बॉलीवुड फिल्म 'दिल्ली 6' की मसक्कली याद है, दुधिया सफेद रंग की मटकती हुई चलने वाली कबूतर। दिल्ली की पहचान ही है यहां के घरों, चौक-चौराहों पर मंडराने वाले कबूतर। अक्सर लोग इन्हें दाना भी डाल देते हैं। लेकिन अब दिल्ली के चौक-चौराहों पर अगर आपने कबूतरों को दाना डाला तो आपका कट सकता है चालान और भरना पड़ जाएगा जुर्माना।
कुछ ऐसा ही फैसला लिया है दिल्ली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (MCD) ने। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार कबूतरों को दाना डालने वालों पर ₹500 तक का जुर्माना हो सकता है। पर अचानक क्यों लिया गया ऐसा फैसला?

दैनिक जागरण की मीडिया रिपोर्ट में MCD की सिटी एसपी जोन की उपायुक्त वंदना राव के हवाले से बताया गया है कि कबूतरों और आवारा पशुओं की वजह से फैलने वाली गंदगी को रोकने के लिए ही यह फैसला लिया गया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति पक्षियों को दाना डालेगा या आवारा पशुओं को खाना खिलाएगा तो गंदगी फैलाने के आरोप में उसका चालान काट दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन पर जो लोग दाना आदि बेचते थे, उन्हें हटा दिया गया है। साथ ही इलाके की साफ-सफाई कर वहां बोर्ड भी लगा दिया गया है, जिसमें यह स्पष्ट लिखा गया है कि लोग न तो आवारा पशुओं को भोजन करवाएं और न ही पक्षियों को दाना डाले। इससे सड़कों पर गंदगी फैलती है और शहर की छवि खराब होती है।
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MCD ने शुरू की कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार MCD ने कश्मीरी गेट के पास तिब्बती मार्केट, ईदगाह गोलचक्कर और पंचकुइंया रोड श्मशान गृह पर अंबेडकर भवन के पास से इसकी शुरुआत की है। इन इलाकों में जिन जगहों पर भी लोगों को आवारा पशुओं को भोजन खिलाते या पक्षियों को दाना डालते हुए देखा जा रहा है उनका चालान काटा जा रहा है। बताया जाता है कि अब तक 10 लोगों पर यह आरोप लगाया जा चुका है जिसमें से 5 लोगों का चालान काट दिया गया है। जिनका चालान काटा गया है, उन पर ₹200 से ₹500 तक का जुर्माना लगाया गया है।

बताया जाता है कि चालान काट कर उसे लोगों के घर भेजा जा रहा है। आरोप है कि ये लोग अपनी गाड़ियों से आते हैं और जहां मौका मिलता है वहीं पक्षियों को दाना डाल देते हैं। इन गाड़ियों के नंबर वहां मौजूद निगम के कर्मचारी फोटो समेत अपने पास सुरक्षित रखते हैं। फिर ट्रैफिक पुलिस की मदद से गाड़ी के मालिक का पता लगाया जाता है और उनके घर पर चालान भेजा जा रहा है। साथ ही जिन लोगों के घर चालान भेजा जा रहा है, उन्हें जुर्माना निर्धारित तारीख के अंदर ही निगम कार्यालय में जमा करने की हिदायत भी दी जा रही है। बताया जाता है कि ऐसा धीरे-धीरे दिल्ली के अन्य इलाकों में भी किया जाएगा।
क्यों किया गया यह फैसला?
बताया जाता है कि दिल्ली में कबूतरों की भरमार है। लोगों के घरों, बालकनी और छतों पर बड़ी संख्या में कबूतर आते हैं और गंदगी फैलाकर चले जाते हैं। कबूतरों द्वारा फैलायी गयी गंदगियों की वजह से एलर्जी से लेकर कई तरह की गंभीर बीमारियां तक होती हैं। निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एलआर वर्मा का कहना है कि कबूतरों के मल में फंगस होता है, जो सूखने के बाद हवा में पाउडर की तरह उड़ता है।

इसके संपर्क में आने वाले व्यक्ति को फंगल निमोनिया, फेंफड़ों की एलर्जी और निमोनाइटिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए MCD ने यह कदम उठाया है। पक्षियों को दाना डालना पुण्य का काम माना जाता है और दिल्लीवाले यह पुण्य कमाने के चक्कर में जगह-जगह कबूतरों को दाना डालते रहते हैं। इससे हर चौक-चौराहे पर कबूतरों की भीड़ भी बढ़ती जाती है और उनकी वजह से राष्ट्रीय राजधानी भी गंदी होती है। इसका दिल्ली और भारत की छवि पर बुरा असर पड़ता है।



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