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली विश्व का तीसरा सबसे बड़ा शहर है, जहां इलेक्ट्रिक बसों का एक बड़ा ही महत्वपूर्ण बेड़ा मौजूद है, जिसमें लगभग 2152 बसें शामिल हैं। बताया जाता है कि इसमें से लगभग 1752 बसें DTC के तहत चल रही हैं, जबकि 400 बसें DIMTS क्लस्टर का हिस्सा है। साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 तक इलेक्ट्रिक बसों की संख्या को बढ़ाकर 5000 करने का लक्ष्य बनाया गया है।



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