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2018 में जयपुर लिट्रेचर फेस्टिवल, सूफी महोत्सव जैसे फेस्टिवल्स का हिस्सा बनना कतई ना भूले!

नया साल आ चुका है,हर साल की तरह इस छुट्टियां भी काफी हैं वह भी लॉन्ग वीकेंड्स के साथ। इसी के साथ हर साल की तरह इस साल कई फेस्टिवल्स हैं,जिन्हें आपको मिस नहीं करना चाहिए।

अगर आपको भी घूमने का शौक है, तो आपको अभी से अपने कैलेंडर कुछ खास डेट्स को मार्क कर लेना चाहिए...किसलिए? अरे भाई घूमने के लिए। और ये वह तारीखें हैं, जब भारत के कुछ खास राज्यों में बेहद ही कुछ फेस्टिवल्स आयोजित किये जाते हैं। फेस्टिवल्स के दौरान किसी भी राज्य की संस्कृती को आप अच्छे से जान और समझ सकते हैं।

इसी क्रम में आज हम आपको अपने लेख से बताने जा रहे हैं, पूरे साल भारत में किन खास त्योहारों की धूम होने वाली है, जिन्हें आपको जरुर देखना चाहिये।

जयपुर लिट्रेचर फेस्टिवल

जयपुर लिट्रेचर फेस्टिवल

राजस्थान की राजधानी जयपुर में होने वाले जयपुर लिट्रेचर फेस्टिवल से तो सभी वाकिफ है, यह एक ऐसा फेस्टिवल है, जिसमे देशी ही नहीं बल्कि विदेशी हस्तियां भी शिरकत करने पहुंचती हैं। इस लिट्रेचर फेस्टिवल में आप दुनिया के बड़े बिजनेस मैन से लेकर सिनेमा जगत और खेल जगत के लोगो से रूबरू हो सकते हैं।

कहां है- जयपुर
कब है- 25-29 जनवरी

Pc:U.S. Department of State

विश्व सूफी आत्मा महोत्सव

विश्व सूफी आत्मा महोत्सव

राजस्थान के जोधपुर और नागौर में होने वाला विश्व सूफी महोत्सव में आप भारत के महान लोक गायकों और शास्त्रीय गायकों को एक छत के नीचे सुन सकते हैं..जैसे चार यार,उस्ताद इरशाद खान,मदन गोपाल सिंह आदि।

इस फेस्टिवल की खास बात यह है कि, इसे मेहरानगढ़ किले के अंदर आयोजित किया जाता है..तब आप समझ ही जाइए परफेक्ट सूफी नाइट्स और और खूबसूरत समां...ऐसा खूबसूरत अनुभव आप यहां के अलावा कहीं नहीं ले सकते हैं।

कहां- जोधपुर-नागौर
कब- 12 से 17 फरवरी

कछुए पकड़ने का महोत्सव

कछुए पकड़ने का महोत्सव

आप इसकी सब हैडिंग पढ़कर ही सोच में पढ़ गये होंगे,खैर ये महोत्सव मुंबई से चार घंटे की दूरी पर स्थित हरिहरेश्वर बीच पर मनाया जाता है, जहां आप सैकड़ों की तादाद में चलते हुए छोटे छोटे कछुयों को देख सकते हैं।

कहां- हरिहरेश्वर,महाराष्ट्र
कब- तारीख अभी तय नहीं है(फरवरी-मार्च)

ट्यूलिप फेस्टिवल

ट्यूलिप फेस्टिवल

कश्मीर स्थित श्रीनगर में हर साल ट्यूलिप फेस्टिवल मनाया जाता है, जिसकी तस्वीरें देख किसी का भी मन इस इस फेस्टिवल का हिस्सा बनने को तैयार हो जाये। श्रीनगर स्थित ट्यूलिप गार्डन करीबन 20 लाख से ज्यादा ट्यूलिप के फूलों का घर है। इसके अलावा आप यहां डल झील को देखना कतई ना भूले । इसके साथ ही अगर आपको शॉपिंग पसंद है, तो आप कारगिल और लद्दाख से खूब सारी अच्छी अच्छी खरीददारी भी कर सकते हैं।

कहां- श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर
कब- निश्चित नहीं है (अप्रैल)
Pc: Dllu

हेमिस फेस्टिवल

हेमिस फेस्टिवल

हेमिस त्यौहार लेह से लगभग 45 किलोमीटर के दूरी पर हेमिस मठ के ही परिसर में हर साल बौद्धिक कैलंडर के अनुसार उनके पाँचवे महीने में मनाया जाता है। जो इस बार 23 और 24 जून को मनाया जा रहा है। यह त्यौहार यहाँ के भगवान पद्मसम्भवा(गुरु ऋींपोचे) को समर्पित है। कहा जाता है कि उनके जीवन का बस एक ही लक्ष्य था, लोगों को अध्यात्म से जोड़ने का। यहाँ सबसे बड़ी थॅंका तस्वीर भी है जो आम लोगों के लिए 12 सालों में एक बार प्रदर्शित की जाती है।

इस त्यौहार में सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र होता है, मास्क डांस(नकाब पहन कर नृत्य)। यह मास्क नृत्य मुख्यतः चाम्स द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। यह रंग बिरंगा मेला, जहाँ कुछ सुंदर हस्तकलाओं की भी प्रदर्शनी होती है लोगों को अपनी ओर सबसे ज़्यादा आकर्षित करती है।

कहां- लेह
कब- 23-24 जून

Pc:Madhav Pai

पुष्कर मेला

पुष्कर मेला

राजस्थान में स्थित पुष्कर अपने कई सारे खूबसूरत मंदिर और ब्रह्मा जी के एकलौते मंदिर के लिए विख्यात है। पुष्कर मेला हर साल नवंबर महीने में आयोजित होता है। पुष्कर मेला मुख्यतः एक मवेशी मेला है, विशेष रूप से ऊंटों के लिए..इस मेले में आप भारी तादाद में विदेशियों को भी हिस्सा बनते हुए देख सकते हैं..साथ ही आप कई सारे एडवेंचर एक्टिविटीज का आनन्द भी इस मेले में उठा सकते हैं। इस मेले के दौरान घाट पर होने वाली आरती का हिस्सा बनना कतई ना भूले।

कहां-पुष्कर
कब- 15 से 23 नवंबर

Pc:mantra_man

हॉर्नबिल फेस्टिवल

हॉर्नबिल फेस्टिवल

हॉर्नबिल महोत्‍सव, नागालैंड का सबसे बड़ा वार्षिक महोत्‍सव है जो पूरी दुनिया से पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह महोत्‍सव हर वर्ष के दिसम्‍बर महीने के पहले सप्‍ताह में मनाया जाता है। इस महोत्‍सव को सयुंक्‍त रूप से पर्यटन विभाग और कला व संस्‍कृति विभाग के द्वारा नागा विरासत गांव, किसामा में आयोजित किया जाता है, जो कोहिमा से 12 किमी. की दूरी पर स्थित है। इस समारोह में नृत्‍य प्रदर्शन, शिल्‍प, परेड, खेल, भोजन के मेले और कई धार्मिक अनुष्‍ठान होते हैं। इस महोत्‍सव में शामिल होने वाले पर्यटक अपने साथ अपने घर यहां के नागा जीवन से जुड़े पारम्‍परिक चित्रों, लकड़ी की नक्‍काशी वाले सामानों, शॉल और मूर्तियों को ले जा सकते हैं।

कहां- नागालैंड
कब- 1-10 दिसम्बरPc:ikramjit Kakati

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