नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने दिल्ली-जयपुर-अजमेर रूट पर 2 नये फ्लाईओवर और 1 अंडरपास बनाने की घोषणा की है। यह घोषणा निश्चित रूप से इस रूट से होकर नियमित तौर पर आवाजाही करने वाले लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी बड़ी अच्छी खबर है क्योंकि छुट्टियों में अथवा त्योहारों के मौके पर बड़ी संख्या में पर्यटक सड़क मार्ग से दिल्ली से जयपुर और अजमेर तक का सफर तय करते हैं।
बताया जाता है कि इन दोनों फ्लाईओवर और अंडरपास के बन जाने से दिल्ली से इन शहरों के बीच आवाजाही करने में समय की भी काफी बचत होने वाली है।

दिल्ली-जयपुर-अजमेर रूट पर बनाए जाने वाले दो फ्लाईओवर और एक अंडरपास के बारे में हम आपको विस्तृत जानकारी आगे दे रहे हैं :
तैयार किया जा रहा है DPR
दिल्ली-जयपुर-अजमेर रूट पर NHAI ने जिन दोनों फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने की घोषणा की है, फिलहाल उनके DPR (विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पर काम किया जा रहा है। संभावना है कि अगले महीने (दिसंबर) तक DPR बनाने का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद उसे केंद्रीय सड़क परिवहन व हाईवे मंत्रालय के पास पारित होने के लिए अगले महीने के अंत तक भेज दिया जाएगा।
इस रूट पर दोनों फ्लाईओवर और अंडरपास को बनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को ट्रैफिक जाम में होने वाली परेशानियों से बचाना ही है, जिसमें फंसकर अक्सर इस रूट से होकर आवाजाही करने वाले लोगों का घंटों का समय बर्बाद हो जाता है। इसके साथ ही अजमेर रोड इंटरसेक्शन को भी अपग्रेड करने की योजना है, जो पीक आवर के दौरान लोगों की परेशानी का सबब बन जाता है।
लागत और कब से शुरू होगा काम?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली-जयपुर-अजमेर रूट पर दो फ्लाईओवर और एक अंडरपास को NHAI ने करीब ₹200 करोड़ की लागत से बनाने का फैसला लिया है। अगले महीने के अंत तक इसका प्रस्ताव का DPR केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के पास भेज दिया जा सकता है।
अगर यह प्रस्ताव पारित हो जाता है तो जनवरी 2025 तक इसके निर्माण का टेंडर आमंत्रित किया जा सकता है। बताया जाता है कि इन तीनों संरचनाओं के तैयार होने में करीब डेढ़ साल का समय लग सकता है। हालांकि अगर निर्माण में अधिक बाधाएं या परेशानी नहीं आती हैं तो इस रूट पर दो फ्लाईओवर और एक अंडरपास के निर्माण में डेढ़ साल से कम का वक्त भी लग सकता है।

हो सकती हैं कौन सी परेशानियां और क्या होगा फायदा?
दिल्ली-जयपुर-अजमेर रूट विशेष रूप से व्यापार के सिलसिले में आने-जाने वाले लोगों के साथ-साथ पर्यटकों की आवाजाही के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन ट्रैफिक जाम की समस्या यहां लगी ही रहती है। पिक आवर के दौरान ट्रैफिक जाम में फंस जाने से कई बार लोगों को 198 मिनट तक यानी 3 घंटे से भी ज्यादा का समय फंसा रहना पड़ता है।
नए फ्लाईओवरों और अंडरपास का निर्माण निश्चित रूप से इस देरी में कमी लाएगा। इनके बन जाने से इस रूट से होकर आवाजाही करने वाले हजारों लोगों को बहुत फायदा होने की संभावना है। दोनों फ्लाईओवर और अंडरपास के बन जाने से खास तौर पर जयपुर के भंक्रोता और कमला नेहरु नगर इंटरसेक्शन पर वाहनों की भीड़ कम हो जाएगी, जहां अक्सर ट्रैफिक जाम लगा ही रहता है।
बता दें, जयपुर के भंक्रोता और कमला नेहरु नगर फ्लाईओवर के निर्माण का काम लगभग पूरा होने वाला है। वर्तमान में दिल्ली से अजमेर की ओर जाने वाले वाहन पुराने फ्लाईओवर का इस्तेमाल करते हैं। दो नए फ्लाईओवर में से एक फ्लाईओवर 200 फीट चौड़े पुराने फ्लाईओवर के समानांतर बनाया जाएगा जो अजमेर, बागरु, भंक्रोता से दिल्ली और सिकर की ओर जाने वाले वाहनों को आगे बढ़ने में मदद पहुंचाएंगे। इसेस अजमेर, जयपुर और दिल्ली के बीच आवाजाही करने में कम ट्रैफिक मिलने की उम्मीद है, जिससे न तो ट्रैफिक जाम होगी और न ही समय की बर्बादी होगी।



Click it and Unblock the Notifications














