नवंबर के महीने आते ही पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों और रेगिस्तान तक में गुलाबी सर्दियां पड़नी शुरू हो जाती है, जो धीरे-धीरे बढ़ती रहती हैं। यहीं वह समय होता है जिसे राजस्थान में घूमने के लिए बिल्कुल सही समय माना जाता है। इस महीने में न तो ज्यादा ठिठुराने वाली सर्दी पड़ती है और न ही कड़ाके की धूप लोगों को परेशान करती है।
नवंबर के महीने से राजस्थान में कई विंटर फेस्टिवल (Winter Festival) आयोजित होने शुरू हो जाते हैं, जिसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में देसी और विदेशी पर्यटक राजस्थान का रूख करते हैं।

हम यहां नवंबर के महीने में राजस्थान के अलग-अलग शहरों में आयोजित होने वाले विंटर फेस्टिवल और उनके आयोजित होने की तारीखों के बारे में आपको बता रहे हैं। जल्दी से इन फेस्टिवल्स में से अपना पसंदीदा कोई फेस्टिवल चुन लें और उसके आधार पर ही घूमने का प्लान बना लें। क्योंकि राजस्थान के ये फेस्टिवल बड़े ही शानदार होते हैं, जिसमें शामिल होना आपको निश्चित रूप से जिंदगी भर के लिए गुदगुदाने वाला अनुभव दे जाएंगा -
1. पुष्कर मेला
इसे पुष्कर ऊंट मेला भी कहा जाता है। इस साल भगवान ब्रह्मा की नगरी पुष्कर में पुष्कर झील के किनारे 9 नवंबर से पुष्कर मेला का आयोजन होने वाला है। इस मेले में ऊंटों की खरीद-बिक्री से लेकर ऊंटों के कई तरह के करतब दिखाए जाते हैं। तरह-तरह के खेल और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है जिसमें खासतौर पर इस मेले में शामिल होने के लिए आने वाले विदेशी ौर देसी मेहमान हिस्सा लेते हैं। इस साल पुष्कर में ऊंटों का मेला 15 नवंबर तक चलेगा।

2. चंद्रभागा मेला
चंद्रभागा नदी के नाम पर ही इस मेले का नाम चंद्रभागा मेला रखा गया है। 3 दिनों तक चलने वाले इस मेले राजस्थान के सबसे बड़े पशु मेला में से एक है। इस साल 14 से 16 नवंबर तक झालावार में चंद्रभागा मेला का आयोजन किया जाएगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मेले के दौरान पहुंचते हैं जो चंद्रभागा नदी में पवित्र डुबकी लगाकर अपने पापों से मुक्ति पाते हैं।
इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम, शानदार राजस्थानी व्यंजन और राजस्थान के पारंपरिक सामानों की खरीद-बिक्री के लिए स्टॉल भी लगाए जाते हैं। इस मेले में 3 दिनों तक पारंपरिक दीपदान, शोभा यात्रा और कई तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है जिसमें बड़ी संख्या में लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
3. बूंदी फेस्टिवल
बूंदी फेस्टिवल राजस्थान का एक शानदार मेला है, जिसका आयोजन हाडोती क्षेत्र के किलों, महलों और बावड़ियों में कियाजाता है। इस साल बूंदी फेस्टिवल का आयोजन 18 से 20 नवंबर तक किया जाएगा। फेस्टिवल के दौरान लोग पारंपरिक और लोक नृत्य - संगीत का आनंद उठाते हैं। महिलाएं व पुरुष पारंपरिक रंग-बिरंगे परिधान में सजते हैं। फेस्टिवल के दौरान शोभा यात्रा निकाली जाती है, जिसमें बूंदी शहर के शानदार इतिहास का जश्न मनाया जाता है। इसके साथ ही फेस्टिवल के दौरान दीवारों पर रंग-बिरंगे और शानदार भित्तीचित्र भी बनाए जाते हैं जो देखने लायक होते हैं।

4. मत्स्य फेस्टिवल
अलवर में मनाया जाने वाले मत्स्य फेस्टिवल का नाम मत्स्य साम्राज्य के नाम पर पड़ा था। यह दो दिनों तक मनाया जाता है। इस साल मत्स्य फेस्टिवल 25 और 26 नवंबर को मनाया जाएगा। फेस्टिवल के दौरान कई तरह की रोमांचक गतिविधियां होती हैं, जैसे ऊंटों की दौड़, पारंपरिक फोक परफॉर्मेंस, दंगल और भी न जाने क्या-क्या। स्थानीय लोग हाथों से बुने कपड़ों और मिट्टी से बने सामानों की दुकानें लगाते हैं। वहीं इस मेले में अलवर के शानदार व्यंजनों परोसने वाले कई फूड स्टॉल भी लगाए जाते हैं, जो इस फेस्टिवल की जान ही बन जाते हैं।

तो फिर इनमें से कौन सा फेस्टिवल आपको सबसे ज्यादा पसंद आया और किसमें इस साल शामिल होने का मन बना रहे हैं? एक बात तो तय है, आप भले ही किसी भी विंटर फेस्टिवल में शामिल हो लेकिन राजस्थान में आयोजित होने वाले हर विंटर फेस्टिवल में राजस्थान की संस्कृति और वहां बनने वाले शानदार व्यंजनों का स्वाद आपको जरूर मिलेगा।



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