इस साल मानसून ने पहाड़ से लेकर समतल तक में तबाही मचा दी है। शिमला, कुल्लु, मनाली और उत्तराखंड में कहर बरपाने के बाद अब मानसून से दिल्ली वालें भी परेशान हो गये हैं। दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर ना सिर्फ खतरे के निशान को पार कर गया है बल्कि पूरी दिल्ली पानी-पानी हो गयी है।

ऐसा लगभग 45 साल बाद हुआ है कि दिल्ली में यमुना का पानी इतना ज्यादा प्रवेश कर गया है। दिल्ली के नीचले इलाकों से लोगों को दूसरे स्थानों पर भेज दिया गया है। स्कूल-कॉलेजों में तो छुट्टी दे दी गयी है लेकिन ऑफिस और कामकाजी लोगों को तो घरों से बाहर निकलना ही पड़ेगा। इसके अलावा रोजमर्रा के काम के लिए जाने वाले लोगों को भी बाढ़ की स्थिति में भी घरों से बाहर निकलना ही पड़ेगा।
अगर आप भी दिल्ली में रहते हैं तो बाढ़ की स्थिति में घर से बाहर निकलने से पहले कुछ बातों पर जरूर ध्यान दें। वर्ना आपकी मुसीबतें बढ़ सकती हैं।

- घर से निकलते समय सीधा चाभी लिया, गाड़ी निकाला और बस निकल पड़े। आमतौर पर लोगों की यहीं आदत होती है। लेकिन मानसून के समय इस आदत को बदलनी पड़ेगी।
- सुबह सबसे पहले समाचार और इंटरनेट पर अपने और कार्यक्षेत्र के आसपास के इलाकों की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल करें।
- ट्वीटर पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का आधिकारिक पेज फॉलो करें।
- आज जिन रुटों पर जाने वाले हैं, उनके बारे में जानकारी हासिल करने के बाद ही घर से निकले।
- अगर आपके रुट पर पानी भर गया है तो या तो उन रुट्स पर ना जाएं या फिर अपने डेस्टिनेशन पर पहुंचने के लिए दूसरा रास्ता लें।
- सड़कों पर पानी भरने का असर सिर्फ गाड़ियों पर ही नहीं बल्कि मेट्रो पर भी पड़ा है।
- मेट्रो के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए DMRC के आधिकारिक ट्वीटर अकाउंट को फॉलो करें।
- घर से ऑफिस और ऑफिस से घर के लिए निकलते समय अपने रुट के बारे में जरूर पढ़ कर ही निकलें।
- राज्य सरकार भी लगातार ट्वीटर पर बाढ़ की स्थिति और जलभराव से संबंधित सभी अपडेट दे रही है।
- अगर आप किसी मुश्किल में फंस गये हैं तो 1077 पर कॉल कर अपने लिए मदद भी मांग सकते हैं।
- बस का कम से कम इस्तेमाल करें। मानसून में कभी भी बारिश शुरू हो सकती है और किसी नये इलाके में भी जल जमाव की स्थिति पैदा हो जाएगी।
- जब तक बहुत जरूरी काम ना हो, घर से बाहर नहीं निकले। अगर संभव हो तो ऑफिस में बात कर वर्क फ्रॉम होम ले लें।
इन इलाकों में रोका गया है यातायात
आईपी फ्लाईओवर और चंदगीराम अखाड़े के बीच महात्मा गांधी मार्ग, कालीघाट मंदिर और दिल्ली सचिवालय के बीच महात्मा गांधी मार्ग, और वजीराबाद ब्रिज और चंदगी राम अखाड़े के बीच बाहरी रिंग रोड पर यातायात को रोका गया है। यमुना में बढ़ते जलस्तर की वजह से सिंघू, बदरपुर, लोनी और चिल्ला बॉर्डर से दिल्ली में भारी माल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। हरियाणा, हिमाचल, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड से आने वाली बसें सिंघू बॉर्डर पर ही रोक दी जाएंगी। आपातकालिन सेवाओं वाली गाड़ियां इस प्रतिबंध से बाहर हैं।

- ईस्ट दिल्ली से वेस्ट दिल्ली जाने के लिए यात्रियों से कहा गया है कि वे पंजाबी बाग चौक-महात्मा गांधी मार्ग-अरिहंत मार्ग-आउटर रिंग रोड-वजीराबाद ब्रिज और पंजाब बाग चौक-महात्मा गांधी मार्ग-डीकेएफओ-एम्स चौक-महात्मा गांधी मार्ग-सराय काले खां-महात्मा गांधी मार्ग-विकास मार्ग की तरफ से जाएं।
- नॉर्थ से साउथ दिल्ली जाने वाले यात्रियों से कहा गया है कि वे आउटर रिंग रोड-वजीराबाद ब्रिज-यमुना मार्जिनल बांध मार्ग-पुश्ता रोड-विकास मार्ग और आउटर रिंग रोड-अरिहंत मार्ग-महात्मा गांधी मार्ग-विकास मार्ग का इस्तेमाल करें।
- दिल्ली में कमर्शियल वाहनों की आवाजाही मुख्य रूप से रिंग रोड पर रहेगी। कर्मिशयल वाहन जो रानी झांसी रोड से आईएसबीटी की ओर जा रहे हैं, उनके रूट को डायवर्ट किया गया है।
- गैर गंतव्य कमर्शियल वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- गाजियाबाद की ओर से आने वाले अन्य वाहनों को पुश्ता रोड की ओर डायवर्ट कर दिया जाएगा।
- वजीराबाद ब्रिज से मजनू का टीला की ओर आने वाले ट्रैफिक को मुकरबा चौक की ओर डायवर्ट कर दिया जाएगा।
- बुलेवार्ड रोड से आईएसबीटी की ओर आने वाले ट्रैफिक को शामनाथ मार्ग और महात्मा गांधी मार्ग की ओर डायवर्ट कर दिया जाएगा।



Click it and Unblock the Notifications














