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2017 बनाना है यादगार तो जरुर जायें इन जगहों पर

Written By: Goldi

भारत एक बेहद ही खूबसूरत देश है..जहां नजर फैलायो आपको मीलों दूर तक बस हरियाली ही हरियाली नजर आएगी। भारत में कई ऐसी जगहें मौजूद है..जिनके बारे में यकीनन आपने नहीं सुना होगा, लेकिन अगर आप आप वाकई इन छुट्टियों में कुछ नया और रोमांचकारी देखना और करना चाहते हैं तो आपको भारत की कुछ अनसुनी जगहों की सैर जरुर करनी चाहिए।

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इन जगहों पर अभी भी इंसान का हस्तक्षेप न के बराबर है और प्राकृतिक सुंदरता मीलों तक फैली है। ये ऐसी जगहें जो अपनी खूबसूरती के चलते अपनी सुंदरता से पर्यटकों को अपनी ओर लुभाती हैं।

बनना है अगर स्मार्ट ट्रेवलर..तो जरुर आजमायें ये टिप्स

इसी क्रम में हमारे आज के लेख में हम आपको कुछ ऐसी ही अज्ञात जगहों के बारे में बता रहे हैं जिनके बारे में जानकर आप रोमांच से भर जाएंगे...और हां इस आर्टिकल को पढ़कर बस छोड़ मत देना..अगर वाकई जिन्दगी को खुशनुमा रंगों से भरना है तो इन जगहों की सैर एक बार अवश्य करें....

चोपता, उत्तराखंड

चोपता, उत्तराखंड

चोपता उत्तराखंड स्थित एक बेहद ही खूबसूरत गांव है..जोकि तुंगनाथ ट्रेक के लिए भी जाना जाता है। यहां पर ट्रैकिंग के रास्ते म तुंगनाथ मंदिर भी है। प्रसिद्ध पांच केदार मंदिरों में से तुंगनाथ तीसरा मंदिर है। तुंगनाथ पहुंचने के लिए चोपता पर ही बेस कैंप बनाया गया है। इस जगह की खूबसूरती के कारण इसे छोटा स्विट्ज़रलैंड भी कहा जाता है। अगर आप चोपता घूमने के मूड में है तो यहां आने का उचित समय मई से नवम्बर का है। साथ ही अगर आप बर्फबारी का मजा लेना चाहते हैं..तो नवंबर से मार्च के भी यहां की सैर कर सकते हैं।PC:Deepak malik

कैसे पहुंचे चोपता

कैसे पहुंचे चोपता

हवाई जहाज द्वारा
यहां आने के लिए पहले ऋषिकेश आएं। ऋषिकेश के लिए नजदीकी एयरपोर्ट देहरादून है। देहरादून के लिए सभी बड़ी सिटीज से फ्लाइट्स मिलती हैं। यहां से चोपटा टैक्सी या बस से जा सकते हैं।

ट्रेन द्वारा
चोपता का नजदीकी स्टेशन ऋषिकेश (209 किमी) है। यह स्टेशन देश के सभी बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है। दिल्ली, देहरादून, कोलकाता, मुंबई, जयपुर, पटना, अहमदाबाद, गया, वाराणसी, पुरी, कोची और भुवनेश्वर से डायरेक्ट ट्रेन चलती हैं। यहां से ऊखीमठ और चोपटा के लिए टैक्सी, बस मिलती हैं।

सड़क द्वारा
दिल्ली, हरियाणा, यूपी, पंजाब और उत्तराखंड से ऋषिकेश के लिए बसेस चलती हैं। यहां से NH58 पर रूद्रप्रयाग वाली रोड पर जाने से ऊखीमठ पड़ेगा। ऊखीमठ से चोपटा 40 किमी है। बस या टैक्सी लें।

PC:Alok

फुगताल, लद्दाख - कश्मीर

फुगताल, लद्दाख - कश्मीर

उत्तर भारत में कश्मीर एक ऐसी खूबसूरत जगहे है..जो वाकई स्वर्ग से कम नही है। यूं तो कश्मीर में कई ऐसी जगहें है..जिनके बारे में आपने काफी कुछ सुना होगा..लेकिन आज हम आपको कश्मीर की ऐसी एक खूबसूरत जगह का नाम बताने जा रहे हैं..जिसके बारे में शायद ही आपने सुना होगा। इस जगह का नाम है। फुगताल मठ यह मठ बोध धर्म के अनुयायियों के लिए है, जहां वह शिक्षा प्राप्त करते हैं। फुगताल जम्मू कश्मीर के लद्दाख में स्थित है। इसे फुग्ताल या फुक्ताल मठ के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ की स्थानीय ज़ंस्कारी भाषा में 'फुक' का मतलब होता है 'गुफ़ा' और 'ताल' का मतलब होता है आराम के क्षण। फुक्ताल पहले एक अज्ञात स्थान हुआ करता था जहाँ शांति और आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति होती थी। फुग्ताल मठ लद्दाख के खूबसूरत परिदृश्य से होती हुई आपकी एक अंतहीन यात्रा होगी और यहाँ का अनुभव किसी सपने के सच होने जैसा। PC: hamon jp

मूडबिदरी जैन मंदिर,कर्नाटक

मूडबिदरी जैन मंदिर,कर्नाटक

कर्नाटक में मूडबिदरी के जैन मंदिर काफी प्रसिद्ध हैं। यहां 600 साल पुराना जैन तीर्थस्थल है।इस स्थान को जैन लोगों की काशी भी कहा जाता है। इस मंदिर को देखने के लिए देश के कई राज्यों से लोग आते हैं। इस मंदिर में कई प्राचीन और बहुमूल्य प्रतिमाएं हैं।PC:Vaikoovery

उखरुल शहर, मणिपुर

उखरुल शहर, मणिपुर

उखरुल शहर मणिपुर के उखरुल डिस्ट्रिक्ट में स्थित है। उखरुल डिस्ट्रिक्ट तांगखुल नागाओं का घर है। यहां की जन-जाति की संस्कृति काफी संपन्न है। साथ ही यहां कई किस्म के जंगली पशु- पक्षियों की प्रजातियां भी पायी जाती हैं। प्राकृतिक दृष्टि से यह स्थान बहुत सुन्दर और संपन्न है।
PC: Ac apam

संदाकफू, दार्जिलिंग

संदाकफू, दार्जिलिंग

दार्जिलिंग में स्थित संदाकफू भारत के ईस्ट में फैला है। दार्जिलिंग समुद्र तल से 3,636 मीटर की ऊंचाई पर बसा एक खूबसूरत शहर है तथा संदाकफू ईस्ट में दार्जिलिंग जिले में है। संदाकफू का मतलब जहरीले पेड़-पौधों से है। संदाकफू की पहाड़ों की चोटियों पर जहरीले एकोनाइट पेड़ पाए जाते हैं। दार्जिलिंग में संदाकफू का सिंगालीला रेंज ट्रैकिंग के लिए फेमस है। इसलिए इसे पैराडाइज ऑफ ट्रैकर्स के नाम से भी जाना जाता है। यहां अनेक खूबसूरत चोटियां हैं जैसे एवरेस्ट, कंचनजंघा, मकालू और ल्ओत्से जो आपको रोमांच से भर देंगी।PC:solarshakti

मट्टुपेट्टी, केरल

मट्टुपेट्टी, केरल

समुद्री तल से 1700 मीटर की ऊंचाई पर बसा हुआ मट्टुपेट्टी दक्षिण भारत के केरल राज्य में स्थित है। मट्टुपेट्टी में चाय के कई बागान हैं। लोग यहां पर बनी झील और बांध पर लोग पिकनिक मनाने आते हैं। मट्टुपेट्टी के अंदर व आस-पास वन ट्रैकिंग करने की सुविधा उपलब्ध है। ये जंगल विभिन्न प्रकार के पक्षियों का घर भी हैं। यहां एक छोटी सी नदी और पानी का स्रोत भी है।PC: Aruna

असकोट, उत्तराखंड

असकोट, उत्तराखंड

यह शहर असकोट पिथौरागढ़ उत्तराखंड राज्य में स्थित है। हिमालय की पहाडियों से सटा यह शहर बहुत ही आकर्षक लगता है। और आपकी जानकारी के लिए बता दे की ,असकोट कस्तूरी मृगों के लिए भी जाना जाता है।इस वजह से ही इन हिरणों की सुरक्षा के लिए यहां असकोट कस्तूरी मृग अभ्यारण का निर्माण किया गया है। देखने पर असकोट पूरी तरह से प्रकृति की गोद से घिरा नज़र आता है।

वेलनेश्वर समुद्र तट,महाराष्ट्र

वेलनेश्वर समुद्र तट,महाराष्ट्र

यूं तो गोवा अपने समुद्री तटों के कारण पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है...लेकिन अगर अप कम भीड़भाड़ और स्वच्छ बीच की तलाश में हैं तो आपके लिए महाराष्ट्र का वेलनेश्वर तट बेस्ट प्लेस है।यह गांव रत्नागिरी से करीब 180 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह समुन्द्र तट नारियल के पेड़ों से घिरा है। इस तट के पास भगवान शिव का एक पुराना मंदिर भी है। वेलनेश्वर आने वाले पर्यटक शिव के इस मंदिर को देखने अवश्य आते हैं।वेलनेश्वर के समुद्र तट पर मोटर नौका का मजा भी लिया जा सकता है,जो एक रोमांचक लम्हों से भरा होता है।
PC: Udaykumar PR

गजनेर वन्यजीव अभ्यारण

गजनेर वन्यजीव अभ्यारण

बीकानेर का गजनेर वन्यजीव अभयारण्य बीकानेर शहर से 32 किलोमीटर दूर स्थित है। एक समय था जब बीकानेर के महाराजा यहां पर शिकार के लिए आते थे। इस जगह की ख़ास बात यह है कि इस अभ्यारण के बीच में एक तालाब है। जहां हमेशा विभिन्न प्रकार की पक्षियों की प्रजातियां देखी जा सकती हैं। भारतीय चीते को सुरक्षित करने के लिहाज से यह अभ्यारण प्रमुख है। यहां पर विभिन्न तरह के जीव- जंतुओं की प्रजातियां जैसे चिंकारा, कृष्णमृग, नील गाय, रेगिस्तानी लोमड़ियों, और जंगली सुअरों को बड़ी संख्या में देखा जा सकता है।शाही गीत गुनगुनानेवाला पक्षी और जलपक्षी जैसे पक्षी बड़ी संख्या में इस अभयारण्य में पाए जाते हैं।PC:Daniel Villafruela.

कैसे पहुंचे बीकानेर

कैसे पहुंचे बीकानेर

हवाईजहाज द्वारा
बीकानेर का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट जोधपुर एयरपोर्ट है..जहां से सैलानी बस या टैक्सी द्वारा आसानी से पहुंच सकते हैं।

ट्रेन द्वारा
बीकानेर का नजदीकी स्टेशन बीकानेर रेलवे जंक्शन हैं..जहां से पर्यटक बस या टैक्सी द्वारा आसानी से इस वन्यजीव अभ्यारण पहुंच सकते हैं।

सड़क द्वारा
पर्यटक बीकानेर सड़क द्वारा भी आसानी से पहुंच सकते हैं..बीकानेर सभी राजमार्गों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। बीकानेर की मुख्य शहरों से दूर
जयपुर- 336 किमी (नेशनल हाइवे 52 और नेशनल हाइवे 11)
दिल्ली-428किमी
जोधपुर-251किमी (नेशनल हाइवे 62)
उदयपुर- 500किमी (नेशनल हाइवे 62)
अहमदाबद- 694 किमी (नेशनल हाइवे 62)

PC: Daniel Villafruela.

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