दिल्ली और NCR के लोग जिस द्वारका एक्सप्रेसवे का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, आखिरकार वह इंतजार खत्म हो गया। 11 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्वारका एक्सप्रेसवे के 19 किमी हिस्से का उद्घाटन कर दिया। बताया जाता है कि बाकी का हिस्सा भी अगले 2 से 3 महीने में खोल दिया जाएगा।
खास बात यह है कि द्वारका एक्सप्रेसवे न सिर्फ दिल्लीवासियों को घंटों लंबी जाम से छुटकारा दिलाएगी बल्कि यह प्रदूषण को भी कम करने में मददगार साबित हो सकती है। द्वारका एक्सप्रेसवे का सिर्फ काम ही नहीं बल्कि इस एक्सप्रेसवे का निर्माण भी काफी खास तरीके से हुआ है, जिसके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

कितनी है लागत
द्वारका एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 29 किमी है, जिसमें से पहले 10 किमी हिस्से का पीएम मोदी ने सोमवार को उद्घाटन कर दिया। द्वारका एक्सप्रेसवे हरियाणा के गुरुग्राम में खेड़की दौला टोल प्लाजा के पास से दिल्ली के महिपालपुर को जोड़ेगा। एक्सप्रेसवे के एक हिस्से को बनाने की लागत करीब 4,100 करोड़ रुपए आयी है। जानकारी के अनुसार पूरे एक्सप्रेसवे को बनाने में लगभग 9 हजार करोड़ रुपए की लागत आने वाली है।

इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, गुरुग्राम बाईपास से सीधे जुड़ गया है। पहले जहां मानेसर से दिल्ली के IGI एयरपोर्ट तक आने में करीब 1 घंटे का वक्त लगता था, वह रास्ता अब महज 20 मिनट में तय किया जा सकेगा। 8 लेन की यह एक्सप्रेसवे का अधिकांश हिस्सा (23 किमी) एलीवेटेड (जमीन से ऊपर) है।
सिंगल पिलर पर बनाया गया है

द्वारका एक्सप्रेसवे सिंगल पिलर पर बनाया गया है, जिससे सड़क बनाने के लिए जमीन की अधिक जरूरत नहीं होगी और सर्विस रोड भी चौड़ा बन जाएगा। शहर के ट्रैफिक को बड़ी ही सफाई से बाईपास करते हुए इस एक्सप्रेसवे से होकर आप अपना सफर पूरा कर सकेंगे। द्वारका एक्सप्रेसवे का दिल्ली सेक्शन में 3.6 किमी हिस्सा सुरंग से होकर गुजरता है। यह टनल एयरपोर्ट के नीचे से गुजर रही है।

टनल को ब्लास्ट प्रूफ बनाया गया है लेकिन इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि यह एयरपोर्ट के रडार में कोई हस्तक्षेप न करें। टनल में इमरजेंसी एग्जिट और कंट्रोल रूम बनाया गया है। इस टनल से IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 को जोड़ा गया है। बताया जाता है कि हर रोज लगभग 40 हजार गाड़ियां इस टनल से होकर गुजरेंगी।
एक्सप्रेसवे के हरियाणा खंड का निर्माण पूरा हो चुका है। इस प्रोजेक्ट के पूरी तरह से तैयार हो जाने के बाद दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर से ट्रैफिक का दबाव लगभग 30 प्रतिशत घट सकता है। यह देश का सबसे छोटा एक्सप्रेस वे है, जिसका 18.9 किमी हिस्सा गुरुग्राम और 10.1 किमी हिस्सा दिल्ली में पड़ता है।
इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से दिल्ली से गुरुग्राम पहुंचने में महज 25 मिनट का समय लगेगा। वहीं मानेसर से सिंधु बॉर्डर तक आने में 45 मिनट का समय लगेगा। यह एक्सप्रेसवे गुरुग्राम में प्रस्तावित ग्लोबल सिटी के साथ-साथ सेक्टर 88, 83, 84, 99, 113 को द्वारका सेक्टर - 21 से जोड़ेगा।

बुर्ज खलीफा और एफिल टावर को भी छोड़ेगा पीछे
द्वारका एक्सप्रेसवे कई मायनो में बेहद खास है। यह देश का पहला एक्सप्रेसवे है जो सिंगल पिलर पर 8 लेन का एक्सप्रेसवे है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में 2 लाख एमटी स्टील का इस्तेमाल किया गया है, जो एफिल टावर की तुलना में करीब 30 गुना अधिक है। वहीं 20 लाख सीयूएम कंक्रीट का इस्तेमाल कर इस एक्सप्रेसवे का निर्माण निर्माण किया गया है, जो बुर्ज खलीफा की तुलना में लगभग 6 गुना ज्यादा बताया जाता है।



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