दिल्ली में जल्द शुरू होने वाली है इको-फ्रेंडली वाटर टैक्सी (Water Taxi)। यमुना नदी में क्रुज सेवाओं के शुरू करने की घोषणा के कुछ दिनों बाद ही इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IWAI) के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जल्द ही दिल्ली सरकार यमुना नदी में वाटर टैक्सी को शुरू करेगी, जो परिवहन का बड़ा ही इको-फ्रेंडली साधन बनकर उभरेगा।
बताया जाता है कि हाल ही में IWAI ने दिल्ली सरकार और कई एजेंसियों के साथ समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किया है, जिसमें शामिल एजेंसियों में दिल्ली सरकार का जल बोर्ड, दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और दिल्ली विकास प्राधिकरण भी शामिल है।

Times of India की मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस समझौते का मुख्य उद्देश्य यमुना नदी के एक बड़े हिस्से को पर्यटकों के बीच आकर्षक बनाना और पर्यटन को बढ़ावा देना है। जो नदी में क्रूज सेवाओं व अनुभवों के लिए दिल्लीवासियों के साथ-साथ यहां घूमने के लिए आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा। साथ ही परिवहन का यह एक बेहतरीन साधन बनकर भी उभरेगा जो प्रदूषण की मार झेल रही राजधानी दिल्ली को थोड़ी राहत दिलाएगा।
क्या होगी वाटर टैक्सी सेवाओं की विशेषताएं?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली की यमुना नदी में वाटर टैक्सी को शुरू करने की जो योजना बनायी गयी है, उसके लिए नदी के 4 किमी लंबे स्ट्रेच का इस्तेमाल किया जाएगा। वाटर टैक्सी के लिए जिन नावों का उपयोग किया जाएगा, वह सोलर पावर से चलने वाली होंगी। हर एक नाव अथवा जलीय जहाज में एक बार में करीब 20 से 30 यात्री सवार हो सकेंगे।
मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली के वजिराबाद से आगे सोनिया विहार और जगतपुर के बीच यमुना नदी में वाटर टैक्सी का संचालन किया जाएगा। वाटर टैक्सी को न सिर्फ पर्यटकों बल्कि आम परिवहन साधन के तौर पर भी विकसित करने की योजना बनायी गयी है।
IWAI के अधिकारियों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि वाटर टैक्सी के इस्तेमाल होने वाली नावों में बायो-टॉयलेट, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, लाइफ जैकेट आदि की सुविधाएं मौजूद रहेंगी ताकि यात्रियों का सफर आरामदायक और सुरक्षित हो सकें। इसके साथ ही नावों के संचालन के लिए दो जेट्टी भी बनायी जाएगी। बताया जाता है कि दिल्ली में छोटी दूरी को तय करने के लिए वाटर टैक्सी एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर सकता है।

इससे पहले केंद्र सरकार ने साल 2018 में दिल्ली में वाटर टैक्सी को 16 किमी लंबे स्ट्रेच में शुरू करने का प्रस्ताव दिया था। उस समय वाटर टैक्सी को वजिराबाद से फतेहपुर के बीच संचालित करने का प्रस्ताव दिया गया था लेकिन तब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की तरफ से उठाए गये कुछ सवालों की वजह से यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया था। अब 4 किमी के छोटे स्ट्रेच में दिल्ली की यमुना नदी में वाटर टैक्सी को शुरू करने की योजना के साथ दिल्ली की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की संभावनाएं जतायी जा रही हैं।



Click it and Unblock the Notifications














