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नवाबों की नगरी फैजाबाद में क्या देख सकते हैं घूमने के शौक़ीन टूरिस्ट और ट्रैवलर

By Staff

उत्तरप्रदेश में स्थित फैजाबाद, गंगा नदी की एक छोटी सहायक नदी घाघरा के किनारे पर बसा है। मध्यम आकार के इस कस्बे को सन् 1730 में बंगाल के नवाब, अली वर्दी खान द्वारा स्थापित किया गया था। कुछ सालों बाद इसे शुजाउद्दौला द्वारा अवध क्षेत्र की राजधानी घोषित कर दिया गया। उनके शासनकाल में इस शहर ने बहुत उन्नति की और आज भी फैजाबाद अपने रंगीन अतीत की झलक पर्यटकों को दिखाता है। नवाबों ने कलात्मक रूप से समृद्ध कई सजावटी इमारतों को बनवाया जिनमें से कई आज भी गौरवशाली अतीत के साथ खड़ी हैं।

बात यदि फैजाबाद और इसके आसपास के पर्यटन स्थलों की हो तो आपको बता दें कि फैजाबाद में कई आकर्षण हैं जिनमें फैजाबाद संग्रहालय और कलकत्ता का किला प्रमुख हैं। मुगल इमारतों में बहू बेगम का मकबरा और मोती महल भी जाने लायक हैं। ऋषभदेव राजघाट उद्यान को पहले जैन तीर्थांकर भगवान ऋषभदेव की याद में बनवाया गया है।

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हिन्दुओं में गुप्तार घाट बहुत पवित्र माना जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि भगवान राम ने पृथ्वी छोड़ने के लिये यहीं पर जलसमाधि ली थी और भगवान विष्णु के पवित्र घर में प्रवेश किया था। आइये इस लेख के जरिये जानें कि अपनी फैज़ाबाद यात्रा पर ऐसा क्या है जो आपको अवश्य करना चाहिए।

कलकत्ता किला

कलकत्ता किला

फैजाबाद नवाबों की राजधानी हुआ करता था और अपने शासनकाल में उन्होंने कई शानदार इमारतें बनवाई। इन्ही में से एक था कलकत्ता किला जिसका निर्माण अंग्रेजों द्वारा सन् 1764 में बक्सर के युद्ध में हार के बाद शुजाउद्दौला ने करवाया था। किले का निर्माण इस बात का सूचक था कि युद्ध में हारने के बाद भी उनकी क्षेत्र पर पकड़ कम नहीं हुई थी। इतिहास के अनुसार नवाब और उनकी पत्नी अपनी मृत्यु तक किले में रहे। किले की दीवारें स्थानीय मिट्टी की बनी हुई हैं। वास्तुकला विशेष रूप से मुगल शैली का है।

गुलाब बाड़ी

गुलाब बाड़ी

जैसा कि नाम से ही प्रतीत होता है कि गुलाब बाड़ी का मतलब है गुलाब का बगीचा। यह विशाल बगीचा शुजाउद्दौला और उनके परिवार की कब्रों को घेरे पूरे क्षेत्र में फैला है। इस बगीचे को सन् 1775 में स्थापित किया गया था और इसमें कई प्रजातियों के गुलाब पाये जाते हैं। गुलाब के पौधों को बड़ी सतर्कता के साथ लगाया गया है और पूरे बगीचे को पारलौकिक दृश्य प्रदान करता है। इसी परिसर में एक इमामबाड़ा या इमाम की कब्र भी स्थित है जो स्वंय में एक आकर्षण है।

बहू बेगम का मकबरा

बहू बेगम का मकबरा

बहू बेगम का मकबरा नवाब शुजाउद्दौला ने अपनी प्रिय पत्नी की याद में बनवाया था। मकबरा मुगल स्थापत्य कला का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। इतिहास गवाह है कि सन् 1816 में इस मकबरे को ताजमहल की भव्यता के साथ बनाने का प्रयास किया गया। चन्द्रमा की दूधिया रौशनी में सफेद संगमरमर अपनी चमक धारण कर लेता है और ऐसा लगता जैसे कि मकबरे को अमरत्व की चमक मिल जाती है। 42 मीटर की ऊँचाई के साथ यह पूरे फैजाबाद शहर और उसके आसपास का रंग-बिरंगा दृश्य प्रस्तुत करता है। इस इमारत की देखरेख भारतीय पुरातत्व विभाग करता है।

गुप्तार घाट

गुप्तार घाट

गुप्तार घाट वह लम्बा स्थान है जहाँ पर पायी जाने वाली पत्थर की सीढ़ियाँ सरयू नदी की ओर ले जाती हैं। हिन्दुओं में इस घाट को बहुत पवित्र माना जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि भगवान राम ने पृथ्वी छोड़ने के लिये यहीं पर जलसमाधि ली थी और भगवान विष्णु के पवित्र घर या बैकुण्ठ में प्रवेश किया था। पौराणिक महत्व के अलावा सरयू नदी के तट कई छोटे-छोटे मन्दिरों के साथ को सुन्दर दृश्य अचम्भित कर देने वाला होता है।

मोती महल

मोती महल

मोती महल या पर्ल पैलेस नवाब सुजाउद्दौला की पत्नी बहू बेगम का निवास था। यह शानदार इमारत मुगल स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह उत्तरप्रदेश के कुछ चुनिन्दा इमारतों में है जिसकी अपनी अलग पहचान है।

ऋषभदेव राजघाट उद्यान

ऋषभदेव राजघाट उद्यान

फैजाबाद एक प्रमुख तीर्थस्थान और ऐतिहासिक स्थान है। यह थोड़ा आश्चर्य की बात है कि यह प्रतिदिन हजारों की संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है। इनके मनोरंजन की आवश्यक्ताओं की पूर्ति के लिये ऋषभदेव राजघाट उद्यान को आम जनता के लिये सन् 1989 में खोला गया था। इसके हरे भरे मैदान की भलि-भाँति देखरेख की जाती है जिससे कि क्षेत्र में सबसे सुन्दर और घना है। सजावटी पौधों के अलावा इसका प्रमुख आकर्षण प्रथम जैन तीर्थांकर ऋषभदेव जी की पद्मासन योग मुद्रा में एक विशाल 22 फीट की प्रतिमा है।

कैसे जाएं फैज़ाबाद

कैसे जाएं फैज़ाबाद

फ्लाइट द्वारा : फैजाबाद के लिये निकटतम हवाईअड्डा लखनऊ हवाईअड्डा है जो यहाँ से 130 किमी की दूरी पर है।

रेल द्वारा : फैजाबाद में एक प्रमुख रेलवेस्टेशन है जहाँ से दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी और इलाहाबाद जैसे प्रमुख शहरों के लिये सेवायें उपलब्ध हैं।

सड़क मार्ग द्वारा : फैजाबाद राज्य की परिवहन निगम की सामान्य बसों के साथ-साथ लक्ज़री बसों के माध्यम से सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। लक्ज़री बसें थोड़ा मँहगी अवश्य है लेकिन साधारण यातायात के माध्यमों की तुलना में बहुत आरामदायक हैं।

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