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प्लेटफॉर्म पर शेर, वेटिंग रूम में बंदर, टिकट काउंटर पर चीतल व हिरण... ये बल्हारशाह है

रेलवे स्टेशन पर उतरकर मेघा ने जैसे ही फूट ओवरब्रिज की तरफ कदम बढ़ाया, एकदम से चौंक कर उसके कदम जैसे आगे ही नहीं उठे। ओवरब्रिज की सीढ़ियों से घुरता एक बाघ जो उसे दिख गया। मेघा ने नजरें उठाकर आसपास देखा तो वेटिंग रूम की दिवारों पर बंदर और टिकट काउंटर के पास उसे हिरण दिखे। स्टेशन के खंभों पर बैठा मोर भी उसे ही एकटक निहार रहा था। 5 साल की मेघा इन जानवरों को देख मेघा थोड़ी डरी, लेकिन फिर खुशी से झूम उठी। बार-बार जानवरों को छूने के लिए हाथ बढ़ाने लगी।

ballarshah station in maharashtra

मेघा तो छोटी बच्‍ची है लेकिन हम दावे के साथ कह सकते हैं कि महाराष्ट्र के बल्हारशाह स्टेशन पर पहुंचने के बाद आपके अंदर भी एक बचपन जाग उठेगा। आपको बचपन के वो दिन याद आ जायेंगे, जब आप चिड़‍ियाघर गए थे। दरअसल राज्य के चंद्रपुर जिले में स्थित यह स्टेशन नई दिल्ली-चेन्नई मुख्य मार्ग का एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्टेशन है।

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दक्षिण भारत की तरफ जाने वाली हर ट्रेन 15 से 20 मिनट के लिए इस स्टेशन पर जरूर रुकती है। रुकने के पीछे क्या कारण है, वो आप यहां क्लिक कर के पढ़ सकते हैं, लेकिन फिलहाल इस स्टेशन की खासियत के बारे जरूर पढ़ें। अब आप इस स्टेशन पर कब पहुंचेंगे, यह तो पता नहीं, लेकिन हम आपको तस्वीरों के माध्‍यम से इस लाजवाब चिड़‍ियाघर की सैर जरूर करा देंगे। साथ ही हम आपको जानवरों से जुड़े कुछ ऐसे तथ्‍य भी बतायेंगे, जिससे जानवरों से जुड़े आपके सामान्य ज्ञान में 100 प्रतिशत वृद्ध‍ि होने वाली है।

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Save Wildlife का बेहतरीन उदाहरण

बल्हारशाह रेलवे स्टेशन के ओवर ब्रिज पर बाघ, हिरण, बंदर, दिवारों पर चितल, तेंदुआ, मोर और ना जाने कितने ही जंगली जानवरों के पेंटिंग देखने को मिलते हैं। वर्तमान समय में जब जंगलों की अंधाधुन कटाई और जंगली पशुओं की तस्करी की खबरें ही सिर्फ सुनने को मिलती है, ऐसे में यह स्टेशन लोगों को वाइल्ड लाइफ को बचाने, सेव द टाइगर जैसे अभियानों की याद दिलाता है। साथ में यह जंगलों को कटने से बचाना, मौसम परिवर्तन व बायोडाइवर्सिटी जैसी मुद्दों के महत्व को सचित्र समझाता भी है।

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सेव वाइल्‍ड लाइफ का नारा यूनाइटेड नेशंस का है, जिस दिशा में भारत समेत लगभग सभी देश एक जुट होकर काम कर रहे हैं। विश्‍व बैंक समुद्री जीव, जंगलों में रहने वाले जानवर और पेड़ पौधे इस पृथ्‍वी के ईकोसिस्टम को संतुलित करने का काम करते हैं। अगर ये विलुप्त हो गए तो संपूर्ण मानवजाति खत्म हो जाएगी। क्या आप जानते हैं अकेले विश्‍व बैंक ने 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानि करीब 82,97,70,50,000 रुपए।

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क्यों जंगली जानवरों के पेंटिंग से सजा है बल्लारशाह रेलवे स्टेशन

आम तौर पर रेलवे स्टेशन को महापुरुषों, शहीदों या फिर उस शहर में मौजूद ऐतिहासिक धरोहरों की तर्ज पर सजाया जाता है। कुछ स्टेशनों पर बाग-बगीचे भी बनाए जा रहे हैं लेकिन महाराष्ट्र के बल्हारशाह स्टेशन को सिर्फ जंगली पशुओं की पेंटिंग से क्यों सजाया गया है? दरअसल, यह स्टेशन ताडोबा टाइगर रिजर्व की थीम पर सजा हुआ है। महाराष्ट्र के ताडोबा टाइगर रिजर्व जाने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन बल्लारशाह स्टेशन ही है। इस वजह से बल्हारशाह स्टेशन के बाहर इंतजार करता बाइसन दिखेगा तो टिकट काउंटर के पास बंदर।

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टाइगर फैक्टशीट

1. टाइगर यानि बाघ पृथ्‍वी पर करीब 2 मिलियन वर्षों से रह रहे हैं।
2. बीते 150 वर्षों में इनकी संख्‍या में 95% की कमी आयी और अब मात्र 3900 बाघ पृथ्‍वी पर बचे हैं। इसका श्रेय उन शिकारियों को जाता है, जिन्‍होंने अपनी खुशी के लिए बाघों का शिकार किया।
3. पूरे विश्‍व में 3900 बाघों में से करीब 3000 बाघ केवल भारत में हैं। और भारत में बाघों के संरक्षण के लिए प्रोजेक्‍ट टाइगर चलाया जा रहा है।
4. अगर बाघ एक बड़े हिरन का शिकार कर ले तो वो वो उसके लिए एक सप्ताह तक का भोजन होता है।
5. जब बाघ दहाड़ता है तो उसकी आवाज़ करीब 3 किलोमीटर की दूरी तक सुनाई देती है।

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15 मिनट में Explore करें यह स्टेशन

अगर आप कभी उत्तर से दक्षिण या दक्षिण से उत्तर भारत में ट्रेन से सफर करेंगे तो यहां आपकी ट्रेन कम से कम 15 मिनट के लिए जरूर रुकेगी। हमारा सुझाव है, कि एक बार ट्रेन से उतर कर इस स्टेशन के नज़ारे को जरूर देखें। आपको बता दें बल्लारशाह स्टेशन से होकर दिन भर में करीब 170 ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें से 90% ट्रेनें ऐसी होती हैं, जो स्टेशन पर करीब 20 मिनट के लिए रुकती है। यहां पर ट्रेनों के पीछे भी एक वैज्ञानिक कारण है, जिसे पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं।

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साफ सफाई के लिए जाना जाता है यह स्टेशन

इस स्टेशन के कर्मचारी जितना ख्‍याल स्‍टेशन की साफ सफाई का रखते हैं, उससे कहीं बड़ी जिम्मेदारी उन पर ट्रेनों की साफ-सफाई की होती है। जब कोई ट्रेन यहां रुकती है, तो यहां का क्लीनिंग स्टाफ मात्र 15 मिनट में ट्रेन की सफाई, टॉयलेट क्लीनिंग, वॉटर फिलिंग आदि काम पूरा कर लेते हैं। यह आम लोगों के बस की बात नहीं है। इसके लिए भी एक्स्ट्रा स्किल्स चाहिए।

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बेहतरीन स्टेशन है बल्हारशाह

अगर आप भी इस स्टेशन से होकर गुजर रहे हैं और ट्रेन इस स्टेशन पर रुकती है तो एक बार नीचे उतरकर स्टेशन को Explore जरूर करें। इस स्टेशन को अपनी Uniqe कलाकारी की वजह से वर्ष 2018 में भारतीय रेल द्वारा आयोजित सुन्दरीकरण समेत Cleanliness प्रतियोगिता में देशभर में पहला स्थान भी मिला था। हमारा यकिन है कि 20 मिनट में ही आप इस स्टेशन की सुन्दरता को देखकर इस पर मोहित हुए बिना नहीं रहेंगे।

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अब जानवरों से जुड़े कुछ रोचक तथ्‍य और बल्हारशाह स्टेशन की तस्वीरें

आगे आपको प्रत्येक तस्वीर के बाद एक ऐसा रोचक तथ्‍य मिलेगा, जो शायद आपने पहले कभी नहीं पढ़ा होगा।

> चाहे जंगली हो या पालतू, गाय आम तौर पर पूरी जिंदगी में करीब 2 लाख गिलास दूध देती हैं। वहीं पूरी दुनिया में करीब 47 करोड़ कुत्ते हैं। मतलब प्रत्येक 16 इंसानों पर एक कुत्ता इस पृथ्‍वी पर है।

> क्या आप जाते हैं, ऑस्ट्रिच यानि शुतुरमुर्ग की आंख उसके दिमाग से बड़ी होती है। उसकी आंख बिलियर्ड की गेंद के बराबर और दिमाग इंसान की आंख की पुतली के बराबर होता है।

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> बहुत कम लोग जानते हैं कि ड्रैगनफ्लाई एक समय में चारों दिशों में देख सकती है और चमगादड़ के पैरों में अंगूठा भी होता है, जिसकी मदद से वो चीजों को पकड़ता है, ठीक वैसे ही जैसे हम और आप।

> शार्क के अंडे दुनिया में सबसे बड़े अंडे होते हैं, वहीं हाथी का बच्‍चा पैदा होने के ठीक बाद करीब 20 मिनट तक खड़ा रहता है।

> इंसान की गर्दन की औसत लंबाई 10 सेंटीमीटर होती है, जबकि जिराफ की गर्दन एक पूरे इंसान के बराबर यानि कि 6 फुट। लेकिन फिर भी दोनों की गर्दन में मात्र 7 हड्ड‍ियां ही होती हैं।

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> स्टार फिश एक ऐसा जानवर है, जिसके न तो दिमाग होता है और न ही खून। जिस तरह से इंसानों में किसी भी दो इंसानों के फिंगर प्रिंट कभी नहीं मिल सकते हैं, उसी प्रकार किसी भी दो बाघों की काली स्ट्राइप कभी नहीं मिल सकती।

> पूरी दुनिया में केवल हाथी एक ऐसा जानवर है, जो कूद नहीं सकता है। और ऑरेंग्युटन एक ऐसा जानवर है, जिसके 50 प्रतिशत से अधिक हड्ड‍ियां टूटी हुई होती हैं। वो पेड़ से इतना गिरते हैं, कि हड्ड‍ियां टूटना उनके लिए आदत बद जाती है।

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