राजस्थान में ब्यावर से भरतपुर तक आना जाना जल्द ही आसान बनने वाला है। पिछले साल राजस्थान बजट के समय भरतपुर से ब्यावर के बीच ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेसवे बनाने की घोषणा की गयी थी, जिसके निर्माण की प्रक्रिया को अब शुरू कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार भरतपुर से ब्यावर के बीच करीब 342 किमी लंबा ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा।
इसके निर्माण की जिम्मेदारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने ली है। बताया जाता है कि इस साल जनवरी में ही इस एक्सप्रेसवे का विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाने को हरी झंडी मिल गयी थी, जिसके बाद सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया गया है। कितनी होगी इस एक्सप्रेसवे की लंबाई और कब तक बनकर होगा तैयार?

पत्रिका की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार ब्यावर-गोमती हाईवे का निर्माण कर रही NHAI को ही इसका DPR तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। DPR बनाने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। बताया जाता है कि ब्यावर से भरतपुर के बीच एक्सप्रेसवे के निर्माण में कितनी लागत आने वाली है, इस संबंध में सटिक जानकारी DPR और सर्वेक्षण का काम पूरा होने के बाद ही पता चल सकेगा।
बता दें, पिछले साल ही बजट में राजस्थान में 9 ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण की घोषणा की गयी थी, जिसमें भरतपुर से ब्यावर एक्सप्रेसवे भी शामिल है। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अब जाकर शुरू हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नेशनल हाईवे 58 से यह एक्सप्रेसवे शुरू होगा, जो भरतपुर के नेशनल हाईवे 21 तक बनेगा। इस एक्सप्रेसवे में ऐसे कई रास्तों को शामिल किया गया है, जहां अब तक कोई यातायात संपर्क नहीं था। यह ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेसवे मैदानों व खेतों के बीच से होकर निकलेगा, जिससे शहरों में होने वाली भीड़भाड़ को टाला जा सके।

साथ ही जमीन समतल होने की वजह से गाड़ियों की रफ्तार भी तेज रखी जा सकेगी, जिससे भरतपुर से ब्यावर के बीच आवाजाही में लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के बनने से इस क्षेत्र में पर्यटन के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी रफ्तार मिलेगी।
कितनी घटाएगा दूरी और लागत?
ब्यावर से भरतपुर के बीच की दूरी करीब 370 किमी है, जिसे तय करने में लगभग 7 से 8 घंटे का समय लग जाता है। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से यह दूरी घटकर 342 किमी हो जाएगी, जिससे निश्चित रूप से तेज रफ्तार के साथ 5 से 6 घंटे में तय किया जा सकेगा। इस एक्सप्रेसवे में ज्यादा घुमावदार रास्ते नहीं बनेंगे, जिससे स्पीड को बनाए रखा जा सकेगा।
पूरे रास्ते में निर्धारित प्रवेश व निकास के अलावा और कोई भी गाड़ी प्रवेश नहीं कर सकेगा, इसलिए दुर्घटना की संभावनाएं भी काफी कम हो जाएंगी। मिली जानकारी के अनुसार इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए लगभग 3175 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित किया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण की आनुमानिक लागत ₹14,010 होगी। अगले 2 सालों में इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शुरू कर देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह एक्सप्रेसवे गुलाबपुरा, केकड़ी, टोडारायसिंह, उनियारा, टोंक, निवाई होकर ब्यावर से भरतपुर तक जाएगी।



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