सोशल मीडिया पर अक्सर दिल्ली मेट्रो की वीडियो वायरल होती रहती है। दिल्ली मेट्रो में डांस वीडियो बनाने से लेकर आपत्तिजनक वीडियो और बालों की स्टाइलिंग के लिए स्ट्रेटनिंग का इस्तेमाल करने जैसी वीडियो अक्सर आपने सोशल मीडिया पर जरूर देखी होगी। अब DMRC ने हाल ही में एक नया नियम जारी किया है, जिसका पालन न करने पर यात्री को 10,000 रूपए तक का जुर्माना या फिर 4 साल की जेल तक हो सकती है।

मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली मेट्रो में अगर कोई यात्री किसी भी प्रकार से मेट्रो के दरवाजों को बंद होने से रोकता हुआ पाया गया तो अब उसकी खैर नहीं। यदि कोई यात्री अपना बैग, पैर या किसी भी प्रकार से दरवाजों को बंद होने से रोकने का प्रयास करता हुआ पाया जाता है तो उसे मेट्रो रेलवे (ऑपरेशन एंड मेंटनेंस) एक्ट, 2002 की धार 67 के तहत अपराधी करार दिया जाएगा।
इसके लिए 4 साल तक की जेल या 10,000 रूपए जुर्माना अथवा दोनों से दंडित करने का प्रावधान है। बता दें, गुरु द्रोणाचार्य स्टेशन पर मेट्रो में सवार होने की कोशिश करती एक महिला ने जब दरवाजा बंद होते देखा तो उसने दरवाजों के बीच में अपना बैग फंसा दिया। हालांकि इसके बावजूद मेट्रो के दरवाजे बंद हो गये और कुछ मीटर आगे बढ़ने के बाद ट्रेन रुक गयी। इस वजह से मेट्रो की रनिंग टाइम में देरी तो होती ही है, जिसका असर पीछे वाली ट्रेन पर भी पड़ता है। साथ में मेट्रो के कोच में भी यांत्रिक त्रुटि आ जाती है।

बता दें, दिल्ली मेट्रो में हर रोज करीब 2-3 यात्री दरवाजों के बीच कुछ अटकाकर दरवाजों को बंद होने से रोकने का प्रयास करने के मामले आते ही रहते हैं। DMRC ने सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और मंगलवार को दरवाजों के बीच बैग अड़ाने वाली महिला की शिकायत पुलिस से कर दी थी। कुछ दिनों पहले ही दिल्ली मेट्रो में 35 वर्षीया एक महिला की मौत का मामला सामने आया था।
उक्त महिला का कपड़ा मेट्रो में फंस जाने की वजह से वह काफी दूर तक घिसटती चली गयी थी। इस मामले की जांच करते हुए ही जब सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया तो कोच के गेटों को बंद होने से रोकने के लिए दरवाजों के बीच में कुछ अटका देने का मामला DMRC के सामने आया।
अब बर्दास्त नहीं करेगी DMRC
DMRC के एक अधिकारी का कहना है कि हम यात्रियों को कोच के गेटों को रोककर अपनी जान जोखिम में डालने के खिलाफ सावधान करना चाहते हैं। पिक आवर के दौरान पूरे मेट्रो नेटवर्क में 3-5 मिनट के अंतराल पर ट्रेन उपलब्ध होती है। लेकिन गेट रोकने की घटनाओं की वजह से मेट्रो का रनिंग टाइम बिगड़ जाता है। दरवाजों पर रुकावट की वजह से यात्रियों को जान का जोखिम भी होता है और मेट्रो के दरवाजों को भी नुकसान पहुंचता है।
मिली जानकारी के अनुसार अगर मेट्रो का दरवाजा एक बार में बंद नहीं होता है तो उसे बंद करने के 3 प्रयास किये जाते हैं। जब तक दरवाजा बंद नहीं होता है तब तक मेट्रो नहीं चलती है। तीन प्रयास करने के बावजूद अगर दरवाजा बंद नहीं होता है तो ट्रेन ऑपरेटर को फिर मैनुअली दरवाजा बंद करना पड़ता है।



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