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जाने! राम लला की भूमि अयोध्या के बारे में

By Goldi

उत्तर प्रदेश में स्थित अयोध्या सिर्फ रामजन्म भूमि ही नहीं बल्कि राजनिती के लिए काफी मायने रखती हैं। इस साल यूपी में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद बीजेपी ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने का मुद्दा एक बार फिर उठाया है।

बीते कई सालों से इस जगह पर बाबरी मस्जिद और मंदिर को लेकर झगड़ा चल रहा है...लेकिन बीजेपी के आने के बाद लोगो में आस है कि, यहां राम मंदिर बनेगा।

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पौराणिक कथायों के मुताबिक,अयोध्या भगवान श्रीराम की जन्मभूमि है। यह नगर बहुत ही प्राचीन है और सरयू नदी के तट पर बसा है। यह यूपी के फैजाबाद जिले में है। यह शहर राजधानी लखनऊ से महज 134 किमी की दूरी पर स्थित है।

इसी क्रम में हमारे आज के लेख में जानिये श्री रामजन्म भूमि यानी अयोध्या के मुख्य पर्यटन स्थलों के बारे में जानकरी देने जा रहें है..

 आखिर क्यों है विवाद

आखिर क्यों है विवाद

अयोध्या को श्री राम जन्म भूमि के नाम देश और विदेशों में प्रख्यात है,यहां भगवान राम को समर्पित एक छोटा सा मंदिर है। इस मंदिर को पहली बार 15 वीं शताब्‍दी में भारत के प्रथम मुगल शासक के द्वारा क्षति पंहुचाई गई थी और अपवित्र किया गया था।बाबर ने इस मंदिर के स्‍थान पर एक मस्जिद बनवाई जिसे बाबरी मस्जिद के नाम से जाना जाता था।
PC: wikimedia.org

कैसे हुआ झगड़ा?

कैसे हुआ झगड़ा?

यह स्‍थल 1528 से 1853 तक मुसलमानों के लिए धार्मिक स्‍थल था। उस दौर से यह जग‍ह झगड़े की जड़ बनी हुई है, दो समुदाय आपस में इसी जगह की वजह से भिड़ जाते है और कई बार दंगे होने का खतरा रहता है।
सरकार द्वारा इस स्‍थल को हिंदू और मुस्लिम दोनों के लिए पूजा का स्‍थल निर्धारित किया है।PC: wikimedia.org

राम भक्‍तों ने नष्ट कर दी थी मस्जिद

राम भक्‍तों ने नष्ट कर दी थी मस्जिद

राम भक्‍तों ने इस मंदिर में 1949 को भगवान राम, लक्ष्‍मण, भरत और शत्रुघ्‍न की बाल्‍यकाल की मूर्तियों को रख दिया था। 6 दिसम्‍बर, 1992 को विश्‍व हिंदू परिषद के नेतृत्‍व में राम भक्‍तों ने मस्जिद को नष्‍ट कर दिया था, जो माता सीता की रसोई वाले स्‍थल पर बनाई गई थी।
यह वास्‍तव में एक और मंदिर है जो हनुमान जी के दूसरे मंदिर के साथ है। बाद में यह विनाश देश के सबसे सांप्रदायिक दंगों में से एक बन गया जो देश की सबसे खराब हिंसा थी।

श्री राम जन्मभूमि

श्री राम जन्मभूमि

अयोध्या को श्री राम जन्म भूमि के नाम देश और विदेशों में प्रख्यात है,यहां भगवान राम को समर्पित एक छोटा सा मंदिर है। इस मंदिर में राम भक्त आकर भगवान राम के दर्शन कर सकते हैं।PC: wikimedia.org

हनुमान गढ़ी

हनुमान गढ़ी

राम जन्म भूमि के बाद हनुमान गढ़ी श्रधालुयों का प्रमुख स्थल है..इस जगह को हनुमान जी जा घर भी कहा जाता है ।यह मंदिर बजरंग बली को समर्पित है । हनुमानगढ़ी एक टीले पर स्थित है..इस मंदिर में मां अंजनी और बाल हनुमान की मूर्ति है ।लोगों का मानना है कि इस मंदिर में सभी मन्‍नतें पूरी होती हैं। साल भर इस मंदिर में भक्‍तों का तांता लगा रहता है।

सीता की रसोई

सीता की रसोई

माता सीता के नाम पर बनी सीता की रसोई कोई शाही रसोई नहीं बल्कि एक मंदिर है। यह मंदिर राम जन्‍म भूमि के उत्‍तरी - पश्चिमी भाग में स्थित है। इस मंदिर में भगवान राम, लक्ष्‍मण, भरत और शत्रुघ्‍न व उन सभी की पत्नियों सीता, उर्मिला,मांडवी और सुक्रिर्ति की मूर्ति लगी हुई हैं।इस रसोई में प्रतीकात्‍मक रसोई के बर्तन रखे हैं जिनमें रोलिंग प्‍लेट या चकला और बेलन आदि को देखा जा सकता है।

राम की पौढ़ी

राम की पौढ़ी

जिस तरह हरिद्वार में हर की पौढ़ी स्थित है उसी तरह अयोध्या में राम की पौढ़ी स्थित है। यहां नयाघाट है जहां श्रद्धालु अयोध्‍या में सरयु नदी में स्‍नान करते है। इस घाट पर भारी संख्‍या में भक्‍त स्‍नान करने आते हैं और पवित्र नदी में पवित्र डुबकी लगाते है।और मानते हैं कि इससे पाप धुल जाते है।
PC: wikimedia.org

राम कथा पार्क

राम कथा पार्क

यह एक बहुत बड़ा पार्क है.यहां ओपन एयर थियेटर यानि मैदान में थियेटर की व्‍यवस्‍था है जहां कई प्रकार के सांस्‍कृतिक, धार्मिक और आध्‍यात्मिक कार्यो का आयोजन किया जाता है। इस पार्क में हमेशा जनता प्रवचन, शास्‍त्र और अन्‍य धार्मिक गतिविधियां गाने - बजाने के साथ चलती रहती हैं।

दशरथ भवन

दशरथ भवन

दशरथ भवन, अयोध्‍या के बीचों - बीच में स्थित है। यह माना जाता है कि इस भवन को ठीक उसी जगह बनाया गया है जहां राजा का असली निवास हुआ करता था और भगवान राम के पिता का अस्तित्‍व भी इसी स्‍थान से जुड़ा हुआ है।इस भवन के मंदिर में श्री राम, लक्ष्‍मण और सीता की मूर्तियां लगी हुई है। इस मंदिर का प्रवेश द्वार बेहद बड़ा और रंगीन है।

गुलाब बाड़ी

गुलाब बाड़ी

जैसा कि नाम से ही प्रतीत होता है कि गुलाब बाड़ी का मतलब है गुलाब का बगीचा। यह विशाल बगीचा शुजाउद्दौला और उनके परिवार की कब्रों को घेरे पूरे क्षेत्र में फैला है। इस बगीचे को सन् 1775 में स्थापित किया गया था और इसमें कई प्रजातियों के गुलाब पाये जाते हैं।PC: wikimedia.org

तुलसी स्मारक

तुलसी स्मारक

तुलसी स्मारक वही जगह है, जहां बैठकर गोस्वामी तुलसी दास जी रामायण की रचना की थी। इस स्मारक का निर्माण सन 1969 में श्री विश्‍वनाथ दास जी ने कराया था। यह भवन 300 फीट की ऊंचाई पर राजगंज क्रॉसिंग पर राष्‍ट्रीय राजमार्ग के पूर्वी हिस्‍से में स्थित है।

कब जाएँ अयोध्या

कब जाएँ अयोध्या

अयोध्‍या में भ्रमण करने का सबसे अच्‍छा समय नवंबर से मार्च के दौरान होता है। वैसे यहां साल के अन्‍य दौर में मौसम काफी गर्म और शुष्‍क रहता है। हालांकि, अयोध्‍या एक प्रसिद्ध धार्मिक स्‍थल है जहां साल के सभी दिन श्रद्धालु आते हैं और दर्शन करते हैं।

कैसे पहुंचे अयोध्या

कैसे पहुंचे अयोध्या

अयोध्‍या अच्‍छी तरह से एयर, वायु और सड़क के द्वारा जुड़ा हुआ है।

हवाई जहाज द्वारा
अयोध्या का नजदीकी एयपोर्ट लखनऊ एयरपोर्ट है...पर्यटक लखनऊ से बस या टैक्सी से आसानी से अयोध्या पहुंच सकते हैं।

रेलवे स्टेशन
अयोध्या का नजदीकी रेलवे स्टेशन अयोध्या का जंक्शन स्टेशन हैं...

सड़क द्वारा
टैक्सी से आसानी से पहुंच सकते हैं।

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