मुगल प्रेम की अमर निशानी कहां है? राह चलता अगर कोई अंजान व्यक्ति भी आपसे यह सवाल पूछता है तो शायद आपका जवाब आगरा का ताजमहल ही होगा। जहां बादशाह शाहजहां ने अपनी सबसे पसंदीदा बेगम मुमताज महल के लिए एक ऐसा कब्र बनवाया जैसा दुनिया में ना तो कहीं था और ना ही कहीं और बन पाया है।

लेकिन हम अगर आपसे कहे कि मुगल प्रेम की एक जीती-जागती निशानी हरियाणा में भी मौजूद है...! जी हां, हरियाणा के हिसार में मुगल सुल्तान फिरोज शाह तुगलक के प्रेम की निशानी के रूप में खड़ा है गुजरी महल।
आइए आपको गुजरी महल के इतिहास से रु-ब-रु करवाते हैं :
कहां है गुजरी महल

गुजरी महल हरियाणा के हिसार में मौजूद है। यह महल भले ही आगरा के ताजमहल जितना भव्य ना हो लेकिन ताजमहल की तरह ही इस महल के निर्माण का आधार भी प्रेम ही है। इस महल का निर्माण लगभग 675 साल पूर्व मुगल सुल्तान फिरोजशाह तुगलक ने किया था। इस महल को लोग गुजरी महल के नाम से जानते हैं लेकिन इतिहास के पन्नों में इस महल को गुजर महल के नाम से भी जाना जाता है। इस महल का निर्माण वर्ष 1351-75 में किया गया था। गुजरी महल मुगल सुल्तान फिरोजशाह तुगलक और एक गुजर रानी की प्रेम कहानी की निशानी है।
क्यों बनवाया गया था गुजरी महल

गुजरी महल का निर्माण फिरोजशाह तुगलक ने अपनी गुजर रानी के करवाया था। हिसार की रहने वाली दुध बेचने वाली गुजर लड़की, जिससे वह शिकार के दौरान मिला था और उसके प्यार में पड़ गया था। इस महल का निर्माण उसने उस समय करवाया था, जब उसे गद्दी नहीं मिली थी। वह सिर्फ एक शहजादा था। शिकार के बहाने से शहजादा फिरोज हमेशा यहां छिपकर पहुंच जाया करता था। गद्दी पर बैठने के बाद फिरोजशाह ने उस गुजरी लड़की को शादी का प्रस्ताव दिया और उसने भी झट से हां कह दी। दिल्ली के सुल्तान ने तब अपनी गुजरी रानी के लिए हिसार में गुजरी महल का निर्माण करवाया।
आकर्षण का केंद्र थी दीवान-ए-आम

इस महल का दीवान-ए-आम लोगों के आकर्षण का केंद्र रही है। यह महल में ना सिर्फ फिरोजशाह तुगलक और गुजरी रानी के प्यार की निशानी बना बल्कि यह महल दिल्ली के सुल्तान के न्याय का भी साक्षी बना है। गुजरी महल में फिरोजशाह तुगलक का एक दीवान-ए-आम भी था, जो 40 खंभों के ऊपर भव्यता से बना हुआ है। ऊंचाई पर बने इस भव्य सिंघासन पर बैठकर सुल्तान का दरबार लगता था। इस सिंघासन (तख्त) के नीचे कुआं बना हुआ था। जो इस बात का प्रतिक था कि अगर सुल्तान अन्याय करेगा तो उसका तख्त टूट जाएगा और वह कुएं में गिर जाएगा। न्याय करते समय सुल्तान से बड़ी कोई ताकत नहीं हो सकती, ऐसा सुल्तान का मानना था।
काले पत्थरों से बना है गुजरी महल

गुजरी महल का निर्माण काले रंग के पत्थरों से किया गया है। यह महल एक विशाल आयताकार मंच पर बनाया गया है। आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने इसे केंद्रीय संरक्षित स्मारक घोषित किया है। महल की दीवारें काफी चौड़ी हैं। महल में पानी की कोई कमी ना हो, इसके लिए एक पक्के तालाब का भी निर्माण किया गया है। इस महल में कई तहखाने बने हुए हैं, जिसमें फिरोजशाह तुगलक हथियार रखता था। हथियार रखने व उनकी सुरक्षा के उद्देश्य से ये तहखाने काफी महत्वपूर्ण माने जाते थे।



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