ग्रेटर नोएडा वेस्ट को अब जाम से मुक्ति मिलने वाली है। गौर चौक पर अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जिसके बनने से गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा पूर्व की ओर जाने वाली गाड़ियां बिना रोकटोक के आवाजाही कर सकेंगी। ग्रेटर नोएडा के गौर चौक से होकर प्रतिदिन हजारों की संख्या में गाड़ियां गुजरती हैं जिनका काफी समय यहां लगने वाले जाम में फंसकर बर्बाद हो जाता है।
खासतौर पर पिक आवर के समय यह जाम और भी अधिक समस्याजनक बन जाती है, जिससे अब राहत मिलने की संभावना है।

क्या होगी इसकी विशेषताएं
गौर चौक के इस अंडरपास की लंबाई 760 मीटर होगी। यह अंडरपास 30 मीटर चौड़ा होगा। अंडरपास के दोनों तरफ 250-250 मीटर का रैंप बनाया जा रहा है। बताया जाता है कि इस अंडरपास के निर्माण से ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जाम से राहत मिल सकेगी।
खासतौर पर नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद वाहनों का दबाव काफी ज्यादा बढ़ जाएगा, जिसे नियंत्रित करने के लिए यह अंडरपास मददगार साबित हो सकता है। बताया जाता है कि गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, उत्तराखंड की ओर से आने वाली गाड़ियां जब नोएडा से होकर जेवर एयरपोर्ट पर पहुंचेंगी, तब ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर दबाव भी काफी बढ़ जाएगा। इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइट्स और जल निकासी के लिए बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम भी तैयार किया जाएगा।
कितनी होगी लागत?
दैनिक जागरण की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इस अंडरपास के निर्माण में करीब ₹82 करोड़ खर्च होने वाले हैं। बताया जाता है कि अगले 18 महीनों से इसका निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। पिछले लंबे समय से ग्रेटर नोएडा वेस्ट में गौर चौक पर जाम की समस्या को दूर करने के लिए अंडरपास बनाने की योजना तो थी और सर्दियों में काम को शुरू भी किया गया था।
लेकिन एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने की वजह से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू कर दिया गया था, जिस वजह से अंडरपास का निर्माण भी रुक गया था। अब एक बार फिर से इस अंडरपास का निर्माण शुरू किया गया है। बताया जाता है कि नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद इस रास्ते पर गाड़ियों का दबाव भी काफी बढ़ जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सड़कों को चौड़ा करने के साथ ही अतिक्रमण हटाने की योजना भी बनाई है।



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