पिछले 15 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। देशभर के कई शहरों में बड़े ही धुमधाम के साथ मां दुर्गा के भव्य पंडाल तैयार किये गये हैं। लेकिन हर साल सबसे अधिक चर्चा तो कोलकाता के दुर्गा पूजा की ही होती है। पर इस साल भव्यता और आकार के मामले में लखनऊ का एक दुर्गा पूजा पंडाल कोलकाता को भी मात दे रहा है।

पिछले 4 महीनों के अथक प्रयास से बनकर तैयार हुए इस दुर्गा पूजा पंडाल को लेकर आयोजकों का दावा है कि यह पंडाल सिर्फ लखनऊ नहीं...सिर्फ भारत भी नहीं बल्कि आकार में यह पंडाल दुनिया का सबसे ऊंचा दुर्गा पूजा पंडाल है, जिसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया जा रहा है।
प्रेम मंदिर के तर्ज पर बनाया गया है दुर्गा पूजा पंडाल
लखनऊ के प्रसिद्ध जानकीपुरम दुर्गा पूजा पंडाल को इस बार वृंदावन के लोकप्रिय प्रेम मंदिर के तर्ज पर तैयार किया गया है। दूर से देखने पर यह बिल्कुल असली प्रेम मंदिर की तरह ही नजर आ रहा है। इसे उत्सव दुर्गा पूजा का नाम दिया गया है। आयोजकों का दावा है कि पिछले 3 सालों (2019, 2020 और 2022) की तरह ही इस साल भी इस दुर्गा पूजा पंडाल का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया जा चुका है।

इस साल दुनिया के सबसे बड़े दुर्गा पूजा पंडाल के तौर पर इस पंडाल ने अपनी जगह गिनीज बुक में दर्ज करवायी है। इस पंडाल की ऊंचाई 136 फीट है, जो दिखने में लगभग किसी 14 मंजिला इमारत की तरह लग रहा है।
बता दें, अब तक सबसे ऊंचे पंडाल का रिकॉर्ड कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल के नाम था जिसकी ऊंचाई 125 फीट थी।
भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से सजा है पंडाल
इस दुर्गा पूजा पंडाल को सिर्फ प्रेम मंदिर की थीम पर ही नहीं बल्कि इस पंडाल को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से भी सजाया गया है। पंडाल में प्रवेश करते ही सामने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी ऊंगली पर लिये खड़े श्रीकृष्ण के दर्शन होते हैं। उससे थोड़ा आगे बढ़ने पर श्रीकृष्ण गोपियों संग लीलाएं करते भी नजर आते हैं। इस पंडाल में एक जगह बहुत ही आकर्षक तरीके से अभिमन्यु को चक्रव्यूह में घिरा हुआ भी बनाया गया है। बताया जाता है कि इस दुर्गा पूजा पंडाल को पश्चिम बंगाल और असम के कारिगरों ने तैयार और सजाया है।
4 महीनों का लगा समय
लखनऊ के प्रसिद्ध जानकीपुरम दुर्गा पूजा पंडाल को तैयार करने में करीब 4 महीनों का समय लगा है। आयोजकों से मिली जानकारी के अनुसार 47,210 वर्ग फूट के क्षेत्र में इस दुर्गा पूजा पंडाल का निर्माण किया गया है। इसे तैयार करने में लगभग 55-70 लाख रूपये का खर्च आया है। पूजा पंडाल को थर्मोकोल से तैयार किया गया है। थर्मोकोल को संगमरमर का रूप प्रदान करने के लिए लगभग 600 लीटर पेंट का इस्तेमाल किया गया है।

इस दुर्गा पूजा पंडाल की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां मां दुर्गा के हाथों में बांसुरी सजी देखने को मिलेगी। मां के पट 19 अक्टूबर को खोल दिये गये हैं। बताया जाता है कि इस पूजा पंडाल को देखने के लिए पहले ही दिन लगभग 20,000 लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है। आयोजकों को पूरी उम्मीद है कि नवरात्रि के बाकी दिनों में भी यहां श्रद्धालुओं की भीड़ जरूर उमड़ेगी।
कैसे पहुंचे पंडाल
यह दुर्गा पूजा पंडाल लखनऊ के जानकीपुरम में इंजीनियरिंग चौराहे से थोड़ा अंदर जाने पर दाहिनी तरफ पार्क में बना हुआ है। दुर्गा पूजा पंडाल को 24 घंटे ही खुला रखा जाएगा। इसलिए लोग जब चाहे तब आकर इस पंडाल को, यहां भगवान श्री कृष्ण की विभिन्ना लीलाओं और मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमा को देख सकेंगे।



Click it and Unblock the Notifications














