» »बेहद खास है उदयपुर के पास स्थित राजस्थान की ये ऐतिहासिक जगहें

बेहद खास है उदयपुर के पास स्थित राजस्थान की ये ऐतिहासिक जगहें

Written By: Goldi

राजस्थान में स्थित झीलों का शहर उदयपुर भारत के खूबसूरत शहरों में से एक है।यह अपने शानदार किलों, मंदिरों, खूबसूरत झीलों, महलों, संग्रहालयों, और वन्यजीव अभयारण्यों के लिए प्रसिद्ध है। महाराणा उदय सिंह द्वितीय ने वर्ष 1559 में इस शहर की स्थापना की। यह जगह भारत का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपरा के लिए विख्यात है।

वो गिर जहां रहते हैं खूंखार मगर बेहद खूबसूरत एशियाई शेर

सिर्फ उदयपुर ही नहीं बल्कि उदयपुर के आसपास भी कई ऐसी खूबसूरत जगह है जो आपके वीकेंड और लॉन्ग वीकेंड को बेहद यादगार बना सकते हैं।

आइये कुछ तूफानी किया जाये, क्यों न भारत के इन जंगलों को ही विजिट किया जाये

इसी क्रम में आज हम आपको बताने जा रहे हैं उदयपुर के आसपास स्थित कुछ ऐतिहसिक जगहों के बारे में जहां आपको अपने उदयपुर ट्रिप के दौरान जरुर घूमना चाहिए...तो आइये जानते हैं-

चित्तोड़गढ़ किला

चित्तोड़गढ़ किला

चित्तोड़गढ़ किला भारत के खूबसूरत ऐतिहासिक किलों में से जाना जाता है..चित्तौड़गढ़ किला राजपूत शौर्य के इतिहास में गौरवपूर्ण स्थान रखता है। यह किला 7वीं से 16वीं शताब्दी तक सत्ता का एक महत्वपूर्ण केंद्र हुआ करता था। लगभग 700 एकड़ के क्षेत्र में फैला यह किला 500 फुट ऊंची पहाड़ी पर खड़ा है। यह माना जाता है कि 7वीं शताब्दी में मोरी राजवंश के चित्रांगद मोरी द्वारा इसका निर्माण करवाया गया था। इस दुर्ग की विशालता और ऊंचाई को देखते हुए कहा जाता है कि 'चित्तौड़ का दुर्ग पूरा देखने के लिए पत्थर के पांव चाहिएं।'Pc:Findan

क्या देखें

क्या देखें

इस दुर्ग का विशेष आकर्षण यहां स्थित सात विशाल दरवाजे हैं। किले में कई दर्शनीय स्थल हैं। उनमें से एक है रानी पद्मिनी का महल। यह महल रानी पद्मिनी के साहस और शान की कहानी बताता है। इसकी वास्तुकला अदभुत है। यहां दीवारों पर किए गए चित्र कला का प्रदर्शन मन को मोह लेने वाला है। इस महल में एक कमरा ऐसा भी है जिसमें बड़े-बड़े दर्पण (शीशे) लगे हुए हैं। एक विशाल दर्पण इस तरह से लगा है कि यहां से झील के मध्य बने जनाना महल की सीढियों पर खड़े किसी भी व्यक्ति का स्पष्ट छवी (प्रतिबिंब) दर्पण में नजर आता है।

उदयपुर से चित्तोड़गढ़ की दूरी:117 किमी

कब जायें- राजस्थान में गर्मी काफी रहती है, जिसके चलते पर्यटक इस जगह का दौरा सर्दी और मानसून के समय में कर सकते हैं।

Pc:Jonathan Freundlich

हल्दीघाटी

हल्दीघाटी

उदयपुर से करीब 50 किमी की दूरी पर स्थित हल्दीघाटी एक ऐतिहासिक जगह है। वर्ष 1576 में इस घाटी में मुगल बादशाह अकबर और मेवाड़ राणा प्रताप सिंह के बीच युद्ध हुआ था। हल्दीघाटी अरवाली की पहाड़ियों के बीच स्थित है..हल्दीघाटी का नाम नाम हल्दी से लिया गया है, क्योंकि यहां स्थित सभी पहाड़ पीले रंग के हैं..जिस कारण इसे हल्दीघाटी नाम दिया गया है।Pc:Venkatarangan

क्या देखें

क्या देखें

हल्दीघाटी में पर्यटक महाराणा प्रताप का चेहता घोड़ा चेतक को देख सकते हैं।इसके अलावा यहां मुगल बादशाहों का एक संग्रहालय भी है, जहां उस दौर की तलवारे और एनी हथियार रखे गये हैं। उदयपुर के पास स्थित हल्दीघाटी बेहद ही खूबसूरत जगहों में से एक है।

दूरी- 50 किमी
कब जाएँ- मानसून और सर्दियों के दौरान.... Pc:Dev Vora

कुम्बल्गढ़ किला

कुम्बल्गढ़ किला

अगर आप कभी उदयपुर घूमने जा रहे हैं, तो 85 किमी की दूरी पर स्थित कुम्बल्गढ़ जाना कतई ना भूले...अरावली पहाड़ियों के बीच स्थित कुम्भलगढ़ राजस्थान के महत्वपूर्ण किलों में से एक है। इस किले का निर्माण 15वीं शताब्दी में महाराणा कुंभ ने करवाया था। इस किले में विशाल दीवारे हैं, जोकि करीबन 36 किमी तक फैली हुई है।किले के अंदर कई प्राचीन ,मंदिरों को निहारा जा सकता है।Pc:Sujay25

क्या देखें

क्या देखें

इस किले के अंदर आप सिर्फ महल ही नहीं बल्कि बदल महल को भी देख सकते हैं...इस महल को यह बादल महल नाम इसलिए दिया गया है, क्यों कि यह महल किले की सबसे ज्यादा ऊंचाई पर स्थित है, जहां से दूर दूर तक फैली अरावली घाटी को निहारा जा सकता है।

दूरी- 85 किमी
कब जायें- सर्दियों और मानसून के समयPc:Sujay25

रणकपुर

रणकपुर

रणकपुर उदयपुर से एक घंटे 50 मिनट की दूरी पर स्थित रणकपुर धार्मिक और प्राचीन मन्दिरों के लिए प्रख्यात है।यह पाली का एक छोटा सा जिला है, जोकि उदयपुर और जोधपुर के बीच अरावली पर्वत श्रृंखला के पश्चिम की ओर स्थित है। यह गांव 15 वीं सदी के रणकपुर जैन मंदिर के लिये प्रसिद्ध है, जिसका जैन अनुयायियों के बीच विशेष धार्मिक महत्व है। मंदिर की भव्यता इसके शानदार ऊँचे खंभों में दिखती है। अंतहीन रेगिस्तान की पृष्ठभूमि पर मंदिरों का सौंदर्य मनमोहक है।
PC: michael hoefner

क्या देखे

क्या देखे

मशहूर जैन मंदिर को देखे, इस मंदिर की वास्तुकला और इसके अंदर पाये जाने वाले भित्ति चित्र प्रशंसनीय हैं। इसके अलावा पर्यटक यहां सूर्य नारायण मंदिर को देख सकते हैं...जोकि भगवान सूर्य को समर्पित है..इस मंदिर मंदिर की दीवारों पर खगोलीय पिंडों, घोड़ों और योद्धाओं की नक्काशियाँ यहाँ के मूल निवासियों की कला को दर्शाती है जिन्होंने मंदिर के बहुभुजीय दीवारों का निर्माण किया था। इस मंदिर में भगवान सूर्य को एक रथ पर सवार देखा जा सकता है।

दूरी- 94 किलोमीटर

कब जायें- मानसून और सर्दियों के दौरान.. PC: Shakti

माउंट आबू

माउंट आबू

राजस्थान का एक मात्र हिल स्टेशन माउंट आबू जो गुजरात में हिल स्टेशन की कमी को भी पूरा करता है। इस वेकेशन आप यहाँ आकर अपनी छुट्टियों को यादगार बना सकते हैं।Pc:CorrectKnowledge

क्या देखे

क्या देखे

माउंट आबू अपनी प्राकृतिक सुंदरता, आरामप्रदय जलवायु, हरी भरी पहाड़ियों,नर्म मुलायम हरियाली से ढकीं घाटियां, निर्मल झीलों, वास्तुशिल्पीय दृष्टि से सुंदर मंदिरों और अनेक धार्मिक तीर्थ स्थलों के लिए पूरे विश्व में मशहूर है।

दूरी- 164 किलोमीटर

कब जायें- फरवरी से सितम्बर तक

PC: Chirag mac 84

Please Wait while comments are loading...