राजधानी दिल्ली स्मॉग के चादर से लिपटी हुई है। इस वजह से दृश्यता में कमी आने के साथ-साथ ही लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में भी लगातार जलन महसूस हो रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह 7 बजे दिल्ली के आनंद विहार, अशोक विहार, द्वारका, जहांगीरपुरी और रोहिणी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया।
प्रदूषण से बचने के लिए लोगों को N-95 मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है। लेकिन समस्या यह है कि हर समय मास्क लगाए रखना न तो संभव है और यह नुकसानदायक भी है। वहीं दूसरी तरफ हवा में घुला जहर लोगों को सांस लेना दूभर बनाता जा रहा है।

कैसा रहेंगे अगले कुछ दिन?
पर्यावरणविदों और मौसम विशेषज्ञों की मानें तो अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में प्रदूषण का स्तर ज्यों का त्यों बना रहेगा। मिली जानकारी के अनुसार 5 से 7 नवंबर तक भी प्रदूषण का स्तर बेहद खराब रहने वाला है। इसके बाद अगले कम से कम 6 दिनों तक दिल्ली की हवा में घुले जहर का स्तर गंभीर ही बने रहने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार हवाओं की गति कम रहने की वजह से भी प्रदूषण के स्तर में कोई सुधार नहीं हो रहा है। मंगलवार को 5 से 15 किमी, बुधवार (6 नवंबर) को 6 से 12 किमी और 7 नवंबर (गुरुवार) को 5 से 15 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा बहेगी।
बता दें, दिल्ली की हवा का स्तर खराब होने के पीछे दिवाली की रात को जलाए गये पटाखों के धुएं के साथ-साथ आसपास के राज्यों में किसानों द्वारा खेतों में लगातार पराली जलाने की घटनाएं भी समान रूप से जिम्मेदार मानी जा रही हैं।

दिल्ली-NCR में कहां-कितना है AQI?
| दिल्ली-NCR का इलाका | AQI |
| आनंद विहार | 457 |
| अशोक विहार | 418 |
| मुंडका | 466 |
| डीआईटी | 442 |
| द्वारका | 404 |
| जहांगीरपुरी | 440 |
| रोहिणी | 401 |
| चांदनी चौक | 317 |
| आईटीओ | 343 |
| अलीपुर | 391 |
| लोधी रोड | 320 |
| करणी सिंह शूटिंग रेंज | 390 |
| नोएडा सेक्टर 62 | 345 |
| गुरुग्राम सेक्टर 51 | 283 |
| विकास सदन | 324 |
| लोनी | 400 |
| इंदिरापुरम, गाजियाबाद | 269 |
| वसुंधरा | 353 |
कृत्रिम बारिश पर हो रहा विचार
दिल्ली में छाए प्रदूषण की मोटी परत के बारे में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय का कहना है कि हवा की गति के कारण ही दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को प्रदूषण को रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक दिल्ली सचिवालय में बुलायी गयी है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक में विंटर एक्शन प्लान की घोषणा के बाद विभागों द्वारा किये गये कार्यों की समीक्षा की जाएगी। वहीं पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने उम्मीद जतायी है कि दिल्ली में कृत्रिम बारिश कराने के संबंध में केद्र सरकार बैठक बुलाएगी। अगर ऐसा नहीं होता है तो वह केंद्र सरकार से संपर्क करेंगे।

कैसे होती है कृत्रिम बारिश?
कृत्रिम बारिश को Cloud Seeding भी कहा जाता है। इसकी सफलता मौसम की प्रतिकूलता पर निर्भर करता है। अगर हवा में कम से कम 50% नमी होती है और सभी आवश्यक शर्तें पूरी होती हैं तो प्राकृतिक बादलों की तरह ही कृत्रिम बादल भी बारिश करवा सकते हैं जिससे हवा साफ होगी और वायु की गुणवत्ता में सुधार भी आएगा। इसका असर करीब 1 सप्ताह तक बना रह सकता है। हवा में रासायनिक यौगिकों का छिड़काव कर नमी के कणों को एकत्र किया जाता है। इससे बादल बनते हैं और बारिश होती है। वर्ष 2008 में बीजिंग ओलंपिक्स के समय भी प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए चीन ने क्लाउड सीडिंग के जरीए कृत्रिम बारिश करवायी थी।



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