नीली धारियों वाली भारत की पहली सेमी हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस सिर्फ विमान जैसी ही नहीं बल्कि सुरक्षा के मामले में भी यात्रियों को कई सुविधाएं उपलब्ध करवाती है। आरामदायक यात्रा हो या उच्च गुणवत्ता वाला भोजन, वंदे भारत एक्सप्रेस ने यात्रियों को कभी निराश नहीं किया है।

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से होकर और इसे देश के दूसरे राज्यों से जोड़ने वाली कई वंदे भारत एक्सप्रेस चल रही हैं। कई रूट्स पर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने का प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है।
उत्तर प्रदेश से होकर चलने वाली वंदे भारत और इसके प्रस्तावित रूट के बारे में जानते हैं :-
1. वाराणसी-नई दिल्ली
इस रूट पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस कई मायनो में बेहद खास है। यह वंदे भारत एक्सप्रेस सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस है। यह ट्रेन पहली बार 18 फरवरी 2019 को पटरी पर दौड़ी थी। इस रूट पर चलने वाली दूसरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस जहां 11 घंटा 30 मिनट समय लेती है, वहीं वंदे भारत एक्सप्रेस महज 8 घंटों में नई दिल्ली से वाराणसी पहुंचा देती है। इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस का इतना ज्यादा क्रेज है कि आज तक इस ट्रेन की एक भी सीट खाली नहीं रही है।

सोमवार और गुरुवार को छोड़कर वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस सप्ताह के 5 दिन चलती है। सुबह 6 बजे यह ट्रेन नई दिल्ली से खुलती है जो दोपहर 2 बजे वाराणसी पहुंचती है। दोपहर 3 बजे खुलने वाली वंदे भारत रात को 11 बजे नई दिल्ली पहुंचती है। रास्ते में यह ट्रेन सिर्फ प्रयागराज और कानपुर में रुकती है। इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस के चेयरकार का किराया ₹1,750 और एग्जिक्यूटिव चेयरकार का किराया ₹3,025 है।
2. लखनऊ-गोरखपुर
राजधानी लखनऊ से गोरखपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन इसी साल शुरू हुआ है। इस रूट पर 8 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस चलायी जाती है। लखनऊ से गोरखपुर के बीच की दूरी को तय करने में इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस को करीब 5 घंटे का समय लगता है। गोरखपुर से यह ट्रेन सुबह 6.05 बजे खुलती है जो लखनऊ 10.20 बजे पहुंचती है।
वहीं लखनऊ के चारबाग स्टेशन से यह ट्रेन शाम को 7.15 बजे खुलती है जो रात को 11.25 बजे गोरखपुर पहुंचती है। रास्ते में यह ट्रेन मल्हौर, बाराबंकी, अयोध्या, कटरा, मनकापुर, गोंडा और बस्ती में रुकती है। यह ट्रेन शनिवार को छोड़कर सप्ताह के 6 दिन चलती है। इस रूट पर वंदे भारत के एसी चेयरकार का किराया ₹1,005 और एग्जीक्यूटिव चेयरकार का किराया ₹1,775 है।
3. भोपाल-नई दिल्ली वाया आगरा
भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से नई दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन तक जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस आगरा होकर गुजरती है। यह ट्रेन मध्य प्रदेश से खुलने वाली पहली वंदे भारत एक्सप्रेस है। भोपाल से नई दिल्ली के बीच करीब 700 किमी की दूरी को तय करने में इस ट्रेन को लगभग 7.30 घंटों का समय लगता है। यह समय इस रूट पर चलने वाली सबसे तेज शताब्दी एक्सप्रेस से भी कम है। शनिवार के अलावा यह ट्रेन सप्ताह के 6 दिन चलती है। रानी कमलापति स्टेशन से हजरत निजामुद्दीन के बीच यह ट्रेन वीरांगना लक्ष्मीबाई (झांसी), ग्वालियर, आगरा कैंट स्टेशनों पर रुकती है।

रानी कमलापति से यह ट्रेन सुबह 5.40 बजे खुलती है जो 11.25 बजे आगरा कैंट और 01.10 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचती है। वहीं हजरत निजामुद्दीन से यह ट्रेन दोपहर 2.40 बजे खुलती है। शाम 4.20 बजे आगरा कैंट और 10.10 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुंचती है। रानी कमलापति से हजरत निजामुद्दीन के बीच इस ट्रेन के एसी चेयरकार का किराया ₹1,735 और एग्जीक्यूटिव चेयरकार का किराया ₹3,185 है।
उत्तर प्रदेश के किन-किन रूट्स पर प्रस्तावित है वंदे भारत एक्सप्रेस
1. वाराणसी-झांसी
हाल ही में रानी लक्ष्मी बाई की जन्मभूमि से उनकी कर्मभूमि या यूं कहें उनके ससुराल के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने का प्रस्ताव रेल मंत्रालय के पास भेजा गया है। मिली जानकारी के अनुसार अगर सब कुछ ठीक रहा तो दिवाली के समय से यह ट्रेन पटरियों पर दौड़ सकती है। यह ट्रेन वाराणसी से प्रयागराज, चित्रकूट होते हुए झांसी जाएगी। इस ट्रेन के शुरू होने के बाद बुंदेलखंड के साथ महादेव की नगरी काशी सीधे जुड़ जाएगी।
जानकारी के अनुसार रेल मंत्रालय को भेजे गये प्रस्ताव में इस बात का उल्लेख किया गया है कि रानी लक्ष्मी बाई से संबंधित इन दोनों जगहों की ऐतिहासिकता को ध्यान में रखते हुए इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाया जाए। आम तौर पर इस रूट पर ट्रेन से सफर करने में झांसी से वाराणसी पहुंचने में 12 से 13 घंटों का समय लगता है। उम्मीद की जा रही है कि वंदे भारत के शुरू होने के बाद यह समय घटकर 7 से 8 घंटा हो जाएगा।
2. प्रयागराज-आगरा
प्रयागराज से आगरा के बीच यात्रियों की सहुलियत को ध्यान में रखते हुए एक वंदे भारत एक्सप्रेस को शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इस प्रस्ताव में टूरिज्म के साथ ही यात्रियों के आंकड़ों का भी हवाला दिया गया है। साथ ही प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस को शुरू करना कितना ज्यादा जरूरी है।
बता दें, पर्यटन, धर्म और ऐतिहासिकता के दृष्टिकोण से संगमनगरी प्रयागराज और ताजनगरी आगरा दोनों ही उत्तर प्रदेश का काफी महत्वपूर्ण शहर है। इस ट्रेन के प्रस्तावित रूट के मुताबिक प्रयागराज जंक्शन से खुलने के बाद कानपुर सेंट्रल, इटावा, टूंडला जं होते हुए यह ट्रेन आगरा कैंट पहुंचेगी। इस सफर को तय करने में वंदे भारत को 5 से 6 घंटों का समय लग सकता है।
3. वाराणसी-हावड़ा
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हावड़ा से पटना और रांची के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत की है। वाराणसी से हावड़ा रूट पर भी वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने का प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा गया है। बताया जाता है कि इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस के शुरू होने से यात्रियों को काफी सुविधाएं होंगी। मिली जानकारी के अनुसार वाराणसी-हावड़ा रूट पर वंदे भारत को पटना से भी जोड़ा जा सकता है।



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