
अक्टूबर के महीने में नवरात्रि, दशहरा और दीवाली का मनाते-मनाते आप भी बोर हो गए हैं और एक आरामदायक व सुकून भरा पल बिताना चाहते हैं तो चलिए आपको एक ऐसे सैर पर लेकर चलते हैं, जहां बिल्कुल राजशाही ठाठ मिलने वाली है, यहां जाने के बाद आप बिल्कुल ही एक राजा की तरह जिंदगी बिता सकते हैं, जो बचपन से इतिहास के पन्नों में पढ़ते आ रहे हैं। अब तो आप समझ ही गए होंगे कि हम कहां की बात कर रहे हैं और अगर नहीं समझे हैं तो कोई बात नहीं, आप परेशान ना हो। दरअसल, हम राजस्थान की बात कर रहे हैं...
जी हां, नवम्बर में घूमने के लिए राजस्थान एक सर्वोत्तम डेस्टिनेशन माना जाता है। अक्टूबर के इन त्योहारों से हर किसी को थकान सी हो गई है तो इससे अच्छा मौका आपको नहीं मिलेगा, निकल पड़िए राजस्थान की एक छोटी सी सैर पर और शांति के साथ एक राजशाही अंदाज जिंदगी के कुछ पल बिताइए। यहां आपको ऐतिहासिक, धार्मिक व सांस्कृतिक तीनों ही स्थल घूमने को मिल जाएंगे।
राजस्थान में घूमने के लिए पर्यटन स्थल

जयपुर
पिंक सिटी के नाम से प्रसिद्ध जयपुर में घूमने के लिए आपको काफी कुछ मिल जाएगा। यहां घूमने के लिए ऐतिहासिक महलों से लेकर झीलों तक किलों से लेकर मंदिरों तक आपको सब कुछ मिल जाएगा। जयपुर अपनी संस्कृति व सभ्यता के साथ-साथ अपने स्वादिष्ट भोजन के लिए भी काफी प्रसिद्ध है। जयपुर, भारत का एकमात्र ऐसा शहर है, जिसको यहां के राजा ने वास्तुकला के अनुसार बसाया था।
घूमने के लिए स्थान - हवा महल, जल महल, जयगढ़ का किला, नाहरगढ़ का किला, आमेर का किला, सिटी पैलेस, रामबाग पैलेस व जंतर मंतर।

जोधपुर
ब्लू सिटी के नाम से प्रसिद्ध जोधपुर की स्थापना 1459 ईस्वी में राठौर वंश के महाराजा राव जोधा जी ने की थी और उन्हीं के नाम पर इस शहर का नाम भी रखा गया था। यहां घूमने के लिए आपको महल से लेकर मंदिर तक और किले से लेकर उद्यान तक सब कुछ देखने को मिलेगा। जोधपुर राजस्थान के बीचों-बीच स्थित है, जिसके चलते इसे राजस्थान का दिल भी कहा जाता है। इसे सूर्य नगरी के नाम से भी जाना जाता है।
घूमने के लिए स्थान - मेहरानगढ़ का किला, उम्मेद भवन पैलेस, खेजडला किला, मोती महल, मंडोर गार्डन व बालसमंद झील।

उदयपुर
उदयपुर, अरावली पर्वतों से घिरा हुआ एक बहुत ही सुंदर शहर है, जिसे झीलों की नगरी या लेक सिटी के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि महाराजा उदय सिंह ने 1559 ईस्वी में इस शहर की खोज की और इसे अपनी राजधानी बना ली। इस शहर में आपको झीलों और रेगिस्तान का कॉम्बो देखने को मिल जाएगा, जो इस शहर की सुंदरता में चार-चांद लगा देता है। इसके अलावा यहां आप अच्छे खाने का स्वाद ले सकते हैं।
घूमने के लिए स्थान - सिटी पैलेस, ताज लेक पैलेस, सज्जनगढ़ पैलेस, सहेलियों की बाड़ी, पिछोला झील, जग मंदिर व जगदीश मंदिर।

जैसलमेर
गोल्डेन सिटी के नाम से मशहूर जैसलमेर पाकिस्तान के साथ सीमा रेखा साझा करता है, जो राजस्थान का पहला और भारत का तीसरा सबसे बड़ा जिला है। जिस थार के रेगिस्तान के बारे में आप बचपन से सुनते आए हैं, वो आपको यहीं देखने को मिल जाएगा, जो जैसलमेर की सुंदरता में चार-चांद लगाता है। यहां रात के समय कैम्पिंग करना पर्यटकों को खूब पसंद आता है। कहा जाता है कि इस शहर की खोज 1156 ईस्वी में भगवान श्रीकृष्ण के वंशज यदुवंशी भाटी रावल जैसल ने की थी। यहां आपको संस्कृति और इतिहास का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलेगा।
घूमने के लिए स्थान - जैसलमेर का किला, पटवों की हवेली, गाड़ीसर झील, अमर सागर झील, डेजर्ट नेशनल पार्क, सैम सैंड ड्युन्स व जैन मंदिर।

अजमेर
भारत का मक्का कहे जाने वाला अजमेर अपने इतिहास और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। कहा जाता है कि इस शहर स्थापना महाराजा पृथ्वीराज चौहान के पुत्र अजयराज चौहान ने 1133 ईस्वी में की थी। यहां पुष्कर शहर में राजस्थान के सबसे बड़े मेले (पुष्कर मेला) का भी आयोजन किया जाता है। अजमेर पूरी अपने महलों और किलों के लिए भी जाना जाता है। यहां विश्व का एकमात्र ब्रह्मा मंदिर भी स्थित है।
घूमने के लिए स्थान - किशनगढ़ किला, तारागढ़ दुर्ग, फॉय सागर लेक, आनासागर लेक, पृथ्वीराज स्मारक, नारेली जैन मंदिर, साईं बाबा मंदिर व अजमेर शरीफ दरगाह।

चित्तौड़गढ़
चित्तौड़गढ़, राजस्थान के उन ऐतिहासिक शहरों में से एक है, जिसकी नींव हजार साल से भी पहले रखी गई है। कहा जाता है 7वीं शाताब्दी में महाराजा चित्रगढ़ मौर्य ने रखी थी और उन्हीं के नाम पर इस शहर का नाम भी पड़ा। रानी पद्मावती की कहानी तो हर किसी ने सुनी ही होगी, उन्होंने यही 1600 महिलाओं के साथ जौहर (आग में खुद को ढकेलना) किया था, जो वर्तमान समय में एक पूज्यनीय स्थल के रूप में भी जाना जाता है। यहां हर साल मार्च में जौहर मेले का आयोजन भी किया जाता है।
घूमने के लिए स्थान - चित्तौड़गढ़ का किला, रानी पद्मावती का महल, मीरा मंदिर, कालिका माता मंदिर व गौमुख जलाशय।

बीकानेर
बीकानेर को 'उन का घर' भी कहा जाता है, जिसकी स्थापना 1488 ईस्वी में राव बीका ने की थी, जिसका नाम पर ही इस शहर का नाम पड़ा। यहां एशिया का एकमात्र राष्ट्रीय ऊंट अनुसधान केंद्र है, जहां ऊंटों के रखरखाव के साथ-साथ उनपर रिसर्च का काम भी किया जाता है। यहां का भुजिया काफी स्वादिष्ट माना जाता है। ऐसे में आप बीकानेर घूमने जाए तो यहां का स्वादिष्ट भुजिया खाना न भूले। करणी माता का प्रसिद्ध मंदिर भी बीकानेर में ही स्थित है।
घूमने के लिए स्थान - चुनागढ़ का किला, लालगढ़ पैलेस, श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर, करणी माता मंदिर, जैन मंदिर व गजनेर झील।

माउंट आबू, सिरोही
माउंट आबू, राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन है, जिसे राजस्थान का शिमला भी कहा जाता है। राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में शुमार माउंट आबू हनीमून डेस्टिनेशन के रूप में भी जाना जाता है। इसके अलावा यहां कई धार्मिक स्थल भी है। अगर आप ट्रेकिंग के शौकिन हैं तो यहां के पहाड़ों पर आप ट्रेकिंग भी कर सकते हैं।
घूमने के लिए स्थान - दिलवाडा जैन मंदिर, अचलेश्वर महादेव मंदिर, सनसेट प्वॉइंट, नक्की झील व माउंट आबू मार्केट।
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