प्रयागराज में संगम तट पर एक ओर जहां अगले साल मकर संक्रांति के समय लगने वाले महाकुंभ मेले की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। वहीं दूसरी ओर प्रयागराज के तीर्थ स्थलों का विकास भी बड़ी तेजी से किया जा रहा है ताकि महाकुंभ मेले में आने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो। इसी क्रम में प्रयागराज के संगम तट पर स्थित बड़े हनुमान मंदिर में भव्य कॉरिडोर का निर्माण की शुरुआत भी कर दी गयी है।
मिली जानकारी के अनुसार इस कॉरिडोर का निर्माण काशी विश्वनाथ और अयोध्या में राम मंदिर कॉरिडोर के तर्ज पर ही किया जाना है।

किया गया भूमि पूजन
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार को दिन में लगभग 10.45 बजे भगवान श्रीराम के जयघोष और ढोल-नगाड़ों व डमरू वादन के साथ पूरे विधि-विधान और परंपरागत रूप से कॉरिडोर निर्माण का भूमि पूजन किया गया। इस दौरान एक तरफ श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के पीठाधीश्वर और बड़े हनुमान मंदिर के महंत व अन्य साधु संत उपस्थित रहे वहीं दूसरी तरफ प्रयागराज विकास प्राधिकरण और मेला प्रशासनों की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।
मिली जानकारी के अनुसार महाकुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए प्रयागराज में लगभग 7 हजार करोड़ रुपए की 450 से ज्यादा छोटी-बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें हनुमान मंदिर, अक्षयवट और महर्षि भरद्वाज आश्रम कॉरिडोर प्रमुख है।

क्या-क्या बनेगा कॉरिडोर में?
- बड़े हनुमान मंदिर कॉरिडोर के निर्माण के लिए कुल 11589 वर्ग मीटर जमीन को चिह्नित किया गया है।
- इसमें से 535 वर्ग मीटर जमीन पर बड़े हनुमान का भव्य मंदिर और परिक्रमा पथ बनाया जाएगा।
- कॉरिडोर के लिए 2184 वर्ग मीटर जमीन निर्धारित की गयी है।
- कॉरिडोर में Pathway होगा, इसके अलावा पूजा के प्रसाद और फूलमाला आदि की दुकानों के लिए 6176 वर्ग मीटर की खुली जगह को विकसित किया जाएगा।
- कॉरिडोर रोड के लिए 1310 वर्ग मीटर और पैदल परिक्रमा पथ के लिए 760 वर्ग मीटर की भूमि का प्रस्ताव दिया गया है।
- कॉरिडोर में प्रवेश और निकास के लिए दो विशाल द्वार बनेंगे। इसके साथ ही कॉरिडोर के अंदर 10 द्वार बनाए जाएंगे।
- कॉरिडोर की दीवारों पर हनुमानजी के जीवन से जुड़ी विभिन्न घटनाओं को उकेरा जाएगा।
- प्रसाद तैयार करने के लिए आधुनिक किचन, श्रद्धालुओं के ध्यान के लिए मेडिटेशन सेंटर और पूजा के लिए अलग स्थान होगा।
- गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास का रास्ता और चौड़ा किया जाएगा।
- सुरक्षा के 3 स्तर बनाए जाएंगे।
- श्रद्धालु क्यूआर कोड के माध्यम से मंदिर कॉरिडोर में प्रवेश कर सकेंगे।
- क्लाक रूम, आरओ पेयजल की सुविधा, मंदिर परिसर के बाहर शौचालय आदि की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
प्रयागराज के बड़े हनुमान मंदिर कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू होने में काफी विलंब हुआ है। इसकी वजह सेना की जमीन का होना बताया जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कॉरिडोर का निर्माण दो चरणों में करवाया जाएगा। इसके पहले चरण का निर्माण महाकुंभ से पहले और दूसरे चरण का निर्माण महाकुंभ के बाद होगा। कॉरिडोर का निर्माण कर ही कंपनी के अधिकारियों ने मीडिया को बताया पहले चरण में पाइलिंग और चहारदीवारी का निर्माण होगा और दूसरे चरण में गर्भगृह का निर्माण किया जाएगा।
लागत और कब तक पूरा होगा निर्माण?
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो प्रयागराज के बड़े हनुमान मंदिर कॉरिडोर के निर्माण की लागत करीब ₹38-₹40 करोड़ होगी। बताया जाता है कि कॉरिडोर निर्माण का पहला चरण अगले 4-6 महीने के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। यानी पूरी संभावना है कि महाकुंभ से पहले मंदिर के कॉरिडोर के पहले चरण का निर्माण पूरा हो जाएगा। महाकुंभ मेले के बाद दूसरे चरण का निर्माण कार्य शुरू होगा।

बता दें, प्रयागराज के बड़े हनुमान मंदिर का महत्व काफी ज्यादा माना जाता है। दावा किया जाता है कि यह दुनिया का इकलौता मंदिर है जहां बजरंगबली की लेटी हुई अवस्था में प्रतिमा स्थापित है। इस मंदिर का महत्व सिर्फ प्रयागराज में ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्र में भी काफी ज्यादा माना जाता है। आम दिनों में तो यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने आते ही हैं लेकिन माघ मेले और कुंभ के समय इस मंदिर में पैर रखने की जगह नहीं मिलती है।



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