गणेश चतुर्थी का शानदार आगाज हो चुका है। दिन में सभी अपने-अपने घरों में गणपति बाप्पा की पूजा करेंगे लेकिन शाम होते ही रोशनी से नहाए विभिन्न पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ेगी, जहां वे भगवान गणेश की मनमोहक प्रतिमाओं के दर्शन करेंगे। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और NCR में हर तरह का त्योहार बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है और गणेश चतुर्थी तो त्योहारों की शुरुआत है।
फिर भला दिल्ली-NCR में गणेश चतुर्थी की धूम कैसे न मचेगी। इस साल दिल्ली का सबसे चर्चित गणेशोत्सव पंडाल 'लालबाग चा राजा' है। इसके अलावा दिल्ली-NCR में गणेश चतुर्थी के मौके पर और कहां-कहां पूजा पंडाल बनाएं गये हैं, उनकी जानकारी हम आपको देने वाले हैं।

1. डीडीए ग्राउंड, संत निरंकारी समागम मैदान, बुरारी
इस साल यहां 8वां गणपति महोत्सव का आयोजन किया गया है, जिसमें लाखों की संख्या में भीड़ उमड़ने की संभावना है। लालबाग का राजा ट्रस्ट के चेयरमैन राकेश बिंदल ने मीडिया से बात करते हुए दावा कि गणपति जी की मूर्ति जो हम लाते हैं, वह 18 फीट से ज्यादा की ही होती है। इतने बड़े गणपति जी की एक मूर्ति दिल्ली में कोई नहीं रखता है। उन्होंने आगे बताया कि इस बार पंडाल को बहुत भव्य सजाया गया है।
जो लोग मुंबई में लालबाग के राजा का दर्शन नहीं कर पाते हैं, उन्हें हम दिल्ली में ही उनके दर्शन करवाना चाहते हैं। मुंबई में लालबाग के राजा का दर्शन करने में 2-3 घंटों का समय और लंबी लाइन लग जाती है, लेकिन दिल्ली में महज 1 घंटे में ही उनके दर्शन मिल जाएंगे।
2. महाराष्ट्र सदन, कॉपरनिकस मार्ग
महाराष्ट्र सदन में परंपरागत तरीके से भगवान गणेश की पूजा का आयोजन किया है। यह दिल्ली का एक लोकप्रिय गणेशोत्सव पंडाल है, जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान गणपति के दर्शन करने आते हैं।

3. डीडीए मिनी क्रिकेट स्टेडियम, बैंक एनक्लेव, लक्ष्मी नगर
लक्ष्मी नगर के डीडीएम मिनी क्रिकेट स्टेडियम में 23वां गणेश महोत्सव का आयोजन किया गया है, जिन्हें 'दिल्ली का महाराजा' के नाम से संबोधित किया जाता है। इस साल इस पूजा पंडाल की थी "विकसित भारत@2047" रखा गया है। श्री गणेश सेवा मंडल के संस्थापक अध्यक्ष महेंद्र लड्डा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यहां भगवान गणेश को ज्वार-बाजरा से बनी विशेष मोदक का भोग लगाया जाएगा।

4. श्री जगन्नाथ मंदिर, श्री जगन्नाथ मार्ग, त्यागराज नगर
श्री जगन्नाथ मंदिर के कन्वेनर ज्ञान रंजन ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मंदिर में भगवान गणेश की हमेशा ही पूजा करते हैं लेकिन पिछले 3 सालों से यहां खास तौर पर गणेश चतुर्थी के मौके पर 4 फीट ऊंचे भगवान गणेश की मूर्ति बनवाकर उनकी पूजा भी की जाती है। इस मूर्ति में ओडिशा की परंपरागत छाप स्पष्ट नजर आती है। उन्होंने आगे बताया कि इस साल जिस पूजा पंडाल का निर्माण किया गया है, वह भी ओडिशा की परंपरा के आधार पर ही किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जतायी की हर दिन लगभग 2000 श्रद्धालुओं के यहां आने की संभावना है।



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