महादेव की नगरी काशी, जहां होने वाली मां गंगा की आरती को खासतौर पर देखने के लिए लाखों की संख्या में देसी-विदेशी पर्यटक यहां आते रहते हैं। लेकिन अगले कुछ दिनों तक वाराणसी में मौजूद पर्यटकों को दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती देखने का मौका नहीं मिलेगा।
क्योंकि गंगोत्री सेवा समिति प्रबंधन ने अगले कई दिनों तक वाराणसी में होने वाली प्रसिद्ध गंगा आरती को स्थगित रखने का फैसला लिया है। पर क्यों? कब से फिर शुरू होगी बनारस के दशाश्वमेध घाट की लोकप्रिय गंगा आरती?

दैनिक जागरण की एक मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले की वजह से बनारस में श्रद्धालुओं की इतनी ज्यादा भीड़ उमड़ रही है कि किसी भी अनहोनी का खतरा लगातार बना रह रहा है।
इसलिए अगले 5 फरवरी तक वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती को अस्थायी रूप से स्थगित रखने का फैसला लिया गया है। इस बारे में मीडिया से बात करते हुए दशाश्वमेध घाट पर आरती कराने वाली संस्था गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने कहा कि जब तक भीड़ का प्रवाह काशी में बना हुआ है, तब तक श्रद्धालु गंगा आरती देखने न आएं।
अगर कोई श्रद्धालु विशेष रूप से गंगा आरती देखने के लिए काशी आने की योजना बना रहा है, तो उसे अपनी योजना को अगले कुछ दिनों के लिए टाल देना चाहिए। गंगोत्री सेवा समिति प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गयी है कि वे इस अस्थायी परिवर्तन को समझदारी के साथ स्वीकार करें और धैर्य बनाए रखें।

सिर्फ दशाश्वमेध घाट ही नहीं बल्कि अस्सी घाट व अन्य घाटों पर गंगा आरती करवाने वाली समितियों ने भी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस समय प्रशासन द्वारा दिये गये सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। व्यवस्थाओं में कोई बदलाव या बाधा पहुंचाने की कोशिश न करें।
बता दें, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रयागराज में भगदड़ की घटना के बाद वाराणसी में भी जिले के बाहरी सीमा पर वाहनों को रोक दिया जा रहा है। इससे शहर में जाम की समस्या तो नहीं हो रही है लेकिन इस वजह से श्रद्धालुओं को लंबा सफर पैदल ही तय करना पड़ रहा है। पार्किंग स्पॉट से शहर तक आने-जाने के लिए ऑटो और ई-रिक्शा की व्यवस्था तो की गयी है लेकिन श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या होने की वजह से वाहनों संख्या कम पड़ जा रही है।



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