आपने अक्सर बहुत दिनों बाद मिलने वाले दो भाई/बहनों या लोगों के बारे में सुना होगा, 'कुंभ के मेले में बिछुड़े हुए थे'। क्या हो अगर सच में आपका कोई अपना महाकुंभ मेले में बिछुड़ जाए तो? महाकुंभ मेला को दुनिया का सबसे बड़ा सार्वजनिक मेला माना जाता है जिसमें आने वाले लोगों की संख्या हजारों, लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों में होती है। अगले साल 13 जनवरी से प्रयागराज के संगमतट पर महाकुंभ मेला की शुरुआत होने वाली है।
यह मेला 26 फरवरी तक चलेगा। माना जा रहा है कि महाकुंभ मेला में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं व पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। इतने बड़े आयोजन में यह स्वाभाविक ही है कि आपका कोई अपना मेला परिसर में कहीं खो जाता है, या आप अपने परिजनों से बिछुड़ जाएं। अगर ऐसा होता है तो क्या करेंगे आप? कैसे ढूंढेंगे महाकुंभ मेले में खोए अपनो को?

अगर मेला परिसर में खो जाए कोई अपना...
महाकुंभ मेला परिसर में अगर आपका कोई अपना खो जाता है या आप अपनो से किसी भी परिस्थितिवश बिछुड़ जाते हैं, तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उत्तर प्रदेश प्रशासन ने मेला में बिछुड़ने वाले लोगों को उनके घर तक पहुंचाने या अपनों से मिलाने की पूरी व्यवस्था कर रखी है।
मेला परिसर में सबसे पहले उसका डिजिटल रजिस्ट्रेशन करवाएं। इस रजिस्ट्रेशन के तहत एक यूनिक आईडी कार्ड दिया जाता है। यह कार्ड ही पूरे महाकुंभ मेले के दौरान आपकी पहचान बनी रहेगी। अगर कोई व्यक्ति किसी कारणवश खो भी जाता है तो इस कार्ड की मदद से उसे ढूंढ निकाला जा सकेगा।
कैसे बनवाएंगे डिजिटल कार्ड?
महाकुंभ मेला में डिजिटल कार्ड बनवाने के लिए ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। उत्तर प्रदेश प्रशासन व मेला पुलिस ने महाकुंभ मेला परिसर में 10 'डिजिटल खोया-पाया' कैम्प बनाने की घोषणा की है, जिसमें बिछु़ड़े हुए लोगों को उनके परिवार से मिलवाने की कोशिश की जाएगी।
अगर आपका कोई अपना महाकुंभ मेला परिसर में खो जाता है, तो सबसे पहले अपने नजदीकी डिजिटल खोया-पाया कैम्प से संपर्क करें। वे डिजिटल कार्ड की ट्रैकिंग कर व्यक्ति को ढूंढ निकालने के कोशिश करेंगे।
AI कैमरे और सोशल मीडिया की भी ली जाएगी मदद
Time of India की एक मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार महाकुंभ मेला परिसर में AI-पावर्ड कैमरे की मदद से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। इससे जहां किसी भी तरह की अवांछनीय घटनाओं को रोका जा सकेगा, वहीं दूसरी तरफ इन कैमरों की मदद से महाकुंभ मेला परिसर में बिछुड़े हुए लोगों को भी ढूंढने में मदद मिलेगी। इसके अलावा लोकप्रिय सोशल मीडिया जैसे फेसबुक और X की मदद से भी मेले में बिछुड़े हुए लोगों को ढूंढने में मदद ली जाएगी।
क्या हो अगर न मिले परिवार?
महाकुंभ मेले में अगर आप या आपका कोई अपना खो जाता है और किसी तरह से मेला पुलिस के संपर्क में आकर खोया-पाया कैम्प तक पहुंच जाता है। लेकिन अगले 12 घंटों तक या तो आपका परिवार आप तक नहीं पहुंचता है या आप अपने परिवार के खोए सदस्य, जो खोया-पाया कैम्प में मौजूद है, तक नहीं पहुंच पाते हैं तब क्या होगा? अगर ऐसी कोई स्थिति बनती है तो पुलिस इस मामले में हस्तक्षेप करेगी। पुलिस ऐसे खोये व्यक्तियों को उनके घर तक पहुंचाने में मदद करेगी।
नोट- अगर महाकुंभ मेला में आप किसी तरह अपने परिवार से अलग हो जाते हैं और आपको आसपास कोई खोया-पाया कैम्प दिखाई नहीं दे रहा हो तो सबसे पहले पास में मौजूद किसी भी सुरक्षाकर्मी से संपर्क करें और उसे अपनी पूरी स्थिति बताएं।
अगर आप महाकुंभ मेले में बच्चों को लेकर जा रहे हैं तो उनके गले में एक आईडी कार्ड जरूर डालें अथवा उनके पॉकेट में एक चिट रख दें, जिसमें बच्चे का नाम, पता, संपर्क व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर आदि से संबंधित सारी जानकारियां हो। साथ ही बच्चों को यह जरूर सीखाएं कि मेले में खो जाने पर किसी अंजान व्यक्ति से मदद न मांगकर सुरक्षाकर्मियों से मदद मांगे।



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