ज्ञात हो कि हिंदू धर्म के अनुसार हरिद्वार शब्द का अर्थ है, 'भगवान् तक पहुँचने का रास्ता'। आपको बताते चलें कि हरिद्वार शहर को मायापुरी, कपिला, मोक्षद्वार एवं गंगाद्वार के नाम से भी जाना जाता है। इस शहर का उल्लेख कई प्राचीन हिंदू महाकाव्यों में मिलता है।
यह स्थल पवित्रता का जीता जागता उदाहरण है। यहाँ आकर मानों मन एक दम पवित्र हो जाता है। यहां का शांत वातावरण बस भगवान की भक्ति में लीन हो जाने को तत्पर करता रहता है।आज जहां हरिद्वार धर्म की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है तो वहीं दूसरी तरफ इसे अपने बेहद उम्दा पर्यटन के लिए भी जाना जाता है। तो अगर आप हरिद्वार जाने की प्लानिंग कर रहें है..तो हमारे लेख से जाने कि, आप हरिद्वार में क्या क्या कर सकते है-

हरी की पौड़ी घूमे
हर-की-पौड़ी जो ब्रम्हकुंड के नाम से प्रसिद्ध है, हरिद्वार के सर्वाधिक पवित्र एवं प्रसिद्ध स्थल के रूप में जाना जाता है। यह वह स्थान है जहाँ गंगा नदी पहाड़ों को छोड़ने के बाद मैदानों में प्रवेश करती है। हर-की-पौड़ी का निर्माण प्रसिद्ध राजा विक्रमादित्य द्वारा अपने भाई ब्रिथारी की याद में करवाया था, जो गंगा नदी के घाट पर बैठ कर ध्यान किया करते थे।PC:Kprateek88

गंगा में लगाये डुबकी
हर की पैड़ी हरिद्वार का प्रमुख घाट है। जिसमे हर साल श्रद्धालु उत्सवों में यहाँ आकर स्नान करते हैं। कहा जाता है कि यहाँ डुबकी लगाने से सारे पाप धुल जाते हैं।PC: Ekabhishek

गंगा आरती
अगर आप हरिद्वार में हैं तो गंगा आरती को जरुर देखे..गंगा आरती के दौरान श्रद्धालु आरती के बाद गंगा में दीप बहाते हैं। अगर आपको फोटोग्राफी का शौक है...तो अपने उस शौक को आप यहां पूरा कर सकते हैं। गंगा आरती शाम 7 बजे शुरू होती है..जिसे देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ शाम पांच बजे ही होना शुरू हो जाती है।PC:Ekabhishek

मनसा देवी मंदिर
मनसा देवी मंदिर बिलवा पहाड़ी पर स्थित है जहाँ तक पहुँचने के लिए पैदल रास्ता तो है ही लेकिन रोपवे (उड़न खटोला) आदि की भी अच्छी व्यवस्था की गई है। यहाँ अधिकतर पर्यटक पहुँचते हैं क्यूंकि इसकी महत्ता बहुत अधिक है। PC: Ekabhishek

चंडी देवी मंदिर
चंडी देवी मंदिर नील पर्वत पर बना हुआ है जिसकी ऊंचाई की वजह से यहाँ रोपवे की भी व्यवस्था की गई है। अगर आप यहाँ पैदल के बिना रोपवे से जाना चाहते हैं तो इसका लुफ्त भी उठा सकते हैं।PC:World8115

शिव मूर्ति को निहारे
गंगा नदी के किनारे 100 फीट की महादेव की मूर्ति भी देखी जा सकती है।PC: Ekabhishek

खानपान
आज हरिद्वार जहां एक तरफ अपने पर्यटन के लिए जाना जाता है तो वहीँ यहां खाने खासतौर से मिठाई के लिए भी जाना जाता है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो ये शहर उनके लिए है जो मिठाई के शौक़ीन हैं। तो अब यदि आप हरिद्वार में हैं तो यहां का खास शुद्ध शाकाहारी खाने का स्वाद लेना न भूलें।

अचार खरीदे
अगर आप आचार खाने के शौक़ीन है तो अप हरी की पौड़ी से बाहर की ओर निकलते हुए एक कार्नर में आप अचार का बाजार देख सकते हैं..यहां आप आम से लेकर निम्बू मिर्च,आंवला आदि का अचार खरीद सकते हैं...

शॉपिंग
हरिद्वार उनके लिए भी एक बेहतरीन जगह है जो शॉपिंग में ख़ासी दिलचस्पी रखते हैं। यदि आपको हरिद्वार में रहते हुए शॉपिंग करनी है तो आप मोती बाजार या अपर रोड की यात्रा अवश्य करें। आपको बता दें कि इन जगहों पर चीजें आपको थोड़ी महंगी मिलेंगी तो अगर आपको मोल भाव करना आता है तभी आप इन स्थानों पर आएं। यहां शॉपिंग की एक ख़ास बात ये है कि यहां आपको मिट्टी और पत्थरों की बानी हुई कई खूबसूरत मूर्तियां भी मिलेंगी।

गंगा का पानी ले
जैसे ही आप हरी की पौड़ी से बाहर निकलेंगे तो आप एक बाजार देख सकते हैं..जहां रंग बिरंगी बोतल के अलावा प्रसाद और रुद्राक्ष की माला आदि खरीदी जा सकती है। गंगा जल लेने के लिए आप इन मार्केट्स से बोतल आदि खरीद सकते हैं।

कैसे जाएँ
यात्री वायुमार्ग, रेलमार्ग या रास्ते द्वारा हरिद्वार पहुँच सकते हैं।
हवाईजहाज द्वारा
इस स्थान का सबसे निकटतम घरेलू हवाई अड्डा जॉली ग्रांट हवाई अड्डा है जो लगभग 20 किमी दूर स्थित है।
रेलवे स्टेशन
सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन हरिद्वार रेलवे स्टेशन है, जो भारत के सभी मुख्य शहरों से जुड़ा हुआ है।
सड़क मार्ग द्वारा
यह स्थान देश के अन्य हिस्सों से कई निजी एवं राज्य परिवहन की बसों द्वारा जुड़ा हुआ है। नई दिल्ली से कई डीलक्स पर्यटक बसें लगातार हरिद्वार के लिए चलती हैं।PC: Sanatansociety
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