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दिल्ली में हुमायूं के मकबरा में खुला पहला अंडरग्राउंड म्यूजियम : देखें खुदाई से निकली कलाकृतियां

जमीन की गहराई में जाकर देखें कि जमीन में खुदाई से बीते जमाने की क्या-क्या कलाकृतियां बाहर निकली है। कितना मजेदार होगा न वह अनुभव। जी हां, दिल्ली में हुमायूं के मकबरा में इस अनुभव को वास्तविकता के धरातल पर उतारा गया है। पिछले महीने ही हुमायूं के मकबरा परिसर में भारत के पहले अंडरग्राउंड म्यूजियम का उद्घाटन किया गया है।

इसका उद्घाटन केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया। बताया जाता है कि पुराने जमाने की परंपरागत 'बावली' से प्रेरित होकर इस म्यूजियम को बनाया गया है।

humayun s tomb musium

मिली जानकारी के अनुसार इस म्यूजियम में खुदाई से निकली 500 से ज्यादा कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है। इनमें से कुछ कलाकृतियां तो ऐसी भी हैं, जिन्हें पहली बार सार्वजनिक रूप से लोगों के सामने रखा गया है। म्यूजियम में जिन वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है, वे मुगल बादशाह हुमायूं, सुफी संत निज़ामुद्दीन औलिया, उनके शिष्य कवि अमीर खुसरो और इस क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं।

क्या-क्या हैं यहां प्रदर्शित?

मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इस म्यूजियम का निर्माण आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर ने आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के साथ मिलकर किया है। यहां हुमायूं का मकबरा परिसर में लगभग 300 एकड़ के क्षेत्र में पिछले 25 सालों में हुई खुदाई से मिली वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है।

इसके अलावा यहां उन वस्तुओं को देखा जा सकता है जिन्हें इसी समयकाल के दौरान सुन्दर नर्सरी और निज़ामुद्दीन बस्ती में जमीन की खुदाई से निकाला गया है।

delhi humayun tomb

म्यूजियम में घूमने आने वाले पर्यटक मुगल साम्राज्य से जुड़ी कई वस्तुओं की छोटी आकार वाली कलाकृतियों, पांडुलिपियों, सिक्कों, कपड़ों और अन्य कई कलाकृतियों को करीब से देख सकेंगे, उनके बारे में जानकर उस समय के इतिहास को समझ सकेंगे। इसके अलावा म्यूजियम में एक 270 डिग्री का जाएंट स्क्रिन भी लगाया गया है जहां इस विश्व धरोहर स्थल और इसके चारों फैले बागानों को बड़े ही आकर्षक रूप में प्रदर्शित किया जाता है।

इस स्क्रिन पर ही पिछले 500 सालों के दौरान हुमायूं के मकबरे और आसपास के क्षेत्रों में हुए बदलावों को भी एनीमेशन के जरिए दिखाया जाता है। इस म्यूजियम में हुमायूं के मकबरा के वास्तुशिल्प के महत्व को भी समझाया गया है। म्यूजियम में कुल 12 गैलरियां हैं।

humayun tomb museum delhi

कब से खुला और क्या है एंट्री शुल्क?

अगर आपको भारतीय संस्कृति, इसकी सभ्यता और भारत के इतिहास को जानने में रुचि है, इसे करीब से जानना और समझना चाहते हैं तो हुमायूं का मकबरा परिसर में बने इस नये म्यूजियम में एक बार आना तो बनता है। जैसा कि हम सभी जानते हैं, हुमायूं का मकबरा UNESCO की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है।

इस म्यूजियम को 30 जुलाई से आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार इसका प्रवेश शुल्क ₹50 रखा गया है, हालांकि इसे भविष्य में बढ़ाकर ₹60 करने की भी संभावना है। बताया जाता है कि इस म्यूजियम को फिलहाल 3-4 घंटे के लिए ही खोला जा रहा है, लेकिन सितंबर से यह पूरी तरह से खुलने लगेगा।

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साल 2015 में रखी गयी थी नींव

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार देश के इस पहले अंडरग्राउंड म्यूजियम की नींव करीब 9 सालों पहले यानी वर्ष 2015 में रखी गयी थी। वर्ष 2017 से म्यूजियम की इमारत का बनना शुरू हुआ था। हुमायूं का मकबरा 16वीं सदी में मुगल बादशाह की बेगम बेगा द्वारा बनवाया गया था। कहा जाता है कि ताजमहल का डिजाइन भी काफी हद तक हुमायूं का मकबरा से ही प्रेरित था। यह भारत का पहला बागिचों वाला मकबरा था, जिसे मुगल वास्तुशिल्प का असाधारण उदाहरण कहा जा सकता है।

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